हरियाणा: एक सादगी भरे और आध्यात्मिक माहौल में, हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर संजनानंद गिरी से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी प्रस्तावित अखिल भारतीय चतुष्पथ यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं और पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
सनातन धर्म के प्रति समर्पित यात्रा
महामंडलेश्वर संजनानंद गिरी ने इस यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि यह सनातन धर्म की स्थापना एवं जन जागरूकता को समर्पित होगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता को सुदृढ़ करना तथा समाज में एकता और सौहार्द को बढ़ावा देना है।

आध्यात्मिक जागरूकता की यात्रा
यह पवित्र यात्रा गुवाहाटी स्थित कामाख्या पीठ से आरंभ होगी, जो महामंडलेश्वर संजनानंद गिरी का मातृस्थल है। पहले चरण में यह यात्रा जोधपुर तक पहुंचेगी, जबकि दूसरे चरण में तमिलनाडु के रामेश्वरम से प्रारंभ होकर कश्मीर स्थित आदि शंकराचार्य मंदिर पर समाप्त होगी। यह यात्रा भारत के 72 प्रमुख शहरों से गुजरेगी और धार्मिक एवं पर्यावरण संरक्षण की चेतना को जागृत करेगी।
ऐतिहासिक नेतृत्व
महामंडलेश्वर संजनानंद गिरी इस ऐतिहासिक यात्रा का नेतृत्व करने वाली पहली महिला संत होंगी। उन्होंने आदि शंकराचार्य द्वारा प्रारंभ की गई चतुष्पथ यात्रा को पुनः संपन्न करने का संकल्प लिया है। यह यात्रा धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राजनीतिक और सामाजिक समर्थन
यात्रा की सफलता सुनिश्चित करने के लिए महामंडलेश्वर संजनानंद गिरी विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों से मुलाकात कर रही हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ उनकी भेंट इसी कड़ी का एक हिस्सा थी। यात्रा के मीडिया सलाहकार श्री दुष्यंत प्रताप सिंह ने बताया कि आगे उन सभी राज्यों के प्रशासनिक प्रमुखों से मुलाकात की जाएगी, जिन राज्यों से यह यात्रा गुजरेगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी समर्थन प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।
समाज का व्यापक समर्थन
श्री दुष्यंत प्रताप सिंह ने बताया कि इस यात्रा को समाज के विभिन्न वर्गों से अपार समर्थन मिल रहा है। यह आध्यात्मिक अभियान भारतीय संस्कृति और परंपराओं को मजबूत करेगा तथा एकता, शांति और सौहार्द का संदेश प्रसारित करेगा। इस यात्रा के माध्यम से ‘एक भारत, दिव्य भारत, अखंड भारत’ की संकल्पना को साकार करने का प्रयास किया जाएगा। समाज के हर वर्ग को इस यात्रा से जोड़ने का उद्देश्य है, जिससे सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।









