जोनस्तरीय निरंकारी महिला सन्त समागम सम्पन्न
सबमें एक ही परमात्मा का निवास है: डॉ. प्रवीण खुल्लर
तेजस टूडे ब्यूरो
जितेन्द्र सिंह चौधरी
वाराणसी। एक नूर है सबके अन्दर नर है चाहे नारी है। सबमें एक ही परमात्मा का निवास है। आत्मा ही परमात्मा है। हमें आत्मिक स्तर पर सबसे प्यार करना है सबका सत्कार करना है। यही निरंकारी मिशन का रूहानियत का सन्देश है। उक्त उद्गार आज मलदहिया स्थित निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित एक विशेष विशाल ज़ोन स्तरीय निरंकारी महिला सन्त समागम को सम्बोधित करते हुए दिल्ली से पधारी केन्द्रीय निरंकारी ज्ञान प्रचारिका डॉ. प्रवीण खुल्लर ने व्यक्त किया।
डॉ. खुल्लर ने कहा कि यहां हज़ारों की संख्या में हम सब बैठे हैं। ये हज़ारों शरीरें हैं मगर इनमें हज़ारों आत्माएं नहीं हैं। सबमें एक ही आत्मा है, क्योंकि आत्मा ही परमात्मा है और परमात्मा एक ही है। जैसे अनेकों कन्टेनरों में समुद्र का एक ही पानी भरा हो तो वह समुद्र का पानी सभी कन्टेनरों में एक ही होता है, उसी तरह आत्मा या परमात्मा एक ही सत्ता का नाम है। हमें द्वैत भाव में नहीं पड़ना है। हरगिज़ भ्रमित नहीं होना है। सबमें एक ही नूर देखकर एकत्व के सूत्र में बंधे रहना है।
डॉ.खुल्लर ने आगे कहा कि महिलाएं तप-त्याग की मूर्ति होती हैं। भले वह रिश्ते में मां, बहन, बेटी, देवरानी या जेठानी आदि हों पर निरंकारी परिवार में तो इनका रिश्ता सद्गुरु के गुरसिख का होता है। आज हमारे सतगुरु भी नारी रूप में समयानुसार प्रकट हैं सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज। डॉ. खुल्लर ने अन्त में कहा कि चिन्ता चिता समान होता है। हमें चिन्ता से दूर रहकर सभी आश्रमों के सरताज गृहस्थ आश्रम की सभी ज़िम्मेदारियों को निभाते हुए घर को गुरमत के माध्यम से स्वर्ग बनाना है। केवल ज्ञान लेने से मुक्ति नहीं होती, बल्कि ज्ञान को जीवन मे धारण करने से जीते जी मोक्ष होता है। जहां मैं व मेरा है वहां क्लेश होता है जहां तूँ व तेरा का भाव होता है। वहीं जन्नत है स्वर्ग है। स्वयं की अनुभूति ही ज्ञान है और यह ज्ञान किसी भेदी (सतगुरु)द्वारा ही प्राप्त होता है।
उन्होंने आये समस्त महिला सन्तों का आह्वान करते हुए कहा कि सतगुरु ने हमें इस घोर कलियुग में अनमोल दात प्रदान किया है। हम इसकी कद्र करें।हमें अपनी हर प्रकार की हस्ती मिटाकर अपनी मॉनिटरिंग करते हुए सतगुरु के इस विशाल परिवार का सदस्य बनकर इस सत्य का प्रचार-प्रसार करते हुए अपना, समाज व विश्व का कल्याण करना है।
इस अवसर पर सन्त निरंकारी मण्डल के वाराणसी ज़ोन के जिलों वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, मिर्ज़ापुर व सोनभद्र से हज़ारों की संख्या में निरंकारी भक्त महिलाएं पहुचीं। समागम की सारी कमान निरंकारी महिला एवं पुरुष सेवादल ने संभाला। कार्यक्रम संचालन, वाद्य यंत्र बजाने से लेकर गीत, विचार व कविताओं की प्रस्तुतिकरण भी नारी शक्ति ने ही किया। भक्त महिलाओं की भारी संख्या को देखते हुए कई स्क्रीन डिस्प्ले भी लगाए गए भक्तिमय वातावरण के साथ यह समागम हर्सोल्लास सम्पन्न हुआ। ज्ञातव्य हो कि हर वर्ष यह महिला निरंकारी समागम आयोजित किया जाता है जिससे महिलाओं में आध्यात्मिक संस्कार रोपित हो सके।
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