इको टूरिज्म पार्क रपड़ी बना पर्यटन का बड़ा केन्द्र

इको टूरिज्म पार्क रपड़ी बना पर्यटन का बड़ा केन्द्र

अल्प समय में ही बन गया पर्यटन का एक केन्द्र
प्रकृति प्रेमी पहुंचकर हो जाते हैं मंत्र—मुग्ध
तेजस टूडे ब्यूरो
आशीष पचौरी/राजेश द्विवेदी
शिकोहाबाद, फिरोजाबाद। यदि आप प्रकृति, पर्यावरण, जंगल, नदी एवं जैव विविधताओं से प्रेम करने वाले हैं तो आप निश्चित रूप से शिकोहाबाद नगर से 18 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग द्वारा बनाए गए रपड़ी इको पार्क में जाकर आप प्रकृति का सच्चा आनंद उठा सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए जिले के वन विभाग ने इसकी पूरी देख—रेख की जिम्मेदारी संभाल रखी है। यदि आप प्रकृति प्रेमी पर्यटक है तो आप किसी अभ्यारण में जाने की जरूरत नहीं है। आप शिकोहाबाद से बटेश्वर मंदिर जाने वाले मार्ग पर रपड़ी गांव के सामने से एक किलोमीटर दूर अंदर यमुना नदी के किनारे इस इको पार्क में पहुंचकर क्षेत्र के भ्रमण का पूरा आनंद ले सकते हैं।
इको पार्क में जाकर पाया करीब 194 लाख रुपए से प्रदेश के पर्यटन मंत्री ने जयवीर सिंह ने इस क्षेत्र के पर्यटन एवं प्रकृति प्रेमियों के लिए एक उपहार दिया है जो वर्षों तक जीवंत रहेगा। पत्र प्रतिनिधि ने पाया कि यमुना के किनारे गहरे बीहड़ के बीच एक कच्ची सड़क से गुजरते हुए जब इस इको पार्क में पहुंचते हैं। वन क्षेत्र की विविधताओं का दर्शन पहले मंत्र मुक्त कर देता है। जैसे ही इको पार्क के गेट पर पहुंचते हैं तो वहां तमाम निर्देश के साथ शिलालेख लगे हुए हैं जिस पर शिलान्यास 25 दिसंबर 2023 एवं उसका उद्घाटन 16 फरवरी 2024 का शिलालेख लगा हुआ है। वन विभाग द्वारा यहां कई निर्देश दिए गए हैं जिससे इस जंगली क्षेत्र में आग न लग सके आग से बचाव के लिए भी यहां पर प्रबंध रखे गए हैं।
माचिस एवं ज्वलनशील पदार्थ लाना यहां प्रतिबंधित है। जंगल एवं यमुना नदी के किनारे बने इस इको पार्क में दो अच्छे आवासीय सूट बनाए गए हैं। यहां कोई भी प्राकृतिक प्रेमी निर्धारित शुल्क देकर रुक सकता है। कुल मिलाकर यहां पर्यावरण एवं प्रकृति का जो संगम मिलता है, उसे देखकर सभी लोग मंत्र मुक्त हो जाते हैं। यहां जमुना के किनारे नौका विहार के लिए भी एक घाट बनाया गया है। इसके सहारे नौकायन के प्रेमी लोग निर्धारित शुल्क देकर नौका विहार करते हैं। पक्षियों के कलरव के बीच वन क्षेत्र में रुकना प्रकृति का अद्भुत एवं रोमांच भरा पल होता है।
वन विभाग के अधिकारी श्री परमार बताते हैं कि यहां जंगली जानवर का कोई भय नहीं है। यहां दिनों दिन पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। दिन के समय जनपद एवं आस—पास के लोग अपनी गाड़ियों से यहां आते हैं एवं प्रकृति का सच्चा सुख पाते हैं। पार्क के संरक्षण के लिए वन विभाग के लोग हमेशा सजग हैं। यहां तक पहुंचाने के लिए हमारे प्रतिनिधि को 1 किलोमीटर लंबे कच्चे मार्ग से गुजरना पड़ा पर्यटन विभाग। यदि इस सड़क का शीघ्र डाबरी कारण करके पक्की कर दे तो यहां पहुंचने वाले यात्रियों को काफी आराम रहेगा।
बताते हैं कि यहां पक्का मार्ग बनना तय है लेकिन अभी तक कार्यदाई संस्था ने अपना काम शुरू नहीं किया है। यहां तक पहुंचाने के लिए पक्का मार्ग बन जाएगा तो शहर के कोलाहल से दूर प्रकृति का सच्चा सुख उठाने वाले लोग यहां पहुंचेंगे जिससे पर्यटन विभाग का मकसद भी पूरा होगा और बटेश्वर जाने वाले अधिकांश यात्री इस इको पार्क में कुछ पल गुजार कर अपने को प्रकृति के करीब पाएंगे।

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