बजट के अभाव में भरपेट चारा भूसा को तरस रहे गौवंश
ग्राम पंचायत अन्ना मवेशियों को छोड़ने पर मजबूर, किसानों की फसलें कर रहे चौपट
रंजीत सिंह
मुहम्मदाबाद, जालौन। मुख्यालय से महज चार किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मुहम्मदाबाद में संचालित अस्थाई गौशाला में चारा भूसा को मवेशी तरस रहे हैं। यहां गौवंश के सरंक्षण के दावे फेल हो रहे हैं। बजट की कमी के चलते गौवंशों की अनदेखी की जा रही है। गौवंशों को खाने के लिए सूखा भूसा भी पर्याप्त नहीं दिया जा रहा है। भरपेट चारा नहीं मिलने से पशु कमजोर हो गए हैं और कई असमय दम तोड़ रहे हैं। फिलहाल यहां एक सौ पैंतालीस गौवंश हैं जिनको भरपेट चारा भूसा देने का कोई इंतजाम नहीं है। इससे ग्राम पंचायत उन्हें छुट्टा छोडऩे पर मजबूर है। जानवरों को छोड़ देने से किसानों की रात की नींद खराब हो गई है। रात रात भर जाग कर भी किसान अपनी फसलों को नहीं बचा पा रहे हैं। डकोर विकास खंड के ग्राम मुहम्मदाबाद में संचालित अस्थाई गौशाला बजट के अभाव में गौवंशों के संरक्षण के दावों की पोल खोल रही है। यहां के चौकीदार कल्लू बरार कहते हैं कि गौवंशों के लिए गौशाला में कोई सुविधा नहीं है। दो महीने से यहां भूसा है ही नहीं और सूखा पैरा है, वह भी अब खत्म हो रहा है। पशुओं को इतना दे रहे हैं कि उनकी सासें चलती रहें। गौशाला पंचायत के माध्यम से संचालित हो रही है। कल्लू ने बताया कि पंचायत सचिव का कहना है कि शासन से मिलने वाला बजट नाकाफी है और तीन महीने से बजट मिल ही नहीं रहा इसलिए गौवंश को भूखा रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि उसका मानदेय भी छह महीने से यही कहकर नहीं दिया गया कि बजट नहीं आ रहा है।
एक दिन में 10 रुपये का आहार
ग्राम पंचायत मुहम्मदाबाद के सचिव रोहित कुशवाहा का कहना है छह माह से पंचायतों को बजट नहीं आ रहा है जिसके कारण व्यवस्था बिगड़ी है। साथ ही एक मवेशी के लिए एक दिन में दस रुपए का आहार देने की सरकारी व्यवस्था है जो कम है। दस रुपए किलो तो भूसा मिलता है। गौशाला में पशु रखे जा रहे हैं लेकिन उनकी सुविधाओं के लिए बजट नहीं दिया जा रहा है। हम उधारी लेकर जितना होता है खिला रहे हैं। तीन महीने से तो स्थिति बहुत खराब है।
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