बदायूं के चर्चित पोस्टमार्टम काण्ड में स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर सीएमओ निलम्बित
अंकित सक्सेना
बदायूं। जनपद के चर्चित पोस्टमार्टम प्रकरण में बड़ी कार्यवाही अमल में लाई गई है। जनपद के सीएमओ डॉ प्रदीप वार्ष्णेय को स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है। पोस्टमार्टम के दौरान मृत महिला के शव की आंखें गायब होने के मामले में दो डॉक्टर पहले से ही जेल में हैं। अब इस कार्यवाही से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप गया है। बता दें कि मामला थाना मुजरिया क्षेत्र के रसूला गांव का था। यहां एक विवाहिता की दहेज के लिए ससुरालियों ने हत्या कर दी थी। पुलिस ने सूचना के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमॉर्टम के पश्चात मायके पक्ष को मृतका विवाहिता के शव को सौंपा गया। परिजन जब मृतका पूजा के शव को पोस्टमॉर्टम हाउस से लेकर गांव पहुंचे तो उनके होश उड गए। शव की दोंनो आंखें गायब थीं। मामले की शिकायत डीएम से की गई। इसके बाद डीएम के निर्देश पर पैनल द्वारा दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया। बुधवार को थानाध्यक्ष सिविल लाइंस गौरव विश्नोई द्वारा डा. मौहम्मद उवैश सीएचसी कादरचौक और डा. मौहम्मद आरिफ हुसैन टीवी क्लीनिक जिला अस्पताल बदायूं को दोषी पाए जाने पर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वहीं सीएमओ पर शासन की गाज गिर गई। उन्हें भी इस प्रकरण में दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है।
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