व्यक्ति को सरल—सीधा—विनम्र होना चाहिएः मुनी प्रणम्य सागर
श्री 108 मज्जिनेन्द्र बेदी प्रतिष्ठा एवं कलशा रोहण महामहोत्सव का हुआ आयोजन
रूपा गोयल
बांदा। श्री 108 मज्जिनेन्द्र बेदी प्रतिष्ठा एवं कलशा रोहण महामहोत्सव के पहले दिन सुबह घट यात्रा निकली उसके उपरांत झंडा चौराहा स्थित कार्यक्रम स्थल में मुनि श्री 108 प्रणम्यं सागर महाराज के प्रवचन हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति को सरल सीधा विनम्र होना चाहिए। मर्यादा शील होना चाहिए। मर्यादा के लिए उन्होंने भगवान श्री राम का उल्लेख किया कि पिता के बचनों की मर्यादा बनाये रखने के ही श्रीराम ने 14 वर्ष का वनवास काटा।
महाराज श्री ने कहा कि अच्छे कर्म करना चाहिए। किसी के भी प्रति राग द्वेष का भाव नहीं रखना चाहिए। अच्छा करोगे तो अच्छा ही होगा। बेदी प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में क्षुललक 105 श्री सविनय सागर महाराज, छुल्लक 105 अनुनय सागर जी महाराज, छूल्लक 105 श्री समन्वय सागर जी महाराज उपस्थित रहे।
इसके उपरांत पूजा विधान हुआ इंद्र इंद्राणी, कुबेर, सौधर्म इंद्र बनकर भगवान के गुणों की महिमा पढ़ी ओर पूजा बिधान किया, विधान में विधान के समापन के बाद इंद्राणी इंद्राणी, कुबेर, अष्ट कुंवारिया कार्यक्रम स्थल झंडा चौराहा से शोभायात्रा के साथ कटरा जैन मंदिर पहुंचे शोभायात्रा में इंद्र इंद्राणी रथ में सवार होकर भगवान की स्तुति करते हुए कटरा मंदिर पहुचे और नवीन जैन मंदिर की वेदी शुद्धि का कार्यक्रम हुआ। वेदी शुद्धि का कार्यक्रम जबलपुर से आये प्रतिष्ठाचार्य शुभम जैन ने संपन्न कराया। शाम को गुरु भक्ति, मंगल आरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए सौधर्म इंद्र इंद्राणी बनने का सौभाग्य अंकित नेहा जैन, कुवेर इंद्र बनने का सौभाग्य एवं मनोज मंजरी जैन यज्ञ नायक बनने का सौभाग्य मिला। इस अवसर पर सनत कुमार, विनोद जैन, श्राविका, श्रेस्ति, नयन, आकांक्षा, अष्ट कुंवारी में सुहानी जैन, सृष्टि जैन, आस्था जैन आदि उपस्थित रहे।

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