हमारा जीवन प्रकृति का सुन्दरतम उपहार: प्रदीप
जयेश बादल
ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय में आजादी के अमृत महोत्सव के आयोजनों की श्रंखला में पर्यावरण संरक्षण विषय पर एक संगोष्ठी एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड सदस्य प्रदीप चौबे, प्रबन्ध समिति अध्यक्ष शरद खैरा, भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार जैन, प्राचार्य डॉ. अवधेश अग्रवाल एवं संस्कृत विभागाध्यक्ष डाॅ. ओमप्रकाश शास्त्री ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन करके किया।
मुख्य अतिथि सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने कहा कि आज के समय में प्रत्येक मानव का कर्तव्य बनता है कि वह वृक्ष लगाये और उसकी देखरेख अपने बच्चों की तरह करें जिससे वह वृक्ष आगें चलकर बढ़े हो तो उससे स्वच्छ छाया, हवा व लकड़ी मिलेगी। जिससे लोगों को एक नया जीवनदान मिलेगा। इस मौके पर उन्होंने अपील की कि कम से कम एक वृक्ष जरूर लगायें जिससे हरियाली महोत्सव का सपना साकार हो सके।
बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड सदस्य नेमवि प्रबन्धक प्रदीप चौबे हमारा जीवन प्रकृति का सुन्दरतम उपहार है। मानव और प्रकृति के बीच अटूट सम्बन्ध रहा है। उन्होंने कहा कि धरती माता को जीवन्त बनाने के लिए जरूरी मुख्य तत्वों में वृक्ष व पानी आवयक हैं। वृक्ष से पानीए पानी से अन्न तथा अन्न से जीवन मिलता है। जीवन को परिभाषित करने के लिए जीव व वन दोनों जरूरी है।
प्रबन्ध समिति अध्यक्ष शरद खैरा ने कहा कि वृक्ष ही सृष्टि का ऐसा घटक है जो पर्यावरण को समग्रता एवं पूर्णतः प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह बताने की आवयकता नहीं है कि विश्व के भूगोल में वसुन्धरा ने अपनी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए वृक्षों को बहुत महत्व दिया है लेकिन हमारी विनाशकारी विकास ने पेड़ को तुच्छ समझकर पर्यावरण संकट पैदा कर दिया है।
प्रबन्ध समिति के उप मंत्री हरदयाल सिंह लोधी ने कहा कि दो की समृद्धि में वृक्षों का अपूर्व योगदान है। यह आर्थिक उन्नति के साधन है इसलिए नागरिक का पावन कर्तव्य है कि वृक्षों को लगाकर पृथ्वी के आंचल को हरा भरा बनायें। मानव की खुशहाली व अमन चैन की प्राप्ति होगी।
नेमवि प्राचार्य डाॅ. अवधेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार द्वारा पयार्वरण संरक्षण हेतु व प्रदूषित मुक्त समाज बनाने हेतु अभियान चलाया जा रहा है। इस पुनीत पर्व की सफलता हेतु प्रत्येक नागरिक और छात्र छात्राओं का कर्तव्य बनता है कि इस अभियान के भागीदार बनकर व अन्य लोगों को प्रेरित कर राष्ट्र निमार्ण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
संस्कृत विभागाध्यक्ष डाॅण् ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि विश्व में पर्यावरण के असंतुलन से मानव जीवन को गंभीर खतरा हो गया है। यदि समय रहते चेतना नहीं आयी तो पृथ्वी पर प्रलय आ जायगी। सृष्टि के संतुलन एवं पर्यावरण संरक्षण के वृक्ष लगाना आवयक हैं। उन्होंनेे कहा कि प्राकृतिक तत्वों के संरक्षण एवं प्रकृति के अनुकूल आचरण से पयार्वरण शुद्ध होगा।
संगोष्ठी के बाद नेहरू महाविद्यालय के कृषि छात्रावास के पास वृहद वृक्षारोपण किया गया जिसमें सागौन, पाखड़, तुलसी, आंवला के लगभग 150 पौधे रोपित किए गए।
इस अवसर पर सदर विधायक रामकुमार कुशवाहा, अध्यक्ष शरद खैरा, समिति उपाध्यक्ष विलास पटैरिया, वरिष्ठ सदस्य बब्बूराजा बुन्देला, जगदीश सिंह लोधी, गुलाम मुहम्मद गामा, हरीराम निरंजन, मनमोहन जड़िया, महेश श्रीवास्तव, धर्मेन्द्र रावत, रामेश्वर प्रसाद सड़ैया, डाॅ. रामगोपाल साहू, आदित्य नारायण बबेले, निखिल तिवारी, प्रदीप गुप्ता, देवेन्द्र गुरू, अजय जैन साईकिल, अनूप ताम्रकार, रामबाबू गोस्वामी, महेन्द्र पाराशर एड, राजेश दुबे एडवोकेट, वीरेन्द्र पुरोहित, सजन कुमार शर्मा डाॅ. दीपक चौबे, रामप्रकाश राठौर, गिरीश चौबे, वीरेन्द्र तिवारी, मुकेश साहू, वंशीधर श्रीवास, ओमप्रकाश बिरथरे, हरपाल सिंह, संतोष चौबे, रामकृष्ण साहू, मुकेश साहू, डाॅ. आशा साहू, डाॅ. अनिल सूयर्वंशी, श्रीमती अनीता, हिमांशधर द्विवेदी, जितेन्द्र कुमार, डाॅ. सुभाष जैन, डाॅ. संजीव शर्मा, डाॅ. सूबेदार यादव, डाॅ. रामकुमार रिछारिया, डाॅ. ओपी चौधरी, डाॅ. राजेश तिवारी, डाॅ. अवनीश त्रिपाठी, डाॅ. अरिमर्दन सिंह, डाॅ. बलराम द्विवेदी, धीरेन्द्र तिवारी, डाॅ. राजीव निरंजन, डाॅ. मनीष वर्मा, डाॅ. शैलेन्द्र सिंह चौहान, राजीव गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।