सावन के पहले ही सोमवार के दिन पंचक जैसा अशुभ योग बन रहा
सावन माह में सोमवार के दिन व्रत रखना बहुत ही शुभ माना जाता है और इस दिन देवों के देव यानि महादेव की पूजा की जाती है। साथ ही भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा के साथ त्रिमूर्ति रूप में भी जाने जाते हैं जो ब्रह्माण्ड के सृष्टि, स्थिति और संहार का संचालन करते हैं।
ज्योतिष अतुल शास्त्री बताते हैं कि सोमवार के दिन शिवजी की पूजा और व्रत रखने से जातक को विशेष कृपा प्राप्त होती है जो व्यक्ति को संकटों से मुक्ति दिलाती हैं। इसके अलावा, सावन महीने में सोमवार को व्रत रखने से व्यक्ति को जीवन में सफलता, स्वास्थ्य, सुख, शांति की प्राप्ति होती है। साथ ही सोमवार के व्रत के दौरान भक्त शिव जी की भक्ति करते हुए मन, वचन और काया से उनकी पूजा करते हैं जो उन्हें उनके जीवन के संघर्षों से लड़ने की शक्ति प्रदान करते है। सावन महीने में सोमवार को व्रत रखने से व्यक्ति की मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति होती है जो उन्हें अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने में मदद करती है।
उन्होंने बताया कि सावन के पहले सोमवार के दिन पंचक जैसा अशुभ योग बन रहा है। वहीं सुकर्मा योग और रेवती नक्षत्र भी रहेगा जिसे बेहद शुभ माना जाता है। इसके अलावा सावन का पहले सोमवार के दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि भी है। अष्टमी तिथि को रुद्रावतार बाबा काल भैरव की पूजा की जाती है। इस तरह इस दिन शिव पूजा का विशेष संयोग बन रहा है। 6 जुलाई 2023 दिन गुरुवार की दोपहर 1 बजकर 38 मिनट से पंचक शुरू हो गए हैं जो 10 जुलाई 2023 की शाम 6 बजकर 59 मिनट पर समाप्त होंगे। इस तरह सावन के पहले सोमवार 10 जुलाई 2023 पर पंचक का साया रहेगा।
ऐसे में लोगों के मन में यह आशंका है कि पंचक में सावन सोमवार की पूजा-अभिषेक कैसे करें। चूंकि पंचक की शुरुआत गुरुवार से हुई है। लिहाजा ये हानिकारक नहीं है, इसलिए सावन के पहले सोमवार पर पंचक होने के बाद भी लोग बिना किसी रुकावट के शिव जी की पूजा-अभिषेक कर सकेंगे। सावन के पहले सोमवार पर सुकर्मा योग दोपहर 12 बजकर 34 मिनट से है जो पूरी रात रहेगा। इस दिन का शुभ मुहूर्त या अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक है। वहीं सावन के पहले सोमवार पर शिववास गौरी के साथ है और जब शिववास होता है तभी रुद्राभिषेक किया जाता है। ऐसे में पहले सावन सोमवार पर रुद्राभिषेक का शुभ मुहूर्त 10 जुलाई की सुबह से लेकर शाम 06 बजकर 43 मिनट तक है।
उन्होंने बताया कि सोमवार व्रत रखने से कुंडली में चंद्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। इससे कई सारे रोगों से छुटकारा मिलता है। सोमवार व्रत से अविवाहित लड़कियों को फलदायी लाभ मिलता है। मान्यता है कि 16 सोमवार व्रत रखने से कुवांरी लड़कियों को उत्तम वर की प्राप्ति होती है। सोमवार व्रत रखने से कुंडली में चंद्र ग्रह मजबूत होता है जिससे नौकरी की समस्या का निदान और व्यवसाय में लाभ मिलता है।
पुराणों के अनुसार सोमवार के व्रत से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन-मृत्यु के चक्र से छुटकारा मिल जाता है। सावन के सोमवार में व्रत रखने से वैवाहिक जीवन सुखमय और सभी परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है। इस व्रत को स्त्री-पुरुष दोनों रख सकते हैं।सोमवार व्रत रखने से व्यक्ति की सारी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। भगवान शिव बहुत ही दयालु हैं जो अपने भक्तों के छोटे से छोटे दुखों को दूर करते रहते हैं, इसलिए सोमवार व्रत को सभी पूरी श्रद्धा के साथ रखते हैं। इस व्रत को धारण करने के पहले इस तीर्थ स्नान से जातक को शुभ कार्यों की सफलता मिलती है। शिवलिंग जातक को शिवलिंग को गंगाजल से स्नान कराना चाहिए और फूल, धूप, दीप, अर्घ्य आदि चीजें भगवान को अर्पित करें।
उन्होंने बताया कि भगवान शिव की पूजा के दौरान इन ‘ॐ नमः शिवाय’, ‘ॐ महामृत्युंजय मंत्र’, ‘ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्’ मंत्रों का जाप करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। व्रत का पालन करें। सावन सोमवार के दिन व्रत का पालन करना चाहिए और भगवान शिव के सामने व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान से प्रार्थना करें और उनका आशीर्वाद मांगे।इस दिन दान-धर्म का काम करना शुभ माना जाता हैं और सात्विक भोजन ग्रहण करें। किसी प्रकार की अनावश्यक बहस या विवाद नहीं करना चाहिए। मांसहारी भोजन का सेवन न करें। सावन सोमवार के दिन काली मिर्च या लौंग की माला लेकर जप करने से मन को शांति मिलती है। इस दिन भगवान शिव का ध्यान करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सफलता प्राप्त होती है। सावन सोमवार के दिन शिवलिंग के ऊपर जलाभिषेक करने से जातक को अधिक लाभ होता है। इससे मन शांत रहता है और जीवन में सफलता मिलती है।
सावन सोमवार के दिन व्रत रखने के बारे मतें उन्होंने बताया कि सावन सोमवार के दिन व्रत रखने से मन को शांति मिलती है और जातक का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। अपनी राशि के अनुसार भगवान शिव को चढ़ाएं ये चीजें जिससे आपको विशेष लाभ प्राप्त होगा। मेष राशि वाले सावन सोमवार के दिन आप शिव जी को जल, दूध, शहद, बेल पत्र, अर्धे कमल, दही, चावल और घी आदि अर्पित कर सकते हैं। वृषभ राशि वाले भगवान शिव को दूध, घी, शहद, बेल पत्र, धूप अर्पित कर सकते हैं। मिथुन राशि वाले भगवान शिव जी को धूप, दही, बेल पत्र, जल, अर्धे कमल अर्पित करें। कर्क राशि वाले शहद, बेल पत्र, दूध भगवान शिव को अर्पित करना आपके लिए शुभ हैं। सिंह राशि वाले इस राशि को शहद, बेल पत्र, धूप, दूध भगवान शिव को चढ़ाने चाहिए। कन्या राशि वाले दूध, घी, शहद, बेल पत्र भगवान शिव और माता पार्वती को अर्पित करें। तुला राशि वाले धूप, शहद, दूध, बेल पत्र, अर्धे कमल, जल, चावल और घी भगवान शिव को अर्पित करें। वृश्चिक राशि वाले जल, बेल पत्र भगवान शिव और माता पार्वती को अर्पित करना आपके लिए शुभ हैं। धनु राशि वाले शहद, दूध, बेल पत्र, धान्य, जल, अर्धे कमल, दही, चावल और घी आपको भगवान शिव को चढ़ाने चाहिए।मकर राशि वाले इस राशि को शहद, बेल पत्र, धूप, दूध भगवान शिव को चढ़ाने चाहिए। कुंभ राशि वाले जल, बेल पत्र भगवान शिव और माता पार्वती को अर्पित करना आपके लिए शुभ हैं। मीन राशि वाले भगवान शिव जी को धूप, दही, बेल पत्र, जल, अर्धे कमल अर्पित करें।
ज्योतिष अतुल शास्त्री
ज्योतिष सेवा केन्द्र
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