रासेयो का मुस्कुरायेगा इण्डिया अभियान को लेकर कार्यशाला आयोजित

सिद्दीकपुर, जौनपुर।  वैश्विक माहमारी कोविड-19 के दौर में लोगों के मानसिक स्वास्थ्य एवं उनकी खुशहाली के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना उत्तर प्रदेश, यूनिसेफ इंडिया और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के मुस्कुराएगा इंडिया अभियान के समस्त काउंसलर की एक विशेष आनलाइन कार्यशाला सम्पन्न हुई। कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक अशोक श्रोती ने कहा कि लोगों के दुख में उन्हें सहायता पहुँचाना अत्यंत प्रशंसनीय कार्य है। काइसी क्रम में डा. अंशुमाली शर्मा राज्य संपर्क अधिकारी ने कहा कि देश में उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य है जहां रासेयो संकट के इस समय में मुस्कुराएगा इंडिया अभियान संचालित कर रहा है। ज्ञातव्य हो कि समूचे उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में रोसयो के चुने हुए कार्यक्रम अधिकारी फोन द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के लिए परामर्श का कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। आज की आनलाइन कार्यशाला माईग्रैंट वर्कर्स की समस्याओं एवं उनकी दिक्कतों के निवारण पर केंद्रित थी जिसमें प्रदेश के 200 से अधिक रासेयो कार्यक्रम अधिकारियों ने हिस्सेदारी की। प्रशिक्षण में राज्य सरकार द्वारा माईग्रैंट वर्कर्स के चलाई जा रही विभिन्न सहायता योजनाओं की जानकारी यूनिसेफ की उर्वशी चंद्रा द्वारा दी गई। दूसरे सत्र में डा. नीलम ने आत्महत्या जैसी अवसादजनक स्थिति को कम करने के लिए आवश्यक पहलुओं की महत्वपूर्ण जानकारी दिया। कार्यशाला में पीएचएफआई से अनुराग चतुर्वेदी और मुख्य वक्ता डा. नीलम (एम.डी. मनोचिकित्सक), दीक्षा और यूनिसेफ से दयाशंकर और भाई शैली मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अनुराग चतुर्वेदी ने किया। इस प्रशिक्षण मीटिंग में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पांचों जनपदों के सभी नोडल अधिकारियों एवं काउंसलरों ने प्रतिभाग किया।

सिद्दीकपुर, जौनपुर। वैश्विक माहमारी कोविड-19 के दौर में लोगों के मानसिक स्वास्थ्य एवं उनकी खुशहाली के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना उत्तर प्रदेश, यूनिसेफ इंडिया और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के मुस्कुराएगा इंडिया अभियान के समस्त काउंसलर की एक विशेष आनलाइन कार्यशाला सम्पन्न हुई। कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक अशोक श्रोती ने कहा कि लोगों के दुख में उन्हें सहायता पहुँचाना अत्यंत प्रशंसनीय कार्य है।

काइसी क्रम में डा. अंशुमाली शर्मा राज्य संपर्क अधिकारी ने कहा कि देश में उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य है जहां रासेयो संकट के इस समय में मुस्कुराएगा इंडिया अभियान संचालित कर रहा है। ज्ञातव्य हो कि समूचे उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में रोसयो के चुने हुए कार्यक्रम अधिकारी फोन द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के लिए परामर्श का कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं।

आज की आनलाइन कार्यशाला माईग्रैंट वर्कर्स की समस्याओं एवं उनकी दिक्कतों के निवारण पर केंद्रित थी जिसमें प्रदेश के 200 से अधिक रासेयो कार्यक्रम अधिकारियों ने हिस्सेदारी की। प्रशिक्षण में राज्य सरकार द्वारा माईग्रैंट वर्कर्स के चलाई जा रही विभिन्न सहायता योजनाओं की जानकारी यूनिसेफ की उर्वशी चंद्रा द्वारा दी गई। दूसरे सत्र में डा. नीलम ने आत्महत्या जैसी अवसादजनक स्थिति को कम करने के लिए आवश्यक पहलुओं की महत्वपूर्ण जानकारी दिया।

कार्यशाला में पीएचएफआई से अनुराग चतुर्वेदी और मुख्य वक्ता डा. नीलम (एम.डी. मनोचिकित्सक), दीक्षा और यूनिसेफ से दयाशंकर और भाई शैली मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अनुराग चतुर्वेदी ने किया। इस प्रशिक्षण मीटिंग में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पांचों जनपदों के सभी नोडल अधिकारियों एवं काउंसलरों ने प्रतिभाग किया।

सिद्दीकपुर, जौनपुर। वैश्विक माहमारी कोविड-19 के दौर में लोगों के मानसिक स्वास्थ्य एवं उनकी खुशहाली के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना उत्तर प्रदेश, यूनिसेफ इंडिया और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के मुस्कुराएगा इंडिया अभियान के समस्त काउंसलर की एक विशेष आनलाइन कार्यशाला सम्पन्न हुई। कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक अशोक श्रोती ने कहा कि लोगों के दुख में उन्हें सहायता पहुँचाना अत्यंत प्रशंसनीय कार्य है। काइसी क्रम में डा. अंशुमाली शर्मा राज्य संपर्क अधिकारी ने कहा कि देश में उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य है जहां रासेयो संकट के इस समय में मुस्कुराएगा इंडिया अभियान संचालित कर रहा है। ज्ञातव्य हो कि समूचे उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में रोसयो के चुने हुए कार्यक्रम अधिकारी फोन द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के लिए परामर्श का कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। आज की आनलाइन कार्यशाला माईग्रैंट वर्कर्स की समस्याओं एवं उनकी दिक्कतों के निवारण पर केंद्रित थी जिसमें प्रदेश के 200 से अधिक रासेयो कार्यक्रम अधिकारियों ने हिस्सेदारी की। प्रशिक्षण में राज्य सरकार द्वारा माईग्रैंट वर्कर्स के चलाई जा रही विभिन्न सहायता योजनाओं की जानकारी यूनिसेफ की उर्वशी चंद्रा द्वारा दी गई। दूसरे सत्र में डा. नीलम ने आत्महत्या जैसी अवसादजनक स्थिति को कम करने के लिए आवश्यक पहलुओं की महत्वपूर्ण जानकारी दिया। कार्यशाला में पीएचएफआई से अनुराग चतुर्वेदी और मुख्य वक्ता डा. नीलम (एम.डी. मनोचिकित्सक), दीक्षा और यूनिसेफ से दयाशंकर और भाई शैली मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अनुराग चतुर्वेदी ने किया। इस प्रशिक्षण मीटिंग में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पांचों जनपदों के सभी नोडल अधिकारियों एवं काउंसलरों ने प्रतिभाग किया।
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