Tuesday, May 19, 2026
Homeदुनियादारयह खबर आपको बतायेगा कि कैसे इंसान तक पहुंचा कोरोना

यह खबर आपको बतायेगा कि कैसे इंसान तक पहुंचा कोरोना

-

दुनिया भर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस पर रिसर्च कर रहे हैं कि यह आखिर इंसानों तक कैसे पहुंचा? इस संबंध में वैज्ञानिक विभिन्न प्रजातियों का अध्ययन कर रहे हैं और उनका ऐसा अनुमान है कि आवारा कुत्तों ने, खास कर उनकी आंतों ने इस महामारी की उत्पत्ति में भूमिका अदा की है। मालिक्यूलर बायोलोजी एंड एवोल्यूशन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, यह बीमारी सांपों से शुरू हो कर कई प्रजातियों में होती हुई हाल ही में पेंगोलिन तक पहुंची है। और संभवत: इन सभी जानवरों का सार्स कोविड 2 के संक्रमण को एक दूसरे के बीच फैलाने में हाथ रहा और इस प्रकार यह चमगादड़ों तक और उसके बाद इंसानों तक पहुंचा। कनाडा में ओटावा यूनिवर्सिटी के शिहुआ शिया के अनुसार इन जानवरों से लिए गए वायरस, सार्स कोविड 2 से काफी अलग हैं। शिया ने बताया, ‘‘सार्स कोविड 2 के पूर्वज वायरस और उनका निकट संबंधी वायरस, चमगादड़ों में पाया जाने वाला वायरस है, जिससे भेड़िए और कुत्तों पर आधारित कैनिडाए परिवार की आंतों में संक्रमण हुआ और संभवत: उनमें तीव्र क्रमिक विकास हुआ और वायरस छलांग लगा कर इंसानों तक में पहुंच गया। पूरी दुनिया में वैज्ञानिक उन प्रजातियों का पता लगाने में जुटे हैं जिनसे कोरोना वायरस मूल रूप से निकला और इंसानों तक पहुंच गया। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस अध्ययन के परिणाम इस बात को रेखांकित करते हैं कि कैनिडाए परिवार में कोरोना वायरस जैसे सार्स की निगरानी की जरूरत है। शी कहते हैं कि इंसानों और स्तनपायी में एक महत्वपूर्ण एंटीवायरल प्रोटीन जेडएपी होता है, जो एक वायरस को उसके मार्ग में ही रोक देता है। वह इस वायरस को उसके मूल में ही बढ़ने से रोक कर इसके जीनोम का क्षरण करता है। शी ने बताया कि जेडएपी एक रसायनिक जोड़े सीपीजी डाइन्‍यूक्लिओटाइड को उसके आरएनए जीनोम के भीतर निशाना बनाता है। लेकिन वायरस फिर से हमलावर हो सकता है। उनका कहना है कि सार्स कोविड जैसा कोरोना वायरस जेडएपी से बच सकता है और इस तरह से यह एंटीवायरल प्रोटीन को बेअसर कर देता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इसका एक परिणाम यह हो सकता है कि वायरल जीनोम पर बाकी सीपीजी डाइन्‍यूक्लिओटाइड का बने रहना महत्वपूर्ण हो सकता है। इस शोध में शिया ने सभी 1252 बीटाकोरोनावायरस जीनोम का अध्ययन किया जो जीन बैंक में जमा हैं। जेनेटिक सीक्वेंस वाले इस डाटाबेस तक पहुंच निर्बाधित है। उन्होंने बताया, ‘‘सबसे पहले वायरस एक ऐसे टिश्यू में पैदा हुआ जिसमें जेडएपी का उच्च स्तर था । यह निम्न सीपीजी वाले वायरल जीनोम के लिए फायदेमंद होता है। ‘‘दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वायरस का जिंदा रहना इस बात का संकेत है कि यह सफलतापूर्वक जेडएपी से बच निकलने में कामयाब रहा । दूसरे शब्दों में कहें तो वायरस इंसानों के लिए बेहद घातक और खतरनाक बन चुका है। जब शिया ने कुत्तों में इन आंकड़ों का अध्ययन किया तो पाया कि कैनिडाए परिवार में पाए जाने वाले कोरोना वायरस : सीसीओवीएस : के केवल एक जीनोम में वही सीपीजी वैल्यू है जो सार्स कोविड 2 और बैटकोविड आरएटीजी13में पायी गयी थी। सीसीओवीएस बेहद संक्रामक आंत की बीमारी है जिसने दुनियाभर के कुत्तों को प्रभावित किया था। इसके आधार पर शिया ने बताया है कि कोरोना वायरस सबसे पहले चमगादड़ों से कैनिडाए परिवार में फैला जिन्होंने चमगादड़ों का मांस खाया था।

दुनिया भर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस पर रिसर्च कर रहे हैं कि यह आखिर इंसानों तक कैसे पहुंचा? इस संबंध में वैज्ञानिक विभिन्न प्रजातियों का अध्ययन कर रहे हैं और उनका ऐसा अनुमान है कि आवारा कुत्तों ने, खास कर उनकी आंतों ने इस महामारी की उत्पत्ति में भूमिका अदा की है।

मालिक्यूलर बायोलोजी एंड एवोल्यूशन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, यह बीमारी सांपों से शुरू हो कर कई प्रजातियों में होती हुई हाल ही में पेंगोलिन तक पहुंची है। और संभवत: इन सभी जानवरों का सार्स कोविड 2 के संक्रमण को एक दूसरे के बीच फैलाने में हाथ रहा और इस प्रकार यह चमगादड़ों तक और उसके बाद इंसानों तक पहुंचा।

कनाडा में ओटावा यूनिवर्सिटी के शिहुआ शिया के अनुसार इन जानवरों से लिए गए वायरस, सार्स कोविड 2 से काफी अलग हैं। शिया ने बताया, ‘‘सार्स कोविड 2 के पूर्वज वायरस और उनका निकट संबंधी वायरस, चमगादड़ों में पाया जाने वाला वायरस है, जिससे भेड़िए और कुत्तों पर आधारित कैनिडाए परिवार की आंतों में संक्रमण हुआ और संभवत: उनमें तीव्र क्रमिक विकास हुआ और वायरस छलांग लगा कर इंसानों तक में पहुंच गया।

शर्मनाक दरोगा ने लिया बदला, पूर्व प्रधान को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

पूरी दुनिया में वैज्ञानिक उन प्रजातियों का पता लगाने में जुटे हैं जिनसे कोरोना वायरस मूल रूप से निकला और इंसानों तक पहुंच गया। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस अध्ययन के परिणाम इस बात को रेखांकित करते हैं कि कैनिडाए परिवार में कोरोना वायरस जैसे सार्स की निगरानी की जरूरत है। शी कहते हैं कि इंसानों और स्तनपायी में एक महत्वपूर्ण एंटीवायरल प्रोटीन जेडएपी होता है, जो एक वायरस को उसके मार्ग में ही रोक देता है। वह इस वायरस को उसके मूल में ही बढ़ने से रोक कर इसके जीनोम का क्षरण करता है। शी ने बताया कि जेडएपी एक रसायनिक जोड़े सीपीजी डाइन्‍यूक्लिओटाइड को उसके आरएनए जीनोम के भीतर निशाना बनाता है। लेकिन वायरस फिर से हमलावर हो सकता है।

उनका कहना है कि सार्स कोविड जैसा कोरोना वायरस जेडएपी से बच सकता है और इस तरह से यह एंटीवायरल प्रोटीन को बेअसर कर देता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इसका एक परिणाम यह हो सकता है कि वायरल जीनोम पर बाकी सीपीजी डाइन्‍यूक्लिओटाइड का बने रहना महत्वपूर्ण हो सकता है। इस शोध में शिया ने सभी 1252 बीटाकोरोनावायरस जीनोम का अध्ययन किया जो जीन बैंक में जमा हैं। जेनेटिक सीक्वेंस वाले इस डाटाबेस तक पहुंच निर्बाधित है।

उन्होंने बताया, ‘‘सबसे पहले वायरस एक ऐसे टिश्यू में पैदा हुआ जिसमें जेडएपी का उच्च स्तर था । यह निम्न सीपीजी वाले वायरल जीनोम के लिए फायदेमंद होता है। ‘‘दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वायरस का जिंदा रहना इस बात का संकेत है कि यह सफलतापूर्वक जेडएपी से बच निकलने में कामयाब रहा । दूसरे शब्दों में कहें तो वायरस इंसानों के लिए बेहद घातक और खतरनाक बन चुका है।

जब शिया ने कुत्तों में इन आंकड़ों का अध्ययन किया तो पाया कि कैनिडाए परिवार में पाए जाने वाले कोरोना वायरस : सीसीओवीएस : के केवल एक जीनोम में वही सीपीजी वैल्यू है जो सार्स कोविड 2 और बैटकोविड आरएटीजी13में पायी गयी थी। सीसीओवीएस बेहद संक्रामक आंत की बीमारी है जिसने दुनियाभर के कुत्तों को प्रभावित किया था। इसके आधार पर शिया ने बताया है कि कोरोना वायरस सबसे पहले चमगादड़ों से कैनिडाए परिवार में फैला जिन्होंने चमगादड़ों का मांस खाया था।

आप लोगों भरपूर सहयोग और प्यार की वजह से तेजस टूडे डॉट कॉम आज Google News और Dailyhunt जैसे बड़े प्लेटर्फाम पर जगह बना लिया है। आज इसकी पाठक संख्या लगातार बढ़ रही है और इसके लगभग डेढ़ करोड़ विजिटर हो गये है। आपका प्यार ऐसे ही मिलता रहा तो यह पूर्वांचल के साथ साथ भारत में अपना एक अलग पहचान बना लेगा।
deepak jaiswal
आप लोगों भरपूर सहयोग और प्यार की वजह से तेजस टूडे डॉट कॉम आज Google News और Dailyhunt जैसे बड़े प्लेटर्फाम पर जगह बना लिया है। आज इसकी पाठक संख्या लगातार बढ़ रही है और इसके लगभग डेढ़ करोड़ विजिटर हो गये है। आपका प्यार ऐसे ही मिलता रहा तो यह पूर्वांचल के साथ साथ भारत में अपना एक अलग पहचान बना लेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

LATEST POSTS

निर्देशक Varadraj Swami की फिल्म में दिखा 1990 के दौर की फिल्मों का रोमांस

निर्देशक Varadraj Swami की फिल्म में दिखा 1990 के दौर की फिल्मों का रोमांस Romanticc Tukde Movie Review: निर्देशक वरदराज स्वामी (Varadraj Swami) हिंदी सिनेमा के...

Nirvana Token Crypto एक क्रांतिकारी लक्जरी जीवन पारिस्थितिकी तंत्र का देता है परिचय

Nirvana Token Crypto एक क्रांतिकारी लक्जरी जीवन पारिस्थितिकी तंत्र का देता है परिचय एक रोमांचक रहस्योद्घाटन में, निर्वाण टोकन क्रिप्टो एक क्रांतिकारी लक्जरी जीवन पारिस्थितिकी तंत्र...

अस्पताल टेस्ट करवाने आई Pregnent पत्नी का कारनामा देख पति के उड़ गए होश, पढ़िए पूरी खबर…

अस्पताल टेस्ट करवाने आई Pregnent पत्नी का कारनामा देख पति के उड़ गए होश, पढ़िए पूरी खबर... अमृतसर। सिविल अस्पताल बाबा बकाला साहिब में अपने पति...

जिले के इस गांव में चाचा ने भतीजी के साथ किया ऐसा…

जिले के इस गांव में चाचा ने भतीजी के साथ किया ऐसा... गढ़वा, झारखंड। जिले के मझिआंव गांव में एक चौंका देने वाला मामला सामने आया...

Follow us

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Most Popular