Wednesday, August 17, 2022

कहने को हमसफर है वेब सीरीज सीजन 3 की कहानी

एक समय था जब टीवी पर एकता कपूर अपने शो शुरू करती थी तो वो शो खत्म होने का नाम ही नहीं लेते थे। एकता कपूर का टीवी शो क्योंकि सास भी कभी बहु थी, कहानी घर-घर की, कहीं तो होगा, कसौटी जिंदगी की आदि ऐसे कई शो थे जो 5 से 7 साल तक लगातार टीवी पर आये हैं लेकिन अब दौर बदल चुका है टीवी पर अब कोई लंबी कहानी नहीं देखना चाहता, साथ ही अब घर की औरते भी ज्यादा समय मोबाइल पर बिताती हैं, इस लिए आज कर की डिमांड के अनुसार अब एकता कपूर ने भी अपने शो का फोरमेट बदल दिया हैं। एकता कपूर इस समय एक के बाद एक बेव सीरीज लेकर आ रही हैं। हाल ही में एकता कपूर की सुपरहिट वेब सीरीज 'कहने को हमसफर है' का तीसरा सीजन रिलीज हुआ। इस सीरीज के पहले दो सीजन 2018 और 2019 में आ चुके हैं। 2020 में इसका तीसरा सीजन आया। जानिए इसकी कहानी कहानी को समझने के लिए आपको दो साल पहले जाना होगा.... एक बहुत ही सुखी परिवार होता है जिसमें मां, बच्चे और पति-पत्नी होते हैं। ये सभी काफी खुशहाली से अपनी जिंदगी बिता रहे होते हैं। कहने को हमसफर है सीरीज की कहानी तीन किरदारों पर है, राहित मेहरा( रोनित रॉय), पूनम मेहरा ( गुरदीप कोहली) और अनन्या शर्मा ( मोना सिंह)। रोहित एक शादी शुदा आदमी है जिसकी दो बेटियां हैं जो निक्की और बानी। दोनों बड़ी है सारी बाते समझने लायक। रोहित अपनी पत्नी सहित अपने बच्चों को बहुत प्यार करता है। रोहित को बस अपनी जिंगदी में एक चीज का शिकवा है कि वह अपने मन मुताबिक कुछ न कर सका। रोहित के पिता ने कहा सीए की बढ़ाई करो और नौकरी करो, मां ने कहा शादी करके घर बसा दो, पत्नी ने कहा बच्चें कर लो, रोहिन ने सबकी सुनी और उसमें ही खुश कहने की कोशिश की। एक दिन रोहित की मुलाकाम काम के सिलसिले में अनन्या से होती हैं। अनन्या इंटिरियर डिजाइनर होती है। अनन्या के प्रोफेशन से रोहित काफी प्रभावित होता है और धीरे-धीरे अनन्या और रोहित करीब आ जाते हैं। रोहित को अनन्या के साथ वो खुशी मिलती है जिसे आज तक उसने काभी मेहसूस नहीं किया था। रोहित अनन्या के साथ जिंदगी बिताने का फैसला कर लेता हैं और अपनी पत्नी को तलाक दे देता हैं और अनन्या से शादी कर लेता है। मां के साथ जो पाता ने किया उसका बदला लेने के लिए रोहित की बेटी बानी बहुत ही कम उम्र में अपने बॉयफ्रेंड से शादी कर लेती हैं। पूनम धीरे-धीरे सब भूल कर आगे बढ़ती है। और रोहित और अनन्या की शादी भी अब पुरानी होने लगती है। दूसरे सीजन में अनन्या रोहित की दो घरों की जिम्मेदारी समंभाले वाली जिंदगी से परेशान होकर कुछ दिन अपने आप को समय देने के लिए रोहित को बिना बताए कतर चली जाती हैं। अनन्या को शिकायत है कि रोहित उस घर से अलग होने के बावजूद भी कभी वहां से अलग नहीं हुआ। अनन्या को लगता है कि रोहित और उसके बीच जो पहले प्यार था वो अब नहीं रहा। रोहित अपनी पत्नी को मनाने के लिए कतर जाता है जहां रोहित को शक होता है कि अनन्या का बॉस अनन्या को ठीक नजर ने नहीं देखता। रोहित को कतर में देख अनन्या काफी खुश होती है जल्द ही अनन्या का काम कतर में तीन महीने का होता है। वह अपना ताम खत्म करते वापस घर लौट आती है। वहीं रोहित की पहली पत्नी पूनम की जिंदगी में भी एक शख्स की एंट्री होती है। ये शख्क एक लड़का है जो पूनन से उम्र में काफी छोटा हैं। दोनों की मुलाकात बढ़ने लगती है। पूनम को आगे बढ़ता देख रोहित को समस्या होती हैं। वह पूनम से धीरे-धीरे मिलकर बात जानने की कोशिश करता हैं। पूनम और रोहित भले ही एक दूसरे से अलग हो लेकिन रोहित आज भी अपनी समस्या को पूनम से ही शेयर करता है। एक दिन पूनम और रोहित फिर क्लोज आते हैं और ये बात अनन्या को पता चल जाती है। अनन्या रोहित को छोड़कर चली जाती हैं। रोहित ये चीज बरदाश नहीं कर पाता और खुद को पूरी तरह बर्बाद कर लेता हैं। अब आगे क्या होता है ये सारी कहानी कहने को हम सफर है के तीसरे सीजन में दिखाया गया हैं जिसके आप जी5 पर देख सकते हैं। 24 से 25 मिनट के इसके 18 एपिसोड है। कास्ट, कहानी और निर्देशन कहने को हमसफर है में एकता कपूर के ईक्के लेवल के एक्टर हैं। मोना सिंह, रोनित राय, गुरदीप और अपूर्व अग्नीहोत्री जैसे शानदार कलाकार हैं। वेब सीरीज में रोहित-पूनम-अनन्या के अलावा भी सपोर्टिंग किरदारों की भी कहानी चलती रहती हैं जैसे रोहित की बेटी बानी, अनन्या की दोस्त वैंडी, पूनम के बॉयफ्रेंड अभिमन्यु की। 40-45 साल की उम्र में अगर शादी का ध्यान न रखा जाए तो शादी में क्या-क्या परेशानिया आ सकती है ये बाद इस सीरीज में बखूबी दिखाई गयी हैं। बचपन से अपनी इच्छाओं का गला घोटता आ रहा इंसान कब एक गलत कदम उठा कर सब कुछ बर्बाद कर सकता हैं इस चीज की बखूबी दिखाया गया हैं।

एक समय था जब टीवी पर एकता कपूर अपने शो शुरू करती थी तो वो शो खत्म होने का नाम ही नहीं लेते थे। एकता कपूर का टीवी शो क्योंकि सास भी कभी बहु थी, कहानी घर-घर की, कहीं तो होगा, कसौटी जिंदगी की आदि ऐसे कई शो थे जो 5 से 7 साल तक लगातार टीवी पर आये हैं लेकिन अब दौर बदल चुका है टीवी पर अब कोई लंबी कहानी नहीं देखना चाहता, साथ ही अब घर की औरते भी ज्यादा समय मोबाइल पर बिताती हैं, इस लिए आज कर की डिमांड के अनुसार अब एकता कपूर ने भी अपने शो का फोरमेट बदल दिया हैं। एकता कपूर इस समय एक के बाद एक बेव सीरीज लेकर आ रही हैं। हाल ही में एकता कपूर की सुपरहिट वेब सीरीज ‘कहने को हमसफर है’ का तीसरा सीजन रिलीज हुआ। इस सीरीज के पहले दो सीजन 2018 और 2019 में आ चुके हैं। 2020 में इसका तीसरा सीजन आया।

जौनपुर। जिला बदर का उलंघन करने के आरोपी रविवार की रात जेल से फरार हो गया कैदी के भागने की खबर से जेल प्रशासन और पुलिस प्रशासन में हड़कम्प मच, उसकी गिरफ्तारी करने के लिए जगह जगह दबिश दी जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार बीते 7 जुलाई को बख्शा थाने की पुलिस ने मुखबीर की सूचना पर जिला बदर अपराधी अनिल यादव पुत्र केदारनाथ यादव नि. गोपालापुर थाना बक्सा जनपद जौनपुर, फारुख नट पुत्र दुरन नट निवासी सुंगुलपुर थाना बक्सा जनपद जौनपुर उपरोक्त को धारा 10 गुण्डा नियंत्रण अधिनियम 1970 का अपराध करने के कारण गिरफ्तार किया गया था। दोनों को पचहटिया में बने अस्थायी जेल में बंद किया गया था। रविवार की रात फारुख नट जेल से फरार हो गया।

जानिए इसकी कहानी
कहानी को समझने के लिए आपको दो साल पहले जाना होगा…. एक बहुत ही सुखी परिवार होता है जिसमें मां, बच्चे और पति-पत्नी होते हैं। ये सभी काफी खुशहाली से अपनी जिंदगी बिता रहे होते हैं। कहने को हमसफर है सीरीज की कहानी तीन किरदारों पर है, राहित मेहरा( रोनित रॉय), पूनम मेहरा ( गुरदीप कोहली) और अनन्या शर्मा ( मोना सिंह)। रोहित एक शादी शुदा आदमी है जिसकी दो बेटियां हैं जो निक्की और बानी। दोनों बड़ी है सारी बाते समझने लायक। रोहित अपनी पत्नी सहित अपने बच्चों को बहुत प्यार करता है। रोहित को बस अपनी जिंगदी में एक चीज का शिकवा है कि वह अपने मन मुताबिक कुछ न कर सका। रोहित के पिता ने कहा सीए की बढ़ाई करो और नौकरी करो, मां ने कहा शादी करके घर बसा दो, पत्नी ने कहा बच्चें कर लो, रोहिन ने सबकी सुनी और उसमें ही खुश कहने की कोशिश की।

चंदन अग्रहरि शाहगंज, जौनपुर। नगर में तेजी से पांव पसार रहे कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर प्रशासन 6 नए कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण का काम तेजी से शुरू किया है। कोरोना संक्रमण का दायरा स्थानीय नगर में फैलने लगा है। रविवार को 15 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन ने एराकियाना व पुराना चौक मोहल्ले में दो-दो और नोनहट्टा मोहल्ले में बैरिकेडिंग कराते हुए कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। मोहल्ला हुसैनगंज में 250 मीटर के दायरे में दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है। यहां पर बैरिकेडिंग नहीं की जाएगी क्योंकि हुसैनगंज मोहल्ला मुख्य मार्ग की दोनों पटरियों पर बसा है। बैरिकेडिंग लगाए जाने पर वाराणसी-अयोध्या मार्ग बंद हो जाएगा। उप जिलाधिकारी राजेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में सोमवार को प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भ्रमण करके लोगों को दिये आदेशों का अनुपालन करने को कहा। एसडीएम राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि जो व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एक दिन रोहित की मुलाकाम काम के सिलसिले में अनन्या से होती हैं। अनन्या इंटिरियर डिजाइनर होती है। अनन्या के प्रोफेशन से रोहित काफी प्रभावित होता है और धीरे-धीरे अनन्या और रोहित करीब आ जाते हैं। रोहित को अनन्या के साथ वो खुशी मिलती है जिसे आज तक उसने काभी मेहसूस नहीं किया था। रोहित अनन्या के साथ जिंदगी बिताने का फैसला कर लेता हैं और अपनी पत्नी को तलाक दे देता हैं और अनन्या से शादी कर लेता है। मां के साथ जो पाता ने किया उसका बदला लेने के लिए रोहित की बेटी बानी बहुत ही कम उम्र में अपने बॉयफ्रेंड से शादी कर लेती हैं। पूनम धीरे-धीरे सब भूल कर आगे बढ़ती है। और रोहित और अनन्या की शादी भी अब पुरानी होने लगती है।

प्रमुख सचिव के. रवीन्द्र नायक ने कलेक्ट्रेट सभागार में की समीक्षा बैठक जौनपुर। प्रमुख सचिव, आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग उत्तर प्रदेश एवं नोडल अधिकारी के. रवीन्द्र नायक ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में समस्त खंड विकास एवं अन्य अधिकारियों के साथ संचारी रोग अभियान के तहत कराए जा रहे हैं कार्यों की समीक्षा किया। नोडल अधिकारी ने विशेष संचारी रोग अभियान के तहत गांव में चलाए जा रहे सफाई अभियान, एंटी लार्वा का छिड़काव, नाली सफाई तथा जलभराव की समस्या की जानकारी ली। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 01 से 31 जुलाई तक चलने वाले संचारी रोग अभियान के तहत समस्त गांव में नियमित रूप से सफाई कराएं। जहां भी जलभराव हो वहां एंटी लार्वा की दवा का छिड़काव करें। घर-घर क्लोरीन की गोलियां वितरित करें तथा लोगों को संचारी रोग के विषय में जागरूक करें। अगर किसी को डायरिया तथा अन्य कोई समस्या हो तो उसकी तत्काल सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें। उन्होंने कहा कि समस्त खंड विकास अधिकारी ब्लॉक की सीएचसी से प्रत्येक दिन डायरिया के मरीजों की रिपोर्ट प्राप्त करें। नोडल अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि वह एक हफ्ते में इस बात का प्रमाण-पत्र मुख्य विकास अधिकारी को देंगे कि सभी गांव की नालियां साफ हो चुकी हैं तथा कम से कम एक सफाईकर्मी प्रत्येक गांव में नियुक्त करें। सफाईकर्मी नियमित रूप से गांव की सफाई करें। लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई किया जाय। उन्होंने कहा कि शहर के नजदीकी गांव में जहां-जहां सड़क किनारे कूड़ा पड़ा है उसे एक हफ्ते के अंदर उठाना सुनिश्चित करें। अधिशासी अभियंता जल निगम को निर्देश देते हुए कहा कि जिन स्थानों पर आर्सेनिक अथवा क्लोराइड की समस्या पानी में हो उन स्थानों को चिन्हित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा आवश्यक कार्रवाई करें। उन्होंने आयुक्त मनरेगा को निर्देशित किया कि जो प्रवासी मजदूर मनरेगा के तहत कार्य करने के इच्छुक हैं उनके जॉब कार्ड बनाया जाए। अगर किसी गांव में प्रवासी मजदूरों के जॉब कार्ड बनवाने में प्रधान समस्या उत्पन्न करें तो प्रधान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ला, डीसी मनरेगा भूपेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक ग्राम विकास विभाग अरविंद सिंह, अर्थ एवं संख्या अधिकारी आरडी यादव आदि उपस्थित रहे।

दूसरे सीजन में अनन्या रोहित की दो घरों की जिम्मेदारी समंभाले वाली जिंदगी से परेशान होकर कुछ दिन अपने आप को समय देने के लिए रोहित को बिना बताए कतर चली जाती हैं। अनन्या को शिकायत है कि रोहित उस घर से अलग होने के बावजूद भी कभी वहां से अलग नहीं हुआ। अनन्या को लगता है कि रोहित और उसके बीच जो पहले प्यार था वो अब नहीं रहा। रोहित अपनी पत्नी को मनाने के लिए कतर जाता है जहां रोहित को शक होता है कि अनन्या का बॉस अनन्या को ठीक नजर ने नहीं देखता। रोहित को कतर में देख अनन्या काफी खुश होती है जल्द ही अनन्या का काम कतर में तीन महीने का होता है। वह अपना ताम खत्म करते वापस घर लौट आती है।

चंदन अग्रहरि शाहगंज, जौनपुर। नगर के रामपुर रोड़ मुहल्ला निवासी एक किराना व्यवसायी की कोरोना संक्रमण रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिससे व्यापारियों में भय व्याप्त है। नगर के श्री रामपुर रोड़ गांधी नगर कलेक्टरगंज मुहल्ला निवासी एक किराना व्यवसाई की शनिवार को जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद व्यापारियों हड़कंप मच गया। सभी व्यापारी स्वास्थ्य को लेकर सशंकित है।

वहीं रोहित की पहली पत्नी पूनम की जिंदगी में भी एक शख्स की एंट्री होती है। ये शख्क एक लड़का है जो पूनन से उम्र में काफी छोटा हैं। दोनों की मुलाकात बढ़ने लगती है। पूनम को आगे बढ़ता देख रोहित को समस्या होती हैं। वह पूनम से धीरे-धीरे मिलकर बात जानने की कोशिश करता हैं। पूनम और रोहित भले ही एक दूसरे से अलग हो लेकिन रोहित आज भी अपनी समस्या को पूनम से ही शेयर करता है। एक दिन पूनम और रोहित फिर क्लोज आते हैं और ये बात अनन्या को पता चल जाती है। अनन्या रोहित को छोड़कर चली जाती हैं। रोहित ये चीज बरदाश नहीं कर पाता और खुद को पूरी तरह बर्बाद कर लेता हैं। अब आगे क्या होता है ये सारी कहानी कहने को हम सफर है के तीसरे सीजन में दिखाया गया हैं जिसके आप जी5 पर देख सकते हैं। 24 से 25 मिनट के इसके 18 एपिसोड है।

चंदन अग्रहरि शाहगंज, जौनपुर। बिजली फाल्ट से परेशान आमजन की समस्या को लेकर नगर पालिका परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष श्याम गुप्ता ने जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने शिकायत में कहा कि ट्रांसफार्मर पर कट आउट हुआ कट ऑफ स्विच लगाने की बात कही। शिकायत में श्याम जी गुप्ता ने कहा कि शाहगंज व ग्रामीण फीडर संयुक्त रूप से संचालित होता है जिसका दायरा करीब 4 किमी तक है इस दायरे के बीच लाइन में फाल्ट आने पर उसे ठीक करने के लिए शटडाउन किया जाता है। जिससे लोगों को परेशान होना पड़ता है अगर ट्रांसफार्मर पर कट आउट व कट ऑफ स्वीच लगा दिया जाए तो उसी क्षेत्र के लोग प्रभावित होंगे।

कास्ट, कहानी और निर्देशन
कहने को हमसफर है में एकता कपूर के ईक्के लेवल के एक्टर हैं। मोना सिंह, रोनित राय, गुरदीप और अपूर्व अग्नीहोत्री जैसे शानदार कलाकार हैं। वेब सीरीज में रोहित-पूनम-अनन्या के अलावा भी सपोर्टिंग किरदारों की भी कहानी चलती रहती हैं जैसे रोहित की बेटी बानी, अनन्या की दोस्त वैंडी, पूनम के बॉयफ्रेंड अभिमन्यु की। 40-45 साल की उम्र में अगर शादी का ध्यान न रखा जाए तो शादी में क्या-क्या परेशानिया आ सकती है ये बाद इस सीरीज में बखूबी दिखाई गयी हैं। बचपन से अपनी इच्छाओं का गला घोटता आ रहा इंसान कब एक गलत कदम उठा कर सब कुछ बर्बाद कर सकता हैं इस चीज की बखूबी दिखाया गया हैं।

जौनपुर। भाजपा कार्यालय पर सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुये जिलाध्यक्ष श्री पुष्पराज सिंह के अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें आपातकाल पर चर्चा हुई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि 25 जून का दिन एक विवादस्पद फैसले के लिए जाना जाता है यही वह दिन था जब देश में आपातकाल लगाने की घोषणा हुई तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जनता को बेवजह मुश्किलों के समुंदर में धकेल दिया। 25 जून, 1975 को आपातकाल की घोषणा की गई और 26 जून 1975 से 21-मार्च 1977 तक यानी 21 महीने की अवधि तक आपातकाल जारी रहा। आपातकाल के फैसले को लेकर इंदिरा गांधी द्वारा कई दलीलें दी गईं। देश को गंभीर खतरा बताया गया, लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और ही थी उन्होंने कहा कि हमारे जिले जौनपुर से भी कई नेता जेल गए जिसमे मुख्य रूप से पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह अल्प आयु में ही जेल गए कैलाश विश्वकर्मा जी, हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव तमाम नेता जेल गये थे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि आपातकाल की नींव 12 जून 1975 को ही रख दी गई थी जब इंदिरा गांधी के खिलाफ संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी राजनारायण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की राजनारायण ने अपनी याचिका में इंदिरा गांधी पर 6 आरोप लगाये थे 12 जून 1975 को राजनारायण की इस याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया इंदिरा गांधी को चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का दोषी पाया गया और इंदिरा गांधी के निर्वाचन को रद्द कर दिया और 6 साल तक उनके चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ता इसलिए इस लटकती तलवार से बचने के लिए प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास पर आपात बैठक बुलाई गई। इस दौरान कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष डीके बरुआ ने इंदिरा गांधी को सुझाव दिया कि अंतिम फैसला आने तक वो कांग्रेस अध्यक्ष बन जाएं और प्रधानमंत्री की कुर्सी वह खुद संभाल लेंगे लेकिन बरुआ का यह सुझाव इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी को पसंद नहीं आया संजय की सलाह पर इंदिरा गांधी ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ 23 जून को सुप्रीम कोर्ट में अपील की सुप्रीम कोर्ट ने अगले दिन 24 जून 1975 को याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वो इस फैसले पर पूरी तरह से रोक नहीं लगाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें प्रधानमंत्री बने रहने की अनुमति दे दी, मगर साथ ही कहा कि वो अंतिम फैसला आने तक सांसद के रूप में मतदान नहीं कर सकतीं विपक्ष के नेता सुप्रीम कोर्ट का पूरा फैसला आने तक नैतिक तौर पर इंदिरा गांधी के इस्तीफे पर अड़ गए। एक तरफ इंदिरा गांधी कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रहीं थीं, दूसरी तरफ विपक्ष उन्हें घेरने में जुटा हुआ था। गुजरात और बिहार में छात्रों के आंदोलन के बाद विपक्ष कांग्रेस के खिलाफ एकजुट हो गया। लोकनायक कहे जाने वाले जयप्रकाश नारायण (जेपी) की अगुआई में विपक्ष लगातार कांग्रेस सरकार पर हमला कर रहा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अगले दिन 25 जून 1975 को दिल्ली के रामलीला मैदान में जेपी ने एक रैली का आयोजन किया जिसमे अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, आचार्य जेबी कृपलानी, मोरारजी देसाई और चंद्रशेखर जैसे तमाम दिग्गज नेता एक साथ एक मंच पर मौजूद थे। विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 की आधी रात को तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद से इमरजेंसी के घोषणा पत्र पर दस्तखत करा लिए जिसके बाद सभी विपक्षी नेता गिरफ्तार कर लिए गए 26 जून 1975 को सुबह 6 बजे कैबिनेट की एक बैठक बुलाई गई इस बैठक के बाद इंदिरा गांधी ने ऑल इंडिया रेडियो के ऑफिस पहुंचकर देश को संबोधित किया उन्होंने कहा कि आपातकाल के पीछे आंतरिक अशांति को वजह बताई लेकिन इसके खिलाफ गहरी साजिश रची गई इसके बाद प्रेस की आजादी छीन ली गई, कई वरिष्ठ पत्रकारों को जेल भेज दिया गया अखबार तो बाद में फिर छपने लगे, लेकिन उनमें क्या छापा जा रहा है। ये पहले सरकार को बताना पड़ता था। इमरजेंसी का विरोध करने वालों को इंदिरा गांधी ने जेल भेज दिया था 21 महीने में 11 लाख लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. 21 मार्च 1977 को इमरजेंसी खत्म करने की घोषणा की गई। इंदिरा गांधी और कांग्रेस आपातकाल को संविधान के अनुसार लिए गया फैसला बताते रहे, लेकिन वास्तव में उन्होंने 1975 में संविधान द्वारा दिए गए इस अधिकार का दुरुपयोग किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंघानियां, अमित श्रीवास्तव, जिला महामंत्री शुशील मिश्रा, पीयूष गुप्ता, जिला मंत्री राजू दादा, अभय राय डीसीएफ चेयरमैन धन्यजय सिंह, भूपेंद्र पांडे, आमोद सिंह, विनीत शुक्ला, राजवीर दुर्गवंशी, रोहन सिंह, इन्द्रसेन सिंह प्रमोद, अनिल गुप्ता, प्रमोद प्रजापति, भाजयुमो जिला महामंत्री विकास ओझा, शुभम मौर्या आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जौनपुर। शिराज-ए-हिंद सरजमी पर चीन आया कोरोना वायरस बहुत तेजी के साथ पसार रहा अपना पैर। आपको बताते चले कि आज रविवार को 23 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से स्थिति भयावह होती जा रही है। पूर्व में भेजे गये सैम्पल की रिपोर्ट रविवार को आयी इनमें 23 पॉजिटिव हैं। जिले में अब 724 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाये जा चुके है इनमें 9 की मृत्यु हो चुकी है। हालांकि जिला प्रशासन ने इसकी पुष्टि अभी नहीं की है।

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