जो ईमानदार है, उसको चुकानी पड़ती है कीमत: राहुलदेव

  • जो ईमानदार है, उसको चुकानी पड़ती है कीमत: राहुलदेव

  • पाण्डेय जी की स्मृतियों सहित जुड़े संस्मरणों को किया गया याद

  • प्रेस क्लब में वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र प्रसाद की 12वीं पुण्यतिथि पर हुई संगोष्ठी

तेजस टूडे ब्यूरो
राजेश श्रीवास्तव
अयोध्या। प्रेस क्लब में वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय की पुण्यतिथि पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ जहां भारतीय लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका विषय पर वक्ताओं ने अपना पक्ष रखा। इससे पहले स्व. पाण्डेय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार राहुलदेव ने स्व पाण्डेय की स्मृतियों व उनसे जुड़े संस्मरणों को याद करते हुए कहा कि जो ईमानदार है, उसको इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। सुख सुविधा तपस्वियों के हिस्से की चीज नहीं है। सुख सुविधा सम्पन्न लोगो में ईमानदारी का गुण शायद मिलेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी विचारधारा है, वह हमें कैद करके रखती है। हमारे बहुआयामी विकास को बाधित करती है। पत्रकार के लिए विचारधारा में कैद होना उसकी पत्रकारिता को ध्वस्त करता है। उन्होंने कहा कि चरित्र व प्रकृति के अगर पत्रकारिता सत्ता के विरोधी नहीं है तो सत्ता के साथ भी नहीं हो सकती है। सत्ता से जुड़े लोग पत्रकारिता नहीं कर सकते है। इसमें मै सारे दलों को शामिल कर रहा हूं। इसमें सभी विचारधारा शामिल है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चैथा स्तम्भ है। उसे किसी व्याख्या की जरुरत नहीं होती है। लोकवृत के बिना लोकतंत्र सुरक्षित नहीं रह सकता है, उसका निर्माण पत्रकारिता करती है। टीवी पर जो प्रसन्न चेहरे दिखते है, उनके पीछे हजारों सीमित संसाधनों में काम करने वाले गरीब पत्रकार है। पत्रकारिता ईमानदार, संसाधनविहीन अवस्था में जीने वाले पत्रकारों के कारण जिंदा है।
पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि स्व राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय की पत्रकारिता वर्तमान पत्रकारों के लिए हमेशा पथ प्रदर्शक की भांति रहेगी। ईमानदारी से काम करने के साथ किसी भी प्रकार की परिस्थिति उन्हें सत्य के मार्ग पर चलने से रोक नहीं सकी। उनके विचार सदा हमारी स्मृतियों में रहेंगे। प्रथम महापौरा ऋषिकेश उपाध्याय ने वरिष्ठ पत्रकार स्व राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय से जुड़े संस्मरण बताए। राजनीति में वह उन्हें अभिभावक के रुप में लेते थे। जब भी कोई संकट आता था। उसके निवारण के लिए वह उनके पास जाते थे। वरिष्ठ पत्रकार त्रियुग नारायन तिवारी ने कहा कि स्व राजेन्द्र प्रसाद कर्मठ व ईमानदार पत्रकार थे। ईमानदारी से काम करना कठिन होता है। साथ ही आवश्यकता होने पर भी ईमानदार रहना बड़ी बात है। यही गुण स्व राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय में थे। एक पत्रकारों के सम्मेलन में लोग शोर करके उन्हें बोलने से रोक रहे थे लेकिन उसके बाद भी वह अपनी पूरी बात कहकर ही माने। आज पत्रकारिता में सच बोलना गुनाह है। अब पत्रकारिता कहां है। क्या छपना है, यह पहले से तय है।
संगोष्ठी को डा. मिथिलेश त्रिपाठी, बांके बिहारी मणि त्रिपाठी, अवधेश पाण्डेय बादल, अभिषेक मिश्रा, इन्द्रमणि शुक्ला, कमलाशंकर पाण्डेय, परमानंद मिश्रा, कृष्ण मुरारी सिंह, करुणाकर पाण्डेय, इन्द्रभूषण पाण्डेय, सूर्यकांत पाण्डेय, ओम प्रकाश सिंह, राजेन्द्र प्रताप सिंह ने भी सम्बोधित किया। संगोष्ठी का संचालन पत्रकार प्रवीण तिवारी ने किया।
इस अवसर पर हरिकृष्ण अरोड़ा, रामकुमार सिंह, प्रेस क्लब अध्यक्ष सुरेन्द्र श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, जय प्रकाश सिंह, सूर्य नारायण सिंह, उग्रसेन मिश्रा, शक्ति सिंह, पवन पांडेय, अर्जित पांडेय, मोहित पांडेय, लवलेश मिश्रा, इंद्रभान सिंह, सुशील जायसवाल, विश्व प्रकाश रूपन, दिवाकर सिंह, रोहित पांडेय, पवन मिश्रा, विश्वनाथ सिंह, ओम प्रकाश सिंह, प्रमोद पांडेय, उमेश सिंह, गोकरण द्विवेदी, ज्ञानेश चंद्र पांडेय, रमेश तिवारी, विजय ओझा, वीरेंद्र मौर्य सहित बडी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।

आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।

 

 

 

 

 

 

 

 JAUNPUR NEWS: Hindu Jagran Manch serious about love jihad

 

Job: Correspondents are needed at these places of Jaunpur

600 बीमारी का एक ही दवा RENATUS NOVA