मण्डलायुक्त ने की सीएम डैशबोर्ड पर मण्डल के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक
कहा— 3 साल से अधिक समय हो चुके दिव्यांग लाभार्थियों को पुनः उपकरण दिलाना सुनिश्चित करें
तेजस टूडे ब्यूरो
देवी प्रसाद शर्मा
आजमगढ़। मण्डलायुक्त विवेक जी की अध्यक्षता में मंडलायुक्त सभागार में सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विभिन्न विभागों के ग्रेडिंग एवं रैंकिंग के आधार पर मण्डल के विकास कार्यों एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की गयी। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि योजनान्तर्गत तीनों जनपदों में अधिक से अधिक आवेदन करायें तथा लक्ष्य के सापेक्ष बैंकों से समन्वय कर अधिक से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित कर रैंकिंग एवं ग्रेडिंग में सुधार लाएं। जो भी आवेदन निरस्त किया जाए, उसका कारण भी स्पष्ट करें, यदि कोई भी आवेदन बिना किसी कारण के निरस्त किया हुआ पाया जाता है तो संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उन्होने कहा कि छोटी-मोटी कमियों को दूर करते हुए लोगों को योजना का लाभ दिया जाय।
जल जीवन मिशन ग्रामीण की समीक्षा में मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि एफएचटीसी की प्रगति बढ़ाते हुए रैंकिंग एवं ग्रेडिंग में सुधार लायें। योजना अंतर्गत हर घर को नल से जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। 90 प्रतिशत से ऊपर पूर्ण हो चुके कार्याें को यथाशीघ्र पूर्ण कराते हुए परियोजना को चालू करायें। पोषण अभियान की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिया कि फिल्ड विजिट को बढ़ाते हुए अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें। अभियान के अन्तर्गत कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अन्तर्गत व्यक्तिगत शौचालय के ग्रेड में कमी होने पर मण्डलायुक्त ने प्रगति बढ़ाने का निर्देश दिया।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रोजेक्ट अलंकार की समीक्षा के दौरान जनपद आजमगढ़ में 12 में से 5 कार्य पूर्ण पाये गये, शेष कार्य का पोर्टल पर अपडेट न होने के कारण रैंक खराब होने से विगत माह में प्रभारी डीआईओएस का मण्डलायुक्त ने वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया। एंबुलेंस 108/102 की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि एंबुलेंस के रिस्पांस टाइम को कम कर लोगों को इसका लाभ पहुंचाया जाए। आजमगढ़ व बलिया में 11 मिनट के सापेक्ष मऊ में रिस्पांस टाइम 02 मिनट ज्यादा अर्थात् 13 मिनट लगने की स्थिति को मण्डलायुक्त ने गम्भीरता से लेते हुए मऊ सीएमओ को रिस्पांस टाइम कम करने का निर्देश दिया। चिकित्सकीय उपचार में एक-एक सेकण्ड जीवन बचाने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। उप निदेशक दिव्यांगजन को निर्देशित किया कि दिव्यांग पेंशन का सत्यापन संवेदनशीलता के साथ व्यवहारिक स्तर पर किया जाए। उपकरण पाए 3 साल से अधिक समय हो चुके दिव्यांग लाभार्थियों को पुनः उपकरण दिलाना सुनिश्चित करें जिससे उनकी दिनचर्या सुगमता के साथ हो सके।
इसके साथ ही मण्डलायुक्त ने मुख्यमंत्री आवास योजना, डे एनआरएलएम, फैमिली आईडी, राज्य योजना, सेतुओं का निर्माण, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, ओडीओपी टूलकिट वितरण, बागवानी, कृषि रक्षा रसायन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, बीज डीबीटी, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, सड़क निर्माण, 15वां वित्त आयोग, 5वां वित्त आयोग, आपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, नई सड़कों का निर्माण आदि की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को योजनान्तर्गत अपेक्षित प्रगति लाते हुए रैंकिंग एवं ग्रेडिंग में सुधार लाने के निर्देश दिये। बैठक में जिलाधिकारी मऊ आनंद वर्धन, जिलाधिकारी बलिया मंगला प्रसाद सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़ परीक्षित खटाना, मऊ विवेक श्रीवास्तव, बलिया ओजस्वी राज, डीएफओ आकांक्षा जैन, अपर आयुक्त प्रमोद पाण्डेय, संयुक्त विकास आयुक्त सहित समस्त मण्डलीय अधिकारी एवं जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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