बिजली संकट, स्मार्ट मीटर योजना एवं बिजली के निजीकरण के खिलाफ कम्युनिस्ट पार्टी ने किया प्रदर्शन

  • बिजली संकट, स्मार्ट मीटर योजना एवं बिजली के निजीकरण के खिलाफ कम्युनिस्ट पार्टी ने किया प्रदर्शन

तेजस टूडे ब्यूरो
गोण्डा। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) उत्तर प्रदेश राज्य कमेटी के प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत सोमवार को आयोजित शांतिपूर्ण जनप्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश में व्याप्त बिजली संकट, स्मार्ट मीटर योजना तथा बिजली के निजीकरण के कारण उत्पन्न जनसमस्याओं का ज्ञापन मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित मांग पत्र यदुनाथ यथार्थ मुख्य अभियंता देवीपाटन मंडल गोण्डा के माध्यम से दिया गया। मुख्य मांग उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में हालिया 10 प्रतिशत वृद्धि तत्काल वापस ली जाए, बिजली कटौती बंद कर सरकार की घोषणा के अनुरूप सभी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, दक्षिणांचल एवं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जाए, केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक, 2025 वापस लिया जाए, सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट निःशुल्क बिजली तथा किसानों को सिंचाई हेतु बिना शर्त मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाए, किसानों को सिंचाई हेतु नलकूपों के लिए प्रतिदिन कम से कम 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, घरेलू एवं ट्यूबवेल कनेक्शनों पर कनेक्शन शुल्क एवं अन्य अधिभारों की वसूली बंद की जाए तथा केवल वास्तविक बिजली खपत का ही शुल्क लिया जाए, लाइन, ट्रांसफार्मर, मीटर, बिलिंग, कनेक्शन काटने एवं जोड़ने आदि के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लेना बंद किया जाए, बिजली उपभोक्ताओं से अवैध रूप से वसूले गए करों की धनराशि को उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में समायोजित किया जाए, पिछले वर्षों में घरेलू एवं ट्यूबवेल कनेक्शनों पर जबरन बढ़ाए गए लोड को वापस लिया जाए, बिजली दरों को ईंधन मूल्य एवं आयातित कोयले की खरीद से जोड़ने तथा पीक ऑवर के नाम पर अलग-अलग दरें निर्धारित करने संबंधी निर्णय वापस लिए जाएं, बिजली विभाग के सभी रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियाँ की जाएँ तथा संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए, बिजली कर्मचारियों की शांतिपूर्ण हड़ताल पर लगाए गए असंवैधानिक एवं जनविरोधी प्रतिबंध तथा एस्मा को वापस लिया जाए, प्रदेश में लागू की जा रही स्मार्ट मीटर योजना को तत्काल स्थगित कर इसकी व्यापक समीक्षा कराई जाए, जिन उपभोक्ताओं के यहाँ उनकी इच्छा के विरुद्ध स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उन्हें पुनः पुराने मीटर लगाने का विकल्प दिया जाए, स्मार्ट मीटरों में आ रही तकनीकी गड़बड़ियों, गलत बिलिंग एवं प्री-पेड प्रणाली से उत्पन्न समस्याओं का समाधान किया जाए, बिजली सेवाओं के पूर्ण अथवा आंशिक निजीकरण की सभी योजनाओं पर रोक लगाई जाए तथा विद्युत क्षेत्र को सार्वजनिक नियंत्रण में बनाए रखा जाए आदि मांगो का मांग पत्र दिया गया।
इस अवसर पर कौशलेन्द्र पाण्डेय, कामरेड कौशलेंद्र पांडेय, अमित शुक्ला, मोहर्रम अली, अमृत लाल, खगेंद्र जनवादी, अमृत लाल, आशीष सिंह एडवोकेट, रोबी गांगुली, सीताराम कश्यप, रविन्द्र सिंह, योगेंद्र वर्मा एडवोकेट, मंजीत सिंह, श्याम पाल, गुलाब चौधरी एडवोकेट, सुनील यादव एडवोकेट, शिवकुमार, अमित तिवारी सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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