दिव्यांग जनों के विवाह के लिये 26 मई को होगा परिचय सम्मेलन

शिवमंगल अग्रहरि
चित्रकूट। जिले की सामाजिक संस्था दृष्टि में शुक्रवार को प्रेसवार्ता का आयोजन हुआ जिसमें संस्था के महासचिव शंकर लाल गुप्ता ने बताया कि संस्था द्वारा दृष्टिबाधित दिव्यांगों के सामाजिक पुनर्वास के लिए अपनी स्थापना काल से ही प्रयास किए जा रहे हैं जिसके अर्न्तगत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर खास तौर पर सरकारी नौकरी पेशा वाले दृष्टिबाधित दिव्यांग युवा, युवतियों के घर बसाने के लिए उनके विवाह के लिए प्रयास किया जाता है। इसके लिए एक दिवसीय परिचय सम्मेलन का आयोजन होता है जिसमें देश भर से विवाह योग्य दृष्टिबाधित युवा, युवतियां अपने अभिभावकों सहित सम्मिलित होते हैं, उनके बीच संस्था की मध्यस्थता से बातचीत होती है जिसमें संस्था द्वारा उचित व्यक्तियों को आपस में मिलाने की पहल की जाती है।
उन्होंने बताया कि बहुत से परिजन अपने दृष्टिबाधित बेटे, बेटियों जो पढ—लिखकर आर्थिक दृष्टि से परिवार के भरण-पोषण योग्य आय भी कमा रहे हैं, के लिए वर-वधु की तलाश नहीं कर पाते जबकि कुछ तलाशते नहीं है। संस्था उनकी सहायता करती है एवं सभी का उचित मार्गदर्शन कर विवाह के लिए प्रेरित करने का काम करती है। अभी तक 100 से अधिक जोडों के विवाह संस्था के माध्यम से हो चुके है। इस वर्ष आगामी 26 मई को एक दिवसीय परिचय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है जिसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार एवं छत्तीसगढ से सैकडों विवाह योग्य युवा-युवतियां सम्मिलित होने के लिए आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में दूसरी तरह के दिव्यांग युवा-युवतियों एवं सामान्य जनों को भी दृष्टिबाधित दिव्यांगों के साथ विवाह के लिए आगे आना चाहिए। परिचय सम्मेलन में भाग लेने के लिए सभी के लिए दरवाजे खुले है। साथ ही किसी भी धर्म जाति के युवा-युवतियां यहां अपने लिए जीवन साथी की खोज कर सकते हैं। 26 मई को जिन लोगों के बीच विवाह तय हो जायेंगे, उनके विवाह संस्था द्वारा आगामी 3 जुलाई को आयोजित विवाह सम्मेलन के माध्यम से सम्पन्न कराएं जाएंगे। सम्मेलन से पूर्व प्रतिभागी को अपना पंजीकरण कराना होता जो 26 मई की सुबह भी कराया जा सकता है।
आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।












