बाल संरक्षण को लेकर अधिकारियों को दिये गये निर्देश
गोविन्द वर्मा
बाराबंकी। डीआरडीए सभागार में राज्य मंत्री, खाद्य एवं रसद व नागरिक आपूर्ति विभाग सतीश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में बाल संरक्षण जन जागरण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। सहायक श्रम आयुक्त द्वारा बंकी ब्लाक के 20 ग्राम पंचायतों में आगामी 20 दिवसों में बाल श्रम, बाल हिंसा, बाल विवाह व बाल तस्करी के विरूद्ध संस्कार संस्था द्वारा आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रम के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। सहायक श्रम आयुक्त द्वारा बाल श्रम कुप्रथा के विरुद्ध विधिक समाधान-बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के विषय में अवगत कराया गया।
इसके अंतर्गत 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों से काम लिए जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुये इसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 से जोड़ा गया हैं। 14 से 18 आयु वर्ग में गैर खतरनाक श्रेणी में कार्य लिया जाना विनियमित किया गया हैं। अधिनियम के अंतर्गत खतरनाक श्रेणी में किये जाने वाले अपराध में न्यूनतम 6 माह व अधिकतम 2 वर्ष की सजा का प्रावधान हैं। न्यूनतम रुपया 20,000/-व अधिकतम 50,000 रुपये का जुर्माना अथवा दोनों का प्राविधान हैं।
इसके उपरान्त सहायक श्रम आयुक्त द्वारा बाल संरक्षण हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं जैसे- बाल श्रमिक विद्या योजना, अटल आवासीय विद्यालय, नया सवेरा योजना एवं संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना के विषय में अवगत कराया गया। टेक्निकल रिसोर्स पर्सन यूनिसेफ द्वारा पास्को एवं जे0जे0 एक्ट के प्रावधानों के संबंध में अवगत कराया गया। संस्कार संस्था द्वारा बाल संरक्षण के संबंध में एक नुक्कड़ नाटक का प्रस्तुतिकरण किया गया।
मंत्री द्वारा बाल श्रम, बाल तस्करी, बाल हिंसा एवं बाल विवाह के विरूद्ध संगठित होकर समस्त विभागों को एक साथ आकर इस कुप्रथा को समाप्त किये जाने के संबंध में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, व्यावसायिक शिक्षा विभाग के जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा समन्वय स्थापित कर बाल संरक्षण के संबंध में प्रभावी कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया।
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