कार्य में उझानी की स्थिति खराब, स्पष्टीकरण के निर्देश जारी
अंकित सक्सेना बदायूं। जिलाधिकारी दीपा रंजन ने मुख्य विकास अधिकारी ऋषिराज सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिला अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में सीडीओ ने कहा कि कायाकल्प के अन्तर्गत विद्यालयों में दिव्यांगजन विद्यार्थियों के लिए रैम्प, शौचालय एवं हैण्डल अवश्य हों। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सहसवान की तर्ज पर कार्य कराए जाएं। उझानी में कार्य बेहद खराब पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा की दृष्टि से विद्यालयों में सीसीटीवी, लोहे की राड एवं मजबूत दरबाजे लगवाए जाएं। यह सभी कार्य जल्द पूर्ण कराएं। सीडीओ ने कहा कि जहां कार्य की स्थिति खराब है जिन्होंने काम नहीं किया है, वहां के ग्राम सचिव एवं ग्राम प्रधान कार्यवाही को तैयार रहें। बड़ी-बड़ी ग्राम पंचायतों में जहां प्रगति शून्य हैं, उनके ग्राम सचिव एवं ग्राम प्रधानों के खिलाफ कार्यवाही करें। प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण करके 05 सितम्बर तक रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। जिन विद्यालयों में उपस्थिति सबसे अच्छी है, उनके शिक्षकों को बुलाकर सम्मानित किया जाय। गंगा नदी को निर्मल व अविरल बनाने के लिये करें सार्थक प्रयास युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के नेहरू युवा केंद्र बदायूं द्वारा संचालित नमामि गंगे परियोजना के अन्तर्गत गंगा दूतों का दो दिवसीय प्रशिक्षण का समापन किया गया जिसमें जिला युवा अधिकारी डा. दिनेश यादव, कृषि विज्ञान केंद्र उझानी के विशेषज्ञ वैज्ञानिक डा. सौहार्द कुमार एवं डीपीओ नमामि गंगे परियोजना अनुज प्रताप ने प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रदान कर उन्हें सकारात्मक कार्य हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. सौहार्द कुमार ने कहा कि आज हमें जीवन के साथ साथ जल को भी बचाने की आवश्यकता है।
हम इसकी शुरूआत गंगा को प्रदूषण से मुक्त करके कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो पृथ्वी पर लगभग 90 प्रतिशत जल है परन्तु पीने योग्य सिर्फ 2 से 3 प्रतिशत है, अगर हम समय से जल संरक्षित कर लेते हैं तो तो हमारे देश की समृद्धि में निरंतरता आयेगी। आइए हम गंगा नदी को निर्मल और अविरल बनाने हेतु सार्थक प्रयास करें। जिला युवा अधिकारी डा. दिनेश यादव ने इस प्रशिक्षण की रूप-रेखा और उद्देश्य बताते हुए कहा कि भारत सरकार की जल शक्ति मंत्रालय की विशेष परियोजना नमामि गंगे के अन्तर्गत 5 विकास खंडों के 670 युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हे गंगा को प्रदूषण से मुक्त करने के कार्य में लगाया जा रहा है। ये युवा गंगा को अविरल और निर्मल बनाने हेतु जागरुकता का कार्य करेंगे। कार्यक्रम को अनुज प्रताप सिंह डीपीओ नमामि गंगे, देवेंद्र गंगवार प्रमुख प्रशिक्षक, श्याम सिंह, रवेंद्र पाल सिंह, राहुल यादव, ओमपाल, नेहा बी, शहनाज, ऋषभ ठाकुर, संचित सक्सेना, मयंक तोमर, कु. लक्ष्मी, कु. राखी आदि ने भी संबोधित किया। तत्पश्चात प्रतिभागियों प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन रवेन्द्र पाल सिंह एवं अतिथियों का आभार अनुज प्रताप सिंह डीपीओ ने व्यक्त किया।
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