तेजस टूडे ब्यूरो
संदीप सिंह
प्रतापगढ़। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी इस 100 वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी वर्ष समारोह एवं पार्टी का 23वां जिला सम्मेलन समारोहपूर्वक ए0आर0 गार्डन में संपन्न हुआ। सर्वप्रथम शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। फिर वहां से इंकलाबी नारे लगाते हुए जुलूस की शक्ल में ए0आर0 गार्डन कार्यक्रम स्थल पर 23 में जिला सम्मेलन का झंडारोहण हुआ। झंडारोहण पार्टी के वरिष्ठ नेता उदय नारायण मिश्र ने किया। इसके बाद झंडा गीत वह सुबह कभी तो आएगी सुरेश चन्द्र शर्मा ने प्रस्तुत किया। इसके उपरांत देश भर में जन संघर्षों व आंदोलनों में अपनी शहादत देने वाले और अपना जीवन समर्पित करने वाले कम्युनिस्ट नेताओं और पिछले सम्मेलन से इस सम्मेलन तक मृतक विभूतियों के प्रति 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
समारोह का उद्घाटन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य कार्यकारिणी के सदस्य एवं पर्यवेक्षक का0 कल्पनाथ गुप्ता ने किया जिस बाद कहा कि पार्टी की स्थापना 26 दिसंबर 1925 को हुई थी और इसी सम्मेलन में पहली बार इंकलाब जिंदाबाद व पूर्ण स्वराज का नारा दिया गया। देश भर में स्वतंत्रता आंदोलन में लाखों कम्युनिस्टों ने अपने भागीदारी व बलिदान दिया। देश के सभी प्रमुख आंदोलनों में कम्युनिस्ट पार्टी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बड़ी संख्या में देशभर में कम्युनिस्टों को सजा मिली, फांसी हुई। उन्होंने तमाम कम्युनिस्ट आंदोलन और नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि जमीनों पर गरीबों को हक दिलाने, देश में राजशाही खत्म करने, बैंकों का राष्ट्रीयकरण किए जाने जैसे कार्यों में कम्युनिस्ट पार्टी की प्रमुख भूमिका रही।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता हेमंत नंदन ओझा ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी संघर्ष और त्याग करने वालों की पार्टी रही है। कम्युनिस्ट पार्टी को इस बात का श्रेय है की पार्टी के सभी नेता बेदाग छवि के रहे। पार्टी ने जनपद भर में पार्टी को नेतृत्व देने वाले और संघर्ष करने वाले अनेक विभूतियों को सम्मानित किया। ऐसे साथी जो जीवित नहीं है, उनका सम्मान पत्र और सम्मान चिन्ह उनके परिजनों को दिया गया जिसमें प्रमुख रूप से साहित्यकार नाजिश प्रतापगढ़ी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिव कुमार मिश्रा, आलोक भारती, आदित्य सिंह, राम खेलावन गुप्त, अवधेश सिंह, गुरबख्श सिंह, विनोद सुमन, राजेंद्र सिंह आदि के परिजनों को अंगवस्त्र एवं सम्मान चिन्ह व बैग प्रदान किया गया। साथ ही तमाम बुजुर्ग कम्युनिस्ट नेताओं को भी सम्मानित किया गया।
इस दौरान कुल 100 नेताओं को अंगवस्त्र, सम्मान चिन्ह एवं बैग देकर सम्मानित किया गया। शुभकामना देने वालों में सीपीएम के जिला मंत्री आशुतोष शुक्ला, सीपीआई (एमएल) के जिला मंत्री रामनरेश पटेल, एसयूसीआई (क0) के जिला मंत्री बेचन अली और किसान पार्टी के अध्यक्ष शमसुज्ज्जमां रहे। समारोह की अध्यक्षता पार्टी के वरिष्ठ नेता उदय नारायण मिश्र, रामबरन सिंह एवं सुशीला मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया। समारोह को संबोधित करने वालों में किसान नेता निर्भय प्रताप सिंह, रशीद अहमद, सुरेंद्र बौद्ध, राजमणि पांडेय, एसबी भट्ट आदि रहे।
इस दौरान आलोक भारती की पुत्री अनुभूति द्विवेदी ने अपना भावुक उद्बोधन प्रस्तुत किया। पार्टी के शताब्दी समारोह के साथ ही पार्टी के 23वां सम्मेलन के प्रतिनिधि सत्र में पार्टी के 29 सदस्यीय जिला काउंसिल, 13 सदस्यीय कार्यकारिणी एवं 9 सदस्यीय मंत्री परिषद का चुनाव किया गया। सर्वसम्मत से पार्टी का जिला मंत्री राजमणि पांडे को चुना गया। साथ ही रशीद अहमद और निर्भय प्रताप सिंह को सहायक सचिव, रामबरन सिंह, हेमंत नंदन ओझा, विवेकानंद श्रीवास्तव, आरडी यादव, महारानी दीन विश्वकर्मा, हरी राज यादव को मंत्री परिषद का सदस्य चुना गया। पार्टी के राज्य सम्मेलन के लिए दो प्रतिनिधियों रामबरन सिंह एवं हेमंत नंदन ओझा का चुनाव किया गया। उक्त अवसर पर संदीप शर्मा, सुभाष चन्द्र पटेल, वेद प्रकाश, नवाब अली, मंटू शर्मा, मनोज, आलोक सिंह, राम स्वरूप पाल, राजमणि सिंह, रीना सिंह, नीलम, लाल बहादुर तिवारी, बृजनाथ ओझा, महाबली मौर्य आदि उपस्थित रहे।
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