हिन्दी भाषा ही नहीं बल्कि हर हिन्दुस्तानी के आत्मा की आवाज है: मनोज
श्रवण सिंह
कैमूर, भभुआ (बिहार)। हिंदी भाषा के रूप में नही इसकी पहचान है बल्कि यह मातृ भाषा हर हिन्दुस्तानियों की आत्मा की आवाज है। उक्त विचार राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के उप महानिरीक्षक वाराणसी मनोज कुमार शर्मा ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिंदी भारत की पहचान है और यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक-संप्रेषक और परिचायक भी है। हमें न केवल आधिकारिक कामकाज में बल्कि हमारी नियमित बोलचाल में भी हिंदी को प्रोत्साहित करने के लिए अपने स्तर पर सभी को सर्वोत्तम प्रयास करना चाहिए। श्री शर्मा ने बताया कि हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) वाराणसी द्वारा सार्थक प्रयास ज़ारी हैं। इसी क्रम में वाहिनी में बीते 14 सितम्बर से 29 सितम्बर के बीच “हिंदी पखवाड़े” का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में जवानों द्वारा हिंदी निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, श्रुति लेखन एवं हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता आदि कार्यक्रम शामिल किए गए थे। इस अवसर पर वाहिनी मुख्यालय वाराणसी और इसके सभी क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केन्द्रों लखनऊ, गोरखपुर और भोपाल में हिंदी भाषा में कार्य करने हेतु विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ठ स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। आयोजन के समापन में एनडीआरएफ महानिदेशक द्वारा जारी अपील को पढ़कर सभी को सुनाया गया।

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