लखनऊ में अवैध प्लॉटिंग का खेल, सरोजनी नगर में सबसे ज्यादा मामले
कमिश्नर का सख्त आदेश- एक्शन नहीं लेने वालों पर होगा एक्शन
तेजस टूडे ब्यूरो
शुभम जायसवाल
लखनऊ। लखनऊ में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा का मामला तेजी से बढ़ा है। मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने इस पूरे मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए अब तक कई भू-माफियाओं और प्रॉपर्टी डीलरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। तहसीलों के आंकड़े बताते हैं कि सबसे अधिक जमीनों के फजीर्वाड़े सरोजनीनगर, सदर और बीकेटी में हैं।
मंडलायुक्त के अनुसार बीते एक महीने में अब तक कुल 85 से अधिक मामलों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा और प्लॉटिंग की शिकायतें आई हैं। 55 मामलों में कार्रवाई करते हुए संबंधित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है जबकि शेष मामलों में कार्रवाई जारी है। जांच में खुलासा हुआ कि कई मामलों में राजस्व विभाग के लेखपालों और कानूनगो की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। अब तक 3 लेखपालों पर आरोप पत्र जारी किए जा चुके हैं और उन्हें निलंबन की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा नगर निगम के कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर दोबारा कब्जा करने वालों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। अगर एसडीएम स्तर के अधिकारी इस मामले में लापरवाही बरतते हैं तो उन्हें भी सस्पेंड किया जाएगा। मंडलायुक्त ने सरकारी जमीन पर अनैध कब्जों को रोकने के लिए भूमि का जीएस मैपिंग और जीरो टैगिंग, स्वामित्व का बोर्ड लगाना और अवैध प्लॉटिंग करने वाले डीलरों के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही है।
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55 जमीनों को कराया गया कब्जा मुक्त
लखनऊ के विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर सरोजनीनगर, सदर और बीकेटी तहसीलों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले सामने आए हैं। अब तक जिले में 85 से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से 55 मामलों में कार्रवाई कर जमीनों को कब्जा मुक्त कराया गया है। शेष शिकायतों पर जांच और कार्रवाई जारी है।
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अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि अगर सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा होता है, तो न केवल कब्जाधारक, बल्कि संबंधित अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने तहसील स्तर पर कानूनगो और लेखपालों को नियमित रूप से सरकारी भूमि के सर्वेक्षण और रिपोर्टिंग का निर्देश दिया।
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राजस्व एवं नगर निगम की संयुक्त टीमें गठित
सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण रोकने के लिए मंडलायुक्त ने राजस्व और नगर निगम की संयुक्त टीमें गठित की हैं। ये टीमें सरकारी भूमि की पैमाइश, जीएस मैपिंग, जीरो टैगिंग जैसे तकनीकी उपकरणों का उपयोग कर रही हैं। अवैध कब्जे को चिन्हित करने के बाद संबंधित भूमि पर सरकारी स्वामित्व का बोर्ड लगाया जा रहा है।
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प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण एवं निरीक्षण
मंडलायुक्त ने खुद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर सरकारी भूमि का निरीक्षण किया। हरिहरपुर, लोनापुर और लौलाई गांवों का दौरा करते हुए उन्होंने कब्जा मुक्त किए गए क्षेत्रों का जायजा लिया। इस दौरान मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण को लेकर हर शिकायत को प्राथमिकता से निस्तारित किया जाय।
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भू—माफियाओं को संरक्षण देने वालों पर सख्त रुख
मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि भू—माफियाओं को संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। जो लोग सरकारी जमीनों पर अवैध प्लॉटिंग में संलिप्त हैं या उनका समर्थन कर रहे हैं, उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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