योगी, घुसपैठ एवं गौमाता पर गरजे शंकराचार्य, छेड़ी नयी बहस
तेजस टूडे ब्यूरो
मुकेश तिवारी
झांसी। ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार को झांसी में कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि केवल गेरुआ वस्त्र धारण कर लेने से कोई साधु नहीं बन जाता, साधु का आचरण भी वैसा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि “योगी साधु नहीं, बुलडोजर बाबा हैं” और साधु का कार्य लोगों पर बुलडोजर चलाना नहीं होता। कुंज बिहारी मंदिर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने गौ संरक्षण को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकारों पर सवाल उठाए। साथ ही कहा कि सनातन समाज की आस्था का केंद्र गौमाता है लेकिन वर्तमान व्यवस्था में गौवंश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। गौ आश्रय स्थलों में भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जमीनी हालात सरकारी दावों से मेल नहीं खाते।
उन्होंने पश्चिम बंगाल में गौवंश संरक्षण से जुड़े कानूनों पर भी अपनी राय रखते हुये कहा कि गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए नए और प्रभावी कानून की आवश्यकता है। अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर शंकराचार्य ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आती है, इसलिए इस समस्या की जवाबदेही भी उसी की बनती है। बुंदेलखंड में आस्था के नाम पर लगने वाले दरबारों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि यदि भविष्य बताने का दावा करने वाले विद्वान इतने सक्षम हैं तो देशहित में उनकी सेवाओं का उपयोग किया जाना चाहिए। शंकराचार्य ने संकेत दिया कि आगामी विधानसभा चुनावों में गौ संरक्षण बड़ा मुद्दा बन सकता है। जो राजनीतिक दल गौ माता को राष्ट्रमाता अथवा राज्य माता का दर्जा देने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, उसे सनातन समाज का समर्थन मिल सकता है।
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