पुलिस ने महिला पूर्व प्रधान को जेल भेजा

सरायख्वाजा, जौनपुर। स्थानीय पुलिस ने मखमेलपुर की पूर्व ग्राम प्रधान प्रेमा देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह प्रकरण वर्ष 2004-2005 में शाहगंज ब्लाक के कन्या प्राथमिक विद्यालय मेहरावां में एक शिक्षामित्र की तैनाती में फर्जीवाड़ा पर एससी एसटी आयोग ने वर्ष 2018 में तत्कालीन बीएसए व शाहगंज के खंड शिक्षा अधिकारी तथा प्रधानाध्यापक व गांव प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें तत्कालीन बीएसए व शाहगंज के खंड शिक्षा अधिकारी का निधन हो गया एवं प्रधानाध्यापक की गिरफ्तारी पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। ज्ञातब्य है कि कन्या प्राथमिक विद्यालय मेहरावां में शिक्षामित्र की तैनाती में तीन महिलाओं ने आवेददन फार्म जमा किया था जिसके बाद प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी की नियुक्ति को दर किनार कर सबसे निचले स्तर की अभ्यर्थी अनीता देवी पत्नी राजेन्द्र प्रसाद की नियुक्ति की गई थी। जिसके बाद ग्रामीणों की शिकायत पर बीएसए ने जांच पड़ताल करायी और मामला सही पाये जाने पर उसे बर्खास्त कर दिया गया। जिस पर बर्खास्त शिक्षामित्र एससी एसटी आयोग गयी तो वहां भी उसे राहत नहीं मिली बल्कि आयोग ने फर्जीवाड़ा में शामिल सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराये जाने के एसपी को आदेश दिया जिसके बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू किया। पुलिस ने मुकदमा में वांछित चल रही पूर्व प्रधान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

सरायख्वाजा, जौनपुर। स्थानीय पुलिस ने मखमेलपुर की पूर्व ग्राम प्रधान प्रेमा देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह प्रकरण वर्ष 2004-2005 में शाहगंज ब्लाक के कन्या प्राथमिक विद्यालय मेहरावां में एक शिक्षामित्र की तैनाती में फर्जीवाड़ा पर एससी एसटी आयोग ने वर्ष 2018 में तत्कालीन बीएसए व शाहगंज के खंड शिक्षा अधिकारी तथा प्रधानाध्यापक व गांव प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें तत्कालीन बीएसए व शाहगंज के खंड शिक्षा अधिकारी का निधन हो गया एवं प्रधानाध्यापक की गिरफ्तारी पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगाई है।

ज्ञातब्य है कि कन्या प्राथमिक विद्यालय मेहरावां में शिक्षामित्र की तैनाती में तीन महिलाओं ने आवेददन फार्म जमा किया था जिसके बाद प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी की नियुक्ति को दर किनार कर सबसे निचले स्तर की अभ्यर्थी अनीता देवी पत्नी राजेन्द्र प्रसाद की नियुक्ति की गई थी। जिसके बाद ग्रामीणों की शिकायत पर बीएसए ने जांच पड़ताल करायी और मामला सही पाये जाने पर उसे बर्खास्त कर दिया गया।

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जिस पर बर्खास्त शिक्षामित्र एससी एसटी आयोग गयी तो वहां भी उसे राहत नहीं मिली बल्कि आयोग ने फर्जीवाड़ा में शामिल सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराये जाने के एसपी को आदेश दिया जिसके बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू किया। पुलिस ने मुकदमा में वांछित चल रही पूर्व प्रधान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।