चिनहट की डिफेंस कालोनी में अवैध कब्जे की साजिश नाकाम
रजिस्ट्रार कोर्ट ने फर्जी संस्था का पंजीकरण किया निरस्त
तेजस टूडे सं.
अखिलेश श्रीवास्तव
लखनऊ। चिनहट स्थित नगर निगम की डिफेंस कॉलोनी में अवैध कब्जे के कथित प्रयास का मामला सामने आया है। कॉलोनीवासियों की शिकायत और कानूनी लड़ाई के बाद रजिस्ट्रार कोर्ट ने एक कथित फर्जी संस्था/कंपनी का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। मामले को लेकर कॉलोनी के निवासियों में संतोष और खुशी का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार डिफेंस कॉलोनी निवासी मनोज श्याना पेशे से मोटर मैकेनिक हैं। आरोप है कि उन्होंने कुछ बाहरी व्यक्तियों एवं किराएदारों के साथ मिलकर “आनन्देश्वर विहार डेवलपर्स एसोसिएशन” नाम से एक संस्था का गठन कराया। आरोप यह भी है कि संस्था का पंजीकरण फर्जी दस्तावेजों और कथित फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर कराया गया तथा इसके जरिए डिफेंस कॉलोनी पर अवैध कब्जा करने और गेट लगाने का प्रयास किया गया जिसे स्थानीय पुलिस ने समय रहते रोक दिया था।
मामले की जानकारी होने पर कॉलोनी के कई निवासियों ने रजिस्ट्रार कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराई और संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। लगभग 5 माह तक चली सुनवाई और दस्तावेजी साक्ष्यों के परीक्षण के बाद रजिस्ट्रार कोर्ट ने संस्था का पंजीकरण निरस्त करने का आदेश जारी किया। कोर्ट ने अपने आदेश में संस्था को निजी हित के लिए गठित बताते हुए फर्जी पते और कथित फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर पंजीकरण कराए जाने की बात कही। स्थानीय निवासियों का कहना है कि संस्था में कई लोगों के नाम उनकी जानकारी के बिना शामिल किए गए थे। कोर्ट के फैसले के बाद कॉलोनीवासियों ने इसे न्याय की जीत बताया है।
क्षेत्रीय पार्षद ममता रावत और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कॉलोनी के निवासियों के हितों की रक्षा हुई है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि इस प्रकार की संस्थाएं बनाकर विकास कार्यों के नाम पर धन वसूली और संपत्तियों पर कब्जे की कोशिश की जाती है। उनका कहना है कि मामले की विस्तृत जांच और कानूनी कार्रवाई अभी भी जारी है तथा इससे जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
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