स्कूली बच्चों की फीस माफी को लेकर डीएम से मिले अभिभावकगण

मनमानी कर रहे विद्यालयों के प्रबन्धकः श्रवण जायसवाल जौनपुर। लॉक डाउन अवधि तक स्कूली बच्चों की फीस माफी को लेकर जौनपुर अभिभावक मोर्चा ने बुधवार को जिलाधिकारी दिनेश सिंह से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। साथ ही समस्त अभिभावकों ने जिलाधिकारी से स्कूली बच्चों की फीस माफी की मांग किया। ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों की अगुवाई करते हुये श्रवण जायसवाल ने कहा कि महामारी को लेकर लगे लॉक डाउन में समस्त लोग कहीं न कहीं से आर्थिक विपन्नता के शिकार हुये हैं जिनमें लगभग सभी स्कूली बच्चों के अभिभावक भी हैं। लॉक डाउन के चलते कमाई के समस्त श्रोत लगभग सभी अभिभावकों के बन्द हैं लेकिन स्कूल प्रशासन द्वारा बच्चों की फीस में लगातार वृद्धि कर रहा है। साथ ही फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है जबकि लॉक डाउन को लेकर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कह दिया है कि लॉक डाउन अवधि तक बच्चों के फीस न ली जाय। श्री जायसवाल ने कहा कि वर्तमान में समस्त विद्यालय बन्द पड़े हैं जो आनलाइन पढ़ाई के नाम पर बच्चों को कर्ण-आंख के रोगी बना रहे हैं। इसके बावजूद स्कूल प्रबन्धन का दबाव अभिभावकों पर बनाया जा रहा है कि वह फीस जमा करें। इसको लेकर तरह-तरह के मैसेज के अलावा दूरभाष के माध्यम से अभिभावकों से फीस जमा कराने के लिये दबाव बनाये जा रहे हैं। बता दें कि जो व्यवसायी वर्ग है, उनके प्रतिष्ठान बन्द हैं लेकिन इसके बावजूद वह अपने कर्मचारियों को वेतन दे रहे हैं परन्तु स्कूल इस बात का रोना रो रहे हैं कि अध्यापकों सहित अन्य सम्बन्धित लोगों को वेतन देना है। श्री जायसवाल ने कहा कि जब व्यवसायी अपनी दुकान बन्द करते हुये कर्मचारियों को वेतन दे सकता है तो स्कूल प्रबन्धन क्यों नहीं दे सकता है? ऐसे में बगैर पढ़ाई के अभिभावक स्कूल को फीस क्यों दे? अभिभावकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से सूबे के मुख्यमंत्री से मांग किया कि ऐसे समस्त स्कूल प्रबन्धकों को आदेश किया जाय कि लॉक डाउन अवधि तक वह अभिभावकों से फीस न ले तथा किसी प्रकार का दबाव भी न बनाये। इस अवसर पर पंकज शुक्ला, गौरव श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार यादव, दिलीप साहू, इरफान मंसूरी सहित तमाम अभिभावक सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुये मौजूद रहे।

मनमानी कर रहे विद्यालयों के प्रबन्धकः श्रवण जायसवाल

जौनपुर। लॉक डाउन अवधि तक स्कूली बच्चों की फीस माफी को लेकर जौनपुर अभिभावक मोर्चा ने बुधवार को जिलाधिकारी दिनेश सिंह से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। साथ ही समस्त अभिभावकों ने जिलाधिकारी से स्कूली बच्चों की फीस माफी की मांग किया। ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों की अगुवाई करते हुये श्रवण जायसवाल ने कहा कि महामारी को लेकर लगे लॉक डाउन में समस्त लोग कहीं न कहीं से आर्थिक विपन्नता के शिकार हुये हैं जिनमें लगभग सभी स्कूली बच्चों के अभिभावक भी हैं।

लॉक डाउन के चलते कमाई के समस्त श्रोत लगभग सभी अभिभावकों के बन्द हैं लेकिन स्कूल प्रशासन द्वारा बच्चों की फीस में लगातार वृद्धि कर रहा है। साथ ही फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है जबकि लॉक डाउन को लेकर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कह दिया है कि लॉक डाउन अवधि तक बच्चों के फीस न ली जाय। श्री जायसवाल ने कहा कि वर्तमान में समस्त विद्यालय बन्द पड़े हैं जो आनलाइन पढ़ाई के नाम पर बच्चों को कर्ण-आंख के रोगी बना रहे हैं। इसके बावजूद स्कूल प्रबन्धन का दबाव अभिभावकों पर बनाया जा रहा है कि वह फीस जमा करें। इसको लेकर तरह-तरह के मैसेज के अलावा दूरभाष के माध्यम से अभिभावकों से फीस जमा कराने के लिये दबाव बनाये जा रहे हैं।

मनमानी कर रहे विद्यालयों के प्रबन्धकः श्रवण जायसवाल  जौनपुर। लॉक डाउन अवधि तक स्कूली बच्चों की फीस माफी को लेकर जौनपुर अभिभावक मोर्चा ने बुधवार को जिलाधिकारी दिनेश सिंह से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। साथ ही समस्त अभिभावकों ने जिलाधिकारी से स्कूली बच्चों की फीस माफी की मांग किया। ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों की अगुवाई करते हुये श्रवण जायसवाल ने कहा कि महामारी को लेकर लगे लॉक डाउन में समस्त लोग कहीं न कहीं से आर्थिक विपन्नता के शिकार हुये हैं जिनमें लगभग सभी स्कूली बच्चों के अभिभावक भी हैं। लॉक डाउन के चलते कमाई के समस्त श्रोत लगभग सभी अभिभावकों के बन्द हैं लेकिन स्कूल प्रशासन द्वारा बच्चों की फीस में लगातार वृद्धि कर रहा है। साथ ही फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है जबकि लॉक डाउन को लेकर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कह दिया है कि लॉक डाउन अवधि तक बच्चों के फीस न ली जाय। श्री जायसवाल ने कहा कि वर्तमान में समस्त विद्यालय बन्द पड़े हैं जो आनलाइन पढ़ाई के नाम पर बच्चों को कर्ण-आंख के रोगी बना रहे हैं। इसके बावजूद स्कूल प्रबन्धन का दबाव अभिभावकों पर बनाया जा रहा है कि वह फीस जमा करें। इसको लेकर तरह-तरह के मैसेज के अलावा दूरभाष के माध्यम से अभिभावकों से फीस जमा कराने के लिये दबाव बनाये जा रहे हैं। बता दें कि जो व्यवसायी वर्ग है, उनके प्रतिष्ठान बन्द हैं लेकिन इसके बावजूद वह अपने कर्मचारियों को वेतन दे रहे हैं परन्तु स्कूल इस बात का रोना रो रहे हैं कि अध्यापकों सहित अन्य सम्बन्धित लोगों को वेतन देना है। श्री जायसवाल ने कहा कि जब व्यवसायी अपनी दुकान बन्द करते हुये कर्मचारियों को वेतन दे सकता है तो स्कूल प्रबन्धन क्यों नहीं दे सकता है? ऐसे में बगैर पढ़ाई के अभिभावक स्कूल को फीस क्यों दे? अभिभावकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से सूबे के मुख्यमंत्री से मांग किया कि ऐसे समस्त स्कूल प्रबन्धकों को आदेश किया जाय कि लॉक डाउन अवधि तक वह अभिभावकों से फीस न ले तथा किसी प्रकार का दबाव भी न बनाये। इस अवसर पर पंकज शुक्ला, गौरव श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार यादव, दिलीप साहू, इरफान मंसूरी सहित तमाम अभिभावक सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुये मौजूद रहे।

बता दें कि जो व्यवसायी वर्ग है, उनके प्रतिष्ठान बन्द हैं लेकिन इसके बावजूद वह अपने कर्मचारियों को वेतन दे रहे हैं परन्तु स्कूल इस बात का रोना रो रहे हैं कि अध्यापकों सहित अन्य सम्बन्धित लोगों को वेतन देना है। श्री जायसवाल ने कहा कि जब व्यवसायी अपनी दुकान बन्द करते हुये कर्मचारियों को वेतन दे सकता है तो स्कूल प्रबन्धन क्यों नहीं दे सकता है? ऐसे में बगैर पढ़ाई के अभिभावक स्कूल को फीस क्यों दे? अभिभावकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से सूबे के मुख्यमंत्री से मांग किया कि ऐसे समस्त स्कूल प्रबन्धकों को आदेश किया जाय कि लॉक डाउन अवधि तक वह अभिभावकों से फीस न ले तथा किसी प्रकार का दबाव भी न बनाये। इस अवसर पर पंकज शुक्ला, गौरव श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार यादव, दिलीप साहू, इरफान मंसूरी सहित तमाम अभिभावक सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुये मौजूद रहे।

मनमानी कर रहे विद्यालयों के प्रबन्धकः श्रवण जायसवाल  जौनपुर। लॉक डाउन अवधि तक स्कूली बच्चों की फीस माफी को लेकर जौनपुर अभिभावक मोर्चा ने बुधवार को जिलाधिकारी दिनेश सिंह से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। साथ ही समस्त अभिभावकों ने जिलाधिकारी से स्कूली बच्चों की फीस माफी की मांग किया। ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों की अगुवाई करते हुये श्रवण जायसवाल ने कहा कि महामारी को लेकर लगे लॉक डाउन में समस्त लोग कहीं न कहीं से आर्थिक विपन्नता के शिकार हुये हैं जिनमें लगभग सभी स्कूली बच्चों के अभिभावक भी हैं। लॉक डाउन के चलते कमाई के समस्त श्रोत लगभग सभी अभिभावकों के बन्द हैं लेकिन स्कूल प्रशासन द्वारा बच्चों की फीस में लगातार वृद्धि कर रहा है। साथ ही फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है जबकि लॉक डाउन को लेकर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कह दिया है कि लॉक डाउन अवधि तक बच्चों के फीस न ली जाय। श्री जायसवाल ने कहा कि वर्तमान में समस्त विद्यालय बन्द पड़े हैं जो आनलाइन पढ़ाई के नाम पर बच्चों को कर्ण-आंख के रोगी बना रहे हैं। इसके बावजूद स्कूल प्रबन्धन का दबाव अभिभावकों पर बनाया जा रहा है कि वह फीस जमा करें। इसको लेकर तरह-तरह के मैसेज के अलावा दूरभाष के माध्यम से अभिभावकों से फीस जमा कराने के लिये दबाव बनाये जा रहे हैं।  बता दें कि जो व्यवसायी वर्ग है, उनके प्रतिष्ठान बन्द हैं लेकिन इसके बावजूद वह अपने कर्मचारियों को वेतन दे रहे हैं परन्तु स्कूल इस बात का रोना रो रहे हैं कि अध्यापकों सहित अन्य सम्बन्धित लोगों को वेतन देना है। श्री जायसवाल ने कहा कि जब व्यवसायी अपनी दुकान बन्द करते हुये कर्मचारियों को वेतन दे सकता है तो स्कूल प्रबन्धन क्यों नहीं दे सकता है? ऐसे में बगैर पढ़ाई के अभिभावक स्कूल को फीस क्यों दे? अभिभावकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से सूबे के मुख्यमंत्री से मांग किया कि ऐसे समस्त स्कूल प्रबन्धकों को आदेश किया जाय कि लॉक डाउन अवधि तक वह अभिभावकों से फीस न ले तथा किसी प्रकार का दबाव भी न बनाये। इस अवसर पर पंकज शुक्ला, गौरव श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार यादव, दिलीप साहू, इरफान मंसूरी सहित तमाम अभिभावक सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुये मौजूद रहे।
Deepak Jaiswal 7007529997, 9918557796
आप लोगों भरपूर सहयोग और प्यार की वजह से तेजस टूडे डॉट कॉम आज Google News और Dailyhunt जैसे बड़े प्लेटर्फाम पर जगह बना लिया है। आज इसकी पाठक संख्या लगातार बढ़ रही है और इसके लगभग 2 करोड़ विजिटर हो गये है। आपका प्यार ऐसे ही मिलता रहा तो यह पूर्वांचल के साथ साथ भारत में अपना एक अलग पहचान बना लेगा।