डीएम हो तो ऐसे, इस भीषण गर्मी में एसी कार्यालय छोड़ परख रहें धरातलीय हक़ीकतें
गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्धता एवं तकनीकी मानकों का पूर्ण अनुपालन करना सुनिश्चित करें: पुलकित गर्ग
तेजस टूडे ब्यूरो
चित्रकूट। जिलाधिकारी ने स्थालीय निरीक्षण पूर्व निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार संपन्न कराया गया जिसमें योजना के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कर धरातलीय स्थिति का विस्तृत जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान सर्वप्रथम ग्राम पंचायत सरहट, राजस्व ग्राम मानिकपुर ग्रामीण स्थित निर्मित क्लियर वाटर रिजर्वॉयर (CWR) का निरीक्षण किया गया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने बताया गया कि मानिकपुर रूरल ओवरहेड टैंक की क्षमता 175 KL/12 मीटर है तथा CWR की क्षमता 50 KL है। योजना के अंतर्गत कुल 20512 मीटर पाइपलाइन प्रस्तावित है जिसमें 20188 मीटर पाइपलाइन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मानिकपुर ग्रामीण में निर्मित क्लियर वाटर रिजर्वॉयर के माध्यम से 5 HP क्षमता के 2 नग पम्प (1 कार्यशील एवं 1 स्टैंडबाय), क्षमता 25.67 m³/hr के माध्यम से मानिकपुर ग्रामीण ओवरहेड टैंक को भरा जाता है। इसके अतिरिक्त 10 HP क्षमता के 02 नग पम्प (01 कार्यशील एवं 01 स्टैंडबाय), क्षमता 50.4 m³/hr के माध्यम से Kubri OHT एवं Hela OHT को जलापूर्ति की जाती है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा योजना अंतर्गत ग्रामवार जल संयोजन एवं फंक्शनल स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई जिसके अनुसार मानिकपुर रूरल ग्राम में 400 गृह संयोजन स्थापित हैं तथा सभी 400 संयोजन फंक्शनल है। हेला ग्राम में 208 गृह संयोजन स्थापित हैं तथा सभी 208 संयोजन क्रियाशील है। झरी ग्राम में 38 गृह संयोजन स्थापित किए गए हैं जहां जलापूर्ति व्यवस्था प्रगतिरत पाई गई। उमरी ग्राम में 282 गृह संयोजन स्थापित हैं तथा सभी संयोजन फंक्शनल है। इसी प्रकार खिचरी ग्राम में 243 गृह संयोजन स्थापित हैं तथा सभी संयोजन नियमित रूप से संचालित है।
मौके पर उपस्थित अधिशासी अभियंता खंड कार्यालय विद्युत यांत्रिक उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) ने जिलाधिकारी को बताया कि मानिकपुर ग्रामीण ओवरहेड टैंक हेतु CWR के आउटलेट प्वाइंट पर स्थापित फ्लो मीटर की रीडिंग विगत लगभग 15 दिवस से सही प्राप्त नहीं हो रही है। इस पर जिलाधिकारी द्वारा कार्यदायी संस्था GVPR के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर एस. मौर्य को कड़ी फटकार लगाते हुये निर्देशित किया कि संपूर्ण योजना के SCADA Automation से संबंधित समस्त कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तत्काल प्रस्तुत की जाए तथा आगामी एक सप्ताह के भीतर पूरी योजना में SCADA Automation प्रणाली पूर्ण रूप से क्रियाशील कराना सुनिश्चित किया जाय।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह भी बताया कि हेला ओवरहेड टैंक के माध्यम से ग्राम बगदरी, गोधराई एवं निही ग्राम में जलापूर्ति किया जाना प्रस्तावित है। अधिकारियों ने बताया कि हेला OHT की क्षमता 125 KL/8 मीटर है। योजना अंतर्गत लगभग 15624 मीटर पाइपलाइन के सापेक्ष 16480 मीटर पाइपलाइन कार्य पूर्ण किया जा चुका है जबकि लगभग 500 मीटर Cap Closing Balance शेष है। योजना अंतर्गत ग्राम बगदरी में 336 गृह संयोजन स्थापित किए गए हैं तथा सभी 336 संयोजन फंक्शनल पाए गए। जिलाधिकारी के ने बगदरी ग्राम में निरीक्षण करते हुए कई उपभोक्ताओं से नियमित फीडबैक लिया। इसके संबंध में ग्रामीणों द्वारा संतुष्टि व्यक्त की गई। साथ ही जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि बगदरी ग्राम में पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त की गई 2 मी नाली की मरम्मत का कार्य को अभिलंब करना सुनिश्चित किया जाय।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने द्वारा FTK महिलाओं को FTK किट वितरित की गई। मौके पर FTK महिलाओं द्वारा ग्राम में सप्लाई किए जा रहे पेयजल की जांच की गई तथा क्लोरीन टेस्ट भी किया गया जो मानक के अनुरूप पाया गया। डीएम ने FTK महिलाओं को निर्देशित किया गया कि वे नियमित रूप से पेयजल की जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट समय से पोर्टल पर अपडेट करती रहें। साथ ही अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गए कि FTK महिलाओं के लंबित मानदेय के भुगतान हेतु मुख्यालय स्तर पर समन्वय स्थापित करते हुए अविलंब आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।
गोबरहाइ ग्राम में 122 गृह संयोजन स्थापित किए गए हैं जहां नियमित जलापूर्ति प्रारंभ किया जाना शेष पाया गया। निही ग्राम में 140 गृह संयोजन स्थापित किए गए हैं जिनमें से
नियमित जला पूर्ति अभी प्रारंभ नहीं हुई है, कमिश्निंग का कार्य शेष है। इसके पश्चात जिलाधिकारी महोदय द्वारा गोधराई एवं निही ग्राम में संचालित कमिश्निंग कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया कि आगामी एक सप्ताह के भीतर दोनों ग्रामों में कमिश्निंग कार्य पूर्ण कर नियमित जलापूर्ति प्रत्येक दशा में प्रारंभ कराई जाए। इस पर फर्म GVPR के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर एस. मौर्य ने आश्वासन दिया कि आगामी एक सप्ताह के भीतर दोनों ग्रामों में नियमित जलापूर्ति प्रारंभ कर दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्धता एवं तकनीकी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डी.पी. पाल, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) स्वप्निल यादव, अधिशासी अभियंता खंड कार्यालय उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) आशीष भारती, अधिशासी अभियंता खंड कार्यालय विद्युत यांत्रिक उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), सुमित कुमार सहायक अभियंता, शशिकांत मौर्य सहायक अभियंता, गुलाम सिब्टेन जूनियर इंजीनियर खंड कार्यालय उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), विजय शंकर यादव, फर्म GVPR चित्रकूट के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर एस. मौर्य सहित जल जीवन मिशन से संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधिगण मौजूद रहे।
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