आखिर कब तक कार्यवाहक थानाध्यक्ष के भरोसे चलेगा ऊंचाहार जैसा संवेदनशील थाना?
पुलिस लाइन से लेकर एसपी कार्यालय तक में दर्जन भर दरोगा व इंस्पेक्टर कुर्सी का कर रहे इंतजार
तेजस टूडे सं.
अनुभव शुक्ला
रायबरेली। जिले का एक ऐसा संवेदनशील थाना जिसे पिछले एक माह से ऊपर का समय बीतने के बाद अब तक स्थाई थानाध्यक्ष की कुर्सी मुनासिब नहीं हो सकी है। यह हाल ऊंचाहार थाना ही नहीं जिले की पांच चौकियों का भी है जहां काम चलाऊ चौकी इंचार्ज कार्यवाहक बनकर क्षेत्र में मलाई काट रहे हैं।
विदित हो कि पिछले लगभग एक माह आठ दिनों से ऊंचाहार को स्थाई थानाध्यक्ष का बेसब्री से इंतजार है परंतु शायद काम चलाऊ नौसिखिया कार्यवाहक थानाध्यक्ष के भरोसे ही ऊंचाहार जैसी संवेदनशील कोतवाली का संचालन महीनों अभी होना है। आखिर स्थाई थानाध्यक्ष ऊंचाहार थाना को कब मिलेगा इसका उत्तर मिलना मील का पत्थर साबित हो रहा है। जानकारी के मुताबिक बीते अप्रैल महीने में ऊंचाहार थानाध्यक्ष रहे इंस्पेक्टर अजय राय का तबादला गैर जनपद हो गया था जिसके बाद एनटीपीसी चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक संजय शर्मा को ऊंचाहार थाना का अस्थाई थानाध्यक्ष बनाया गया है तभी से ऊंचाहार थाना मानों रामभरोसे चल रहा है।
विदित हो कि जिले के 19 थानों में ऊंचाहार पिछले कुछ वर्षों में हुई घटनाओं की गणना करने पर एक संवेदनशील थाना गिना जाता है जहां जून 2017 में जघन्य अप्टाकांड, जनवरी 2019 में बाबा प्रेमदास हत्याकांड व 2 अक्टूबर 2025 को हरिओम वाल्मीकि हत्याकांड जो पुलिस कर्मियों कि लापरवाही से कारित हुई । जिसमें 19 लोगों को जेल भेजे जाने की कार्यवाही जिले के इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुकी है। ऊंचाहार वह थाना क्षेत्र जो सरकारी कागजों में सबीश पुर व कोटिया चित्रा जैसे गांव गांजा तस्करी के गढ़ गिने जाते हैं रात होते ही जेसीबी की गड़गड़ाहट गूंजने लगती है। आये दिन दर्जनों फरियादियों की सुबह से ही थाना पर लाइन लग जाती है। रसूखदारों की धमक के चलते फरियादियों को न्याय तक नहीं मिल पाता।
ऊंचाहार थाना जिसकी एक सीमा फतेहपुर व दूसरी सीमा प्रतापगढ़ जैसे जनपद से जुड़ी हुई है। उस थाना की कमान पिछले लगभग एक माह 8 दिनों से उपनिरीक्षक संजय शर्मा के हाथों सौंप रखी गई है। सवाल यह है कि इतने संवेदनशील थाना क्षेत्र का जिम्मा जब इंस्पेक्टरों के सम्हालने में दांतों पसीने छूटते हैं तो आखिर एक उपनिरीक्षक कैसे भला राम भरोसे थाना को कब तक चला पायेगा? फरियादी न्याय के बिना ऊंचाहार थाना क्षेत्र में अकुला रहे हैं। छोटे छोटे मामलों में फरियादियों को जिला पुलिस मुख्यालय तक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
गौरतलब है कि एक दौर था जब रातों रात थाना व चौकी से प्रभारियों के तबादले होने के तुरंत बाद नये प्रभारी को स्थाई रूप से थाना व चौकी पर तैनात किया जाता था किंतु अब तो महीने भर तक चौकी व थानों कि कुर्सियों को स्थाई प्रभारी का इंतजार करना पड़ रहा है। यदि सूत्रों की मानें तो जिले भर में डिघिया चौकी, लालगंज चौकी, नरपतगंज चौकी , जहानाबाद चौकी, एम्स चौकी, थाना ऊंचाहार में स्थाई प्रभारियों का पद खाली है। ऐसा इस स्थिति में है जहां वर्तमान में पुलिस लाइन व पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर दर्जन भर जानकार इंस्पेक्टरों व उपनिरीक्षक थाना व चौकी पाने का इंतजार महीनों से इंतजार कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या पुलिस लाइन से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक क्या तजुर्बेदार दरोगा व इंस्पेक्टरों की जनपद में कमी है? जो नौसिखिया दरोगा व उपनिरीक्षकों के भरोसे अस्थाई प्रभार देकर थाना व चौकियों का संचालन कराया जा रहा है जिले की रामभरोसे चल रही कानून व्यवस्था आखिर कब तक चौकियों पर तैनात काम चलाऊ दरोगा व थानों पर तैनात इंस्पेक्टरों के भरोसे चलेगी? इसका उत्तर मिल पाना मील का पत्थर साबित हो रहा है।
आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।









600 बीमारी का एक ही दवा RENATUS NOVA







