पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली, ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा की चहुंओर चर्चा
राजनेताओं के आंखों की किरकिरी बनीं सिंघम कप्तान, होगा वही जो होगा सही
तेजस टूडे ब्यूरो
जयशंकर दूबे
सुल्तानपुर। आम जनमानस की माने तो बहुत दिनों के बाद जनपद में तेज—तर्रार पुलिस अधीक्षक की तैनाती हुई है। लोगों का कहना है कि जन शिकायतों में प्रार्थना पत्रों का निस्तारण तत्काल प्रभाव से अधीनस्थों के माध्यम से करने का जज्बा रखने वाली कप्तान साहिबा उन लोगों की आंखों में किरकिरी बनी है जिन राजनेताओं द्वारा गलत कार्यों को करने के लिए पुलिस महकमे पर दबाव बनाया जाता था।
इसके पहले भी ट्रेनिंग दौरान गोरखपुर जनपद में रह चुकी विभाग के अनुसार पुलिस अधिकारी पद पर तैनाती दौरान एक पार्टी के नेता को सबक सिखाने का काम किया था। गलत भाव से मिलने का जज्बा भी नहीं जुटा पा रहे नेता जी। जनता दरबार में आने वाली शिकायतों का निस्तारण तत्काल करने से भी आम जनता में पुलिस विभाग के प्रति विश्वास बढ़ा है।
वहीं सूत्रों की मानें तो अधीनस्थ तैनात पुलिस महकमे के शाहबानो को भी तेज तर्रार विभाग की मुखिया हजम नहीं हो रही है। आख़िर लाज़मी है कि शिकायतकर्ताओं को थाने से लेकर मुख्यालय तक का चक्कर लगाते—लगाते चप्पल के शोल घिस जाते थे, फिर भी प्रतिफल शून्यतर के समतुल्य ही होता था। हालांकि अनुशासन प्रिय कप्तान की लोकप्रियता आम जनमानस में लगातार बढ़ती दिखाईं दे रही है।
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