जरूरमतन्दों का संकट मोचक है देवदूत वानर सेना: डा. विजय
तेजस टूडे ब्यूरो
शुभांशू जायसवाल
जौनपुर। देवदूत वानर सेना एक समाजसेवी संगठन है जो जरूरतमन्दों की मदद सेवा और सहायता के लिए काम करता है। हमारा लक्ष्य समाज में निस्वार्थ भाव से सेवा करना, जरुरतमंदों को मेडिकल सहायता, रक्तदान, गरीब लडकियों के लिए कन्यादान, रोजगार सहायता आदि किसी भी प्रकार की मुसीबत में हम लोग खड़े रहना है। आज यह संगठन राष्ट्रीय स्तर से आगे बढ़कर विदेशो में भी वानर सेना का वालंटियर बने हैं। इस संगठन में कई आईएएस, पीसीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक सहित अन्य पेशेवर समाजसेवी शामिल हैं जो निस्वार्थ भाव से सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। उक्त बातें डा. विजय रघुवंशी प्रदेश अध्यक्ष शिक्षा प्रकोष्ठ देवदूत वानर सेना ने प्रेस को जारी बयान में कही।
उन्होंने आगे कहा कि देवदूत वानर का कार्य जाति—धर्म से ऊपर उठकर चाहे वह सुल्तानपुर का मासूम बच्चा अनुमय के लिए 16 करोड रुपए के इंजेक्शन का कार्य रहा हो या फिर दिग्गज क्रिकेटर विनोद कांबली, सबके लिए एक जैसी ही प्रणाली रहती है। आज हर रोज करीब 10—15 जरूरतमंदों का अभियान चलता रहता है। सबसे खास बात यह है कि वानर सेना हर जरूरतमंद के सीधे बैंक अकाउंट या बारकोड के माध्यम से एक—दूसरे से सोशल मीडिया के माध्यम से ग्रुप बनाकर 10, 20, 50 ,100, 500, 1000 तक अपनी इच्छा अनुसार लोग मदद करते रहते हैं और बूंद बूंद से सागर भरने पर काम होता है।
श्री सिंह ने कहा कि वानर सेना एक ऐसा डाटाबेस तैयार करने की कोशिश कर रहा है जिससे उसकी नेटवर्क के गरीब मरीजों को बड़े अस्पतालों में बिना किसी देरी के रेफरल और बेड मिल सके। वानर सेना का विस्तार अब यह संगठन हर गांव से कम से कम एक नौजवान देवदूत पैदा करना जिससे गांव में आपसी भाईचारा कायम रह सके और लोग मिलजुल कर मदद कर सके। इसका विस्तार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र तक अपने वालंटियर द्वारा पैर प्रसार चुका है। संस्थापक अजीत प्रताप सिंह आज भी हर अभियान की खुद समीक्षा करते रहते हैं और मदद करवाते रहते हैं।
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