माहवारी को किशोरी शर्म नहीं, बल्कि माने सामान्य जैविक प्रक्रिया: वन्दना
‘चुप्पी तोड़ो, सब खुलकर बोलो’ जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन
तेजस टूडे सं.
विनोद कुमार
केराकत, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के थानागद्दी में स्थित धर्मशाला में मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था द्वारा ‘मेरी मुस्कान प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत “चुप्पी तोड़ो, सब खुलकर बोलो” जागरूकता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य माहवारी से जुड़ी चुप्पी, शर्म और भ्रांतियों को तोड़ना था। इस दौरान मुसहर समुदाय सहित दलित एवं मुस्लिम समुदायों की 50 से अधिक किशोरी बालिकाओं ने खुलकर भाग लेने के साथ ही अन्य महिलाओं को जागरूक करने की शपथ ली। संस्था की टीम ने किशोरियों के साथ माहवारी के जैविक पहलुओं, स्वच्छता प्रबंधन, पौष्टिक आहार और सैनिटरी पैड के सुरक्षित उपयोग पर विस्तार से चर्चा किया जिस पर किशोरियों ने माहवारी के दौरान आने वाली सामाजिक चुनौतियों और अपने अनुभवों को भी साझा किया।
वहीं मेरी मुस्कान प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर वंदना ने बताया, “गांवों में आज भी माहवारी को लेकर चुप्पी है। किशोरियां न स्कूल में और न ही घर पर खुलकर बात कर पाती हैं। हमारा प्रयास है कि हर किशोरी इसे शर्म नहीं, बल्कि सामान्य जैविक प्रक्रिया माने। ‘चुप्पी तोड़ो’ इसी दिशा में एक कदम है।” बता दें कि आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था लगातार मुसहर समुदाय की किशोरियों को स्वास्थ्य, पोषण और एचपीवी टीकाकरण से जोड़ने का काम कर रही है। माहवारी स्वच्छता इसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन देवी, अभिलाषा, शीला, सविता समेत भारी संख्या में महिलाएं व किशोरी मौजूद रहीं। कार्यक्रम के समाप्ति के दौरान मौजूद किशोरी व महिलाओं में सीनेटरी पैड निशुल्क वितरण किया गया।
आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।









600 बीमारी का एक ही दवा RENATUS NOVA

