कार्यदायी संस्थाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न
गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर जिलाधिकारी ने दिये कड़े निर्देश
तेजस टूडे ब्यूरो
जौनपुर। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यदायी संस्थाओं की समीक्षा बैठक हुई। इस मौके पर विभिन्न निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मापुर के पुनर्निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण कर अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाए सुनिश्चित की जाए। विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं अध्ययन हेतु आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) मड़ियाहूं का निर्माण कार्य पूर्ण होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को शीघ्र हैंडओवर की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन (शहरी) के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि वर्षा ऋतु से पूर्व क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तथा खुले एवं क्षतिग्रस्त मैनहोलों को ठीक कराया जाए जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। माँ शीतला चौकिया धाम मंदिर के सौंदरीकरण कार्य को और तेजी से करने के निर्देश देते हुये कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाय।
उन्होंने निर्देशित किया कि सभी निर्माण स्थलों पर योजना का नाम, लागत, कार्यदायी संस्था एवं अन्य आवश्यक विवरणों का सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाय जिससे आमजन को परियोजना की जानकारी उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी ने सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि कार्यस्थलों पर डेंजर बोर्ड, रिफ्लेक्टर एवं अन्य सुरक्षा उपकरण लगाए जाएं तथा कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। श्रम कानूनों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाय।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी बड़े निर्माण कार्यों में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन (आईआईटी बीएचयू, कानपुर) से कराया जाय जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। सभी कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ ठेकेदारों का भुगतान भी निर्धारित समयावधि में किया जाय जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
उन्होंने निर्देशित किया कि संबंधित नोडल विभागों के अधिकारी प्रत्येक माह कम से कम दो बार निर्माण स्थलों का निरीक्षण अनिवार्य रूप से करें। सभी कार्यस्थलों पर संचालित सरकारी योजनाओं का समुचित एवं स्पष्ट प्रदर्शन कराया जाय जिससे आमजन को परियोजना संबंधी जानकारी प्राप्त हो सके। निर्माण स्थलों पर उचित बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण एवं हरित क्षेत्र (ग्रीनरी) विकसित किया जाए तथा सभी व्यवस्थाएं सुनियोजित एवं व्यवस्थित अवस्था में रखी जाएं। जनपद में संचालित सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराया जाना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. अरुण यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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