सोने की खरीद पर इब्जा ने की ज्वेलर्स एवं ग्राहक से संयम बरतने की अपील
प्रधानमंत्री ने यह नहीं कहा है कि दुकान बन्द कर दें: मधुसूदन बैंकर
तेजस टूडे ब्यूरो
शुभांशू जायसवाल
जौनपुर। इण्डिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के जिला सेक्रेटरी मधुसूदन बैंकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सोने की खरीद को लेकर दिए गये वक्तव्य पर देश के सबसे बड़े ज्वेलर्स संगठन इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा दिए गए बयान को जारी कर ज्वेलर्स और ग्राहकों दोनों से संयम बरतने की अपील किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह कहीं नहीं कहा कि दुकान बंद कर दें या ग्राहकों को स्वर्णाभूषण न बेचें। देश अभी कठिन दौर से गुजर रहा है, इसलिए संभव हो तो एक वर्ष तक सोने का उपयोग कम करें। इसका मतलब यह नहीं कि खरीदारी बंद कर दें। जरूरत अनुसार खरीदें। जितना कम से कम काम चले, उतना खरीदें या घर में पड़े पुराने सोने को रीसायकल/रिपॉलिश कराकर काम चलायें। IBJA ने ज्वेलर्स बन्धुओं से पैनिक न होने की अपील करते हुये श्री बैंकर ने कहा कि सरकार के पास कोई बड़ा रोडमैप हो सकता है, इसलिए थोड़ा समय लगेगा। संगठन इस विषय की गंभीरता से समीक्षा कर रहा है और कई एजेंसियों के सम्पर्क में है। जो भी फैसला होगा, जल्द ज्वेलर्स और मीडिया को बताया जाएगा।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि वह अभी किसी आंदोलन, उग्र प्रदर्शन या बंदी का समर्थन नहीं करता है, सभी ज्वेलर्स से अपील है कि वह पहले की तरह अपने व्यवसाय को सामान्य रूप से चलायें। संगठन ने ग्राहकों से अपील किया कि प्रधानमंत्री की बातों को गंभीरता से लें अगर 100 ग्राम की जरूरत है तो कोशिश करें कि जितने कम में काम चले, उतना ही खरीदें भारत को सोना बाहर से मंगाना पड़ता है जिससे विदेशी मुद्रा खर्च होती है। बेहतर है कि घर में पड़े पुराने सोने को रीसायकल कराकर नए जेवर बनवा लें। संगठन जल्द सरकार से इस विषय पर बात करेगा। अगर बिक्री रुकेगी तो GST, इनकम टैक्स, बैंक CC/OD, और करीब 1 करोड़ लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा। कर्मचारियों की तनख्वाह का मुद्दा भी उठेगा। इन सभी बिंदुओं पर विभिन्न एजेंसियों से चर्चा होगी और इसमें समय लगेगा। तब तक गंभीरता से व्यापार सामान्य रखें और ऐसा कोई माहौल न बनने दें जिससे स्थिति खराब हो। वहीं जौनपुर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा विशेष लोगों द्वारा ठोस सोना और बिस्कुट के निवेश के तौर पर हो रहे भण्डारण पर रोक लगाने से हैं। कोषाध्यक्ष विनोद सेठ ने ज्वेलर्स बन्धुओं से धैर्य बनाए रखने की अपील किया है।
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