जय रामजानकी युवा संगठन जगापुर ने किया सेवा कार्य

जलालपुर, जौनपुर। पिछले कई महीनों से देश में चल रहे महामारी से तो सभी लोग अवगत होंगे। बताने की कोई जरूरत नहीं है। हालात आने वाले दिनों में और भी बुरे हो सकते हैं तो इससे डरने की कोई जरूरत नहीं है। हमें इनका सामना करना होगा। यह तो सभी जानते हैं। इससे भाग नहीं सकते। गांव की हालत तो सबको पता है, क्योंकि अधिकांश लोग वहीं से सम्बन्ध रखते हैं। उक्त बातें त्रिलोचन महादेव क्षेत्र के जय रामजानकी युवा संगठन जगापुर के जिम्मेदारी सुनील कुमार ने कही। इस दौरान उन्होंने अपनी टीम के साथ तमाम जरूरतमन्दों की पूूर्ति किया। साथ ही आगे भी ऐसे लोगों की सेवा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने आगे कहा कि भगवान न करें कि महामारी यदि गांव में पांव पसार लिया तो बहुत ही बुरा हो जायेगा। देश के हालात तो सभी लोग देख रहे होंगे। गांव के युवा सोच रहे हैं कि बीमारी से लड़ने के लिये गांव में मूलभूत चीजें जैसे मास्क, साबुन आदि मिल जाय और सामाजिक दूरी बनाकर रहें तो एक बार इससे लड़ा भी जा सकता है। इसके लिये गांव में 500 सौ मास्क और 300 सौ साबुन बंटवाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिये कुछ पैसे की जरूरत पड़ेगी। लोगों से निवेदन है कि जिस गांव में पले-बढ़े हैं, उसको कैसे महामारी को सौंप सकते हैं तो गांव हित के लिये जिसको जो भी देना है, वह दे सकते हैं। इस अवसर पर तमाम लोग उपस्थित रहे।

जलालपुर, जौनपुर। पिछले कई महीनों से देश में चल रहे महामारी से तो सभी लोग अवगत होंगे। बताने की कोई जरूरत नहीं है। हालात आने वाले दिनों में और भी बुरे हो सकते हैं तो इससे डरने की कोई जरूरत नहीं है। हमें इनका सामना करना होगा। यह तो सभी जानते हैं। इससे भाग नहीं सकते। गांव की हालत तो सबको पता है, क्योंकि अधिकांश लोग वहीं से सम्बन्ध रखते हैं।

उक्त बातें त्रिलोचन महादेव क्षेत्र के जय रामजानकी युवा संगठन जगापुर के जिम्मेदारी सुनील कुमार ने कही। इस दौरान उन्होंने अपनी टीम के साथ तमाम जरूरतमन्दों की पूूर्ति किया। साथ ही आगे भी ऐसे लोगों की सेवा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने आगे कहा कि भगवान न करें कि महामारी यदि गांव में पांव पसार लिया तो बहुत ही बुरा हो जायेगा। देश के हालात तो सभी लोग देख रहे होंगे।

गांव के युवा सोच रहे हैं कि बीमारी से लड़ने के लिये गांव में मूलभूत चीजें जैसे मास्क, साबुन आदि मिल जाय और सामाजिक दूरी बनाकर रहें तो एक बार इससे लड़ा भी जा सकता है। इसके लिये गांव में 500 सौ मास्क और 300 सौ साबुन बंटवाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिये कुछ पैसे की जरूरत पड़ेगी। लोगों से निवेदन है कि जिस गांव में पले-बढ़े हैं, उसको कैसे महामारी को सौंप सकते हैं तो गांव हित के लिये जिसको जो भी देना है, वह दे सकते हैं। इस अवसर पर तमाम लोग उपस्थित रहे।