पूविवि के शिक्षक ने कोरोना फोबिया पर शुरू किया शोध

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर मनोज पाण्डेय ने कोरोना फोबिया पर शोध शुरू किया है। आनलाइन प्रश्नावली के माध्यम से तथ्यों का संकलन शुरू हो गया है। इस अध्ययन से बहुत सारे मनोवैज्ञानिक समस्याओं का पता लगाकर भविष्य में उनका निदान किया जा सकेगा। इस बाबत पूछे जाने पर डा. पाण्डेय ने बताया कि वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण से सम्पूर्ण विश्व त्रस्त है। दुनिया के हर व्यक्ति के अंदर एक डर समाया हुआ है कि कहीं वह इसका शिकार न हो जाय। मनोविज्ञान की भाषा में कोरोना वायरस से अज्ञात भय को ‘कोरो-फोबिया’ कहते हैं। ऐसी विकृत स्थिति में हम सभी मनोवैज्ञानिकों का दायित्व है कि लोगों के अन्दर की ‘कोरो-फोबिया’ की पहचान की जाय जिससे ससमय आपको उचित परामर्श दिया जा सके और आप अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सकें, इसलिये यह अध्ययन किया जा रहा है। इसमें किसी भी आयु वर्ग के लोग प्रतिभाग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज कोरोना से सम्बन्धित तमाम तरह की अपुष्ट सूचनाएं भी फोबिया को बढ़ाने में अपनी बड़ी भूमिका अदा कर रही हैं। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा दिये जा रहे दिशा-निर्देशों और उपलब्ध की जा रही सूचनाओं पर ध्यान दें।

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर मनोज पाण्डेय ने कोरोना फोबिया पर शोध शुरू किया है। आनलाइन प्रश्नावली के माध्यम से तथ्यों का संकलन शुरू हो गया है। इस अध्ययन से बहुत सारे मनोवैज्ञानिक समस्याओं का पता लगाकर भविष्य में उनका निदान किया जा सकेगा।

इस बाबत पूछे जाने पर डा. पाण्डेय ने बताया कि वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण से सम्पूर्ण विश्व त्रस्त है। दुनिया के हर व्यक्ति के अंदर एक डर समाया हुआ है कि कहीं वह इसका शिकार न हो जाय। मनोविज्ञान की भाषा में कोरोना वायरस से अज्ञात भय को ‘कोरो-फोबिया’ कहते हैं। ऐसी विकृत स्थिति में हम सभी मनोवैज्ञानिकों का दायित्व है कि लोगों के अन्दर की ‘कोरो-फोबिया’ की पहचान की जाय जिससे ससमय आपको उचित परामर्श दिया जा सके और आप अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सकें, इसलिये यह अध्ययन किया जा रहा है। इसमें किसी भी आयु वर्ग के लोग प्रतिभाग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज कोरोना से सम्बन्धित तमाम तरह की अपुष्ट सूचनाएं भी फोबिया को बढ़ाने में अपनी बड़ी भूमिका अदा कर रही हैं। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा दिये जा रहे दिशा-निर्देशों और उपलब्ध की जा रही सूचनाओं पर ध्यान दें।