डा. लालजी प्रसाद ने गिनायीं जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियां
आपदा राहत वितरण की भी दी विस्तृत जानकारी
तेजस टूडे ब्यूरो
रविंद्र चौधरी
उरई (जालौन)। विकास भवन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सभापति दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति विधान परिषद उत्तर प्रदेश डॉ० लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देश और प्रदेश में दलित, वंचित एवं पिछड़े वर्गों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का नया युग प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सबसे अधिक लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े गरीब एवं दलित परिवारों को मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना, स्वच्छ भारत मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने गरीब परिवारों के जीवन स्तर में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है। अब गरीबों के घरों में पक्की छत, बिजली की रोशनी, गैस चूल्हा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। पहले जो परिवार अभाव और उपेक्षा का जीवन जीने को मजबूर थे, आज वे सम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हाशिए पर खड़े दलित समुदायों— जैसे मुसहर, बसोर, बांसफोड़, धरकार एवं थारू समाज—को मुख्यमंत्री आवास योजना में प्राथमिकता प्रदान की जा रही है। साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा बाबा साहब डॉ० भीमराव आंबेडकर के सम्मान में लखनऊ के ऐशबाग में भव्य डॉ० आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है जहां 25 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि यह स्मारक सामाजिक न्याय और समरसता का प्रतीक बनेगा। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत घर-घर शौचालय निर्माण से सदियों पुरानी हाथ से मैला उठाने की अमानवीय प्रथा पर प्रभावी रोक लगी है। सरकार द्वारा सीवर सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों को अनिवार्य किया गया है तथा दुर्घटना की स्थिति में मृतक परिवारों को 30 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। स्टैंडअप इंडिया योजना के माध्यम से दलित एवं वंचित वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार हेतु 10 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है जिससे उनमें आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की भावना विकसित हो रही है। आज दलित समाज को केवल योजनाओं का लाभ ही नहीं, बल्कि शासन और राजनीति में भी सम्मानजनक भागीदारी मिल रही है।
डॉ० निर्मल ने जनपद में आपदा राहत कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को त्वरित राहत प्रदान की गई है। अब तक जनपद में 04 जनहानियों के मामलों में कुल 16 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं 8 पशुहानि प्रकरणों में 1 लाख 48 हजार 500 रुपये की सहायता प्रदान की गई है। अतिवृष्टि एवं अग्निकांड से प्रभावित 14 मकान क्षति प्रकरणों में कुल 1 लाख 77 हजार रुपये की राहत राशि वितरित की गई है। साथ ही अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में हुई ओलावृष्टि एवं अतिवृष्टि से प्रभावित 13,262 किसानों को कुल 8 करोड़ 41 लाख 27 हजार 349 रुपये की राहत राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। सरकार संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा आपदा प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है।
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