जामा मस्जिद में नहीं हुई अलविदा जुमे की नमाजः डेजी

जौनपुर।  अलविदा जुमा रमजान उल मुबारक माह का सबसे बड़ा इज्तेमा है। जिस मस्जिदों में नमाजे जुमा अदा की की जाती है, वहां पर भारी संख्या में मुसलमान नमाज अदा करने पहुंचते हैं। इस वर्ष महामारी के कारण घोषित लॉक डाउन की वजह से नमाज मस्जिदों में नहीं अदा की गयी। उक्त बातें शिया जामा मस्जिद नवाब बाग के मुतवल्ली शेख अली मंजर डेजी ने कही। साथ ही बताया कि हर वर्ष शिया जामा मस्जिद में अलविदा की नमाज में नमाजियों की इतनी भीड़ हो जाती थी कि मस्जिद में जगह नाकाफी हो जाने पर मस्जिद के बाहर सड़क पर नमाजी नमाज अदा करते थे। उन्होंने बताया कि अलविदा जुमा को इमामे जुमा मौलाना महफूजुल हसन खां की अध्यक्षता में बाद नमाजे जुमा यौमे कुद्दस का आयोजन किया जाता था लेकिन इस वर्ष जामा मस्जिद में नमाज के स्थगित होने के कारण कुद्दस दिवस भी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मोमनीन सोशल मीडिया के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र संघ तक फिलीस्तीन की आजादी के सिलसिले में अपना विरोध दर्ज करायें।

जौनपुर। अलविदा जुमा रमजान उल मुबारक माह का सबसे बड़ा इज्तेमा है। जिस मस्जिदों में नमाजे जुमा अदा की की जाती है, वहां पर भारी संख्या में मुसलमान नमाज अदा करने पहुंचते हैं। इस वर्ष महामारी के कारण घोषित लॉक डाउन की वजह से नमाज मस्जिदों में नहीं अदा की गयी। उक्त बातें शिया जामा मस्जिद नवाब बाग के मुतवल्ली शेख अली मंजर डेजी ने कही।

साथ ही बताया कि हर वर्ष शिया जामा मस्जिद में अलविदा की नमाज में नमाजियों की इतनी भीड़ हो जाती थी कि मस्जिद में जगह नाकाफी हो जाने पर मस्जिद के बाहर सड़क पर नमाजी नमाज अदा करते थे। उन्होंने बताया कि अलविदा जुमा को इमामे जुमा मौलाना महफूजुल हसन खां की अध्यक्षता में बाद नमाजे जुमा यौमे कुद्दस का आयोजन किया जाता था लेकिन इस वर्ष जामा मस्जिद में नमाज के स्थगित होने के कारण कुद्दस दिवस भी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मोमनीन सोशल मीडिया के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र संघ तक फिलीस्तीन की आजादी के सिलसिले में अपना विरोध दर्ज करायें।

जौनपुर। अलविदा जुमा रमजान उल मुबारक माह का सबसे बड़ा इज्तेमा है। जिस मस्जिदों में नमाजे जुमा अदा की की जाती है, वहां पर भारी संख्या में मुसलमान नमाज अदा करने पहुंचते हैं। इस वर्ष महामारी के कारण घोषित लॉक डाउन की वजह से नमाज मस्जिदों में नहीं अदा की गयी। उक्त बातें शिया जामा मस्जिद नवाब बाग के मुतवल्ली शेख अली मंजर डेजी ने कही। साथ ही बताया कि हर वर्ष शिया जामा मस्जिद में अलविदा की नमाज में नमाजियों की इतनी भीड़ हो जाती थी कि मस्जिद में जगह नाकाफी हो जाने पर मस्जिद के बाहर सड़क पर नमाजी नमाज अदा करते थे। उन्होंने बताया कि अलविदा जुमा को इमामे जुमा मौलाना महफूजुल हसन खां की अध्यक्षता में बाद नमाजे जुमा यौमे कुद्दस का आयोजन किया जाता था लेकिन इस वर्ष जामा मस्जिद में नमाज के स्थगित होने के कारण कुद्दस दिवस भी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मोमनीन सोशल मीडिया के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र संघ तक फिलीस्तीन की आजादी के सिलसिले में अपना विरोध दर्ज करायें।
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