Tuesday, August 9, 2022

कोरोना का कहर आज भी रहा जारी, 188 का खेला पारी | #TEJASTODAY

जौनपुर। मंगलवार 27 जुलाई को जनपद के लिए सबसे मुश्किलों वाला दिन रहा। अब तक की आयी रिपोर्ट में मंगलवार को रिकॉर्ड स्तर पर 188 पॉजिटिव ने जनपद को स्तब्ध कर दिया। जनपद में कुल संक्रमितों की संख्या 1617 हो गयी है। स्थानीय प्रशासन द्वारा किये जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद जनपद में कोरोना संक्रमितों की संख्या रुकने का नाम नहीं ले रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को आयी कोरोना रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा मुंगरा बादशाहपुर के 51, शाहगंज के 37, जौनपुर के 34, जलालपुर के 20, बदलापुर के 9, खुटहन के 9, करंजाकलां के 7, बक्शा के 7, डोभी के 4, मुफ्तीगंज के 2, केराकत के 2, मछलीशहर, सिरकोनी, धर्मापुर, रामपुर, बरसठी व अन्य 1-1 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।

जौनपुर। मंगलवार 27 जुलाई को जनपद के लिए सबसे मुश्किलों वाला दिन रहा। अब तक की आयी रिपोर्ट में मंगलवार को रिकॉर्ड स्तर पर 188 पॉजिटिव ने जनपद को स्तब्ध कर दिया। जनपद में कुल संक्रमितों की संख्या 1617 हो गयी है। स्थानीय प्रशासन द्वारा किये जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद जनपद में कोरोना संक्रमितों की संख्या रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को आयी कोरोना रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा मुंगरा बादशाहपुर के 51, शाहगंज के 37, जौनपुर के 34, जलालपुर के 20, बदलापुर के 9, खुटहन के 9, करंजाकलां के 7, बक्शा के 7, डोभी के 4, मुफ्तीगंज के 2, केराकत के 2, मछलीशहर, सिरकोनी, धर्मापुर, रामपुर, बरसठी व अन्य 1-1 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।

चंदन अग्रहरि शाहगंज, जौनपुर। क्षेत्र के सहावें गांव स्थित मुन्नू पोल्ट्री फार्म से रविवार की रात अज्ञात चोरों बकरा चुरा ले गए। भुक्तभोगी ने मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को दे दी है। क्षेत्र के सहावें गांव निवासी इरशाद उर्फ मन्नू की गांव स्थित पोल्ट्री फार्म है रविवार की रात अज्ञात चोरों ने पोल्ट्री फार्म में घुस कर तीन बकरा चुरा ले गए। भुक्तभोगी ने मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को दे दी है। सुरेरी, जौनपुर। एक तरफ जहाँ प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छता अभियान को लेकर तरह तरह की योजनाएं चलाकर साफ सफाई के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ सुरेरी क्षेत्र के भदखिन गांव में पीच रोड के पास कूड़ा फेंकने से मना करने पर दवंग पड़ोसियों द्वारा एक विकलांग युवक व उसके परिजनों की पिटाई कर दी गई। जानकारी के अनुसार सुरेरी थाना क्षेत्र के भदखिन गांव निवासी विकलांग युवक प्रदीप ने सुरेरी थाने पर प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है की मेरे पड़ोसी नहरु लाल, शिव प्रकाश व गौरी मेरे मकान के पास से निकले पिच रोड पर जबरदस्ती कूड़ा फेंक रहे थे। जब मेरी बहन निर्मला ने मकान के सामने कूड़ा फेंकने का विरोध किया तो दवंग पड़ोसियों ने उसकी पिटाई कर दी, इस दौरान बीच बचाव के लिये मौके पर पहुचने पर मुझे व मेरे भाई नन्हे को भी पिट कर घायल कर दिये। इस संदर्भ में थानाध्यक्ष सुरेरी मुन्ना राम धुसिया ने बताया की तहरीर मिली है, जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। अतुल राय जलालपुर, जौनपुर। क्षेत्र के अभिनव पूर्व माध्यमिक विद्यालय नाहरपट्टी की प्रधानाध्यापिका संजू चौधरी ने शिक्षा सम्बंधित एक प्रेस वार्ता के दौरान कही कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में सभी स्कूलों, कालेजों को सुरक्षा की दृष्टि से बन्द करा दिया गया है और प्रतिदिन शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य कर दिया गया है। यह बहुत अच्छी बात है। सरकार बच्चों को आनलाईन पढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही है। जबकि हम सभी लोग जानते हैं कि शहरी इलाकों में कुछ हद तक आनलाइन पढाई किया जा सकता है, परन्तु ग्रामीण इलाकों में यह कार्य बहुत कठिन है। कठिन इसलिए है कि ग्रामीण इलाकों में किसी के पास एन्ड्राइड सेट मोबाइल नहीं है और यदि है तो नेटवर्क नहीं और कुछ लोगों का मोबाइल रिचार्ज नहीं है सभी लोग सक्षम नहीं है। इसलिए कठिनाई हो रही। ऐसी परिस्थितियों में बच्चों का भविष्य खराब हो जाएगा। यदि सरकार और शिक्षा विभाग के आला अधिकारी एक एक कक्षा को दो दो दिन चलाने का रोस्टर बनाते हुए अनुमति दें तो सोसल डिस्टेंसिंग के साथ एक दिन में एक ही कक्षा के बच्चों को तीन कमरों मे बैठाकर पढ़ाया जा सकता है और उनको होमवर्क देकर शिक्षा को बेहतर बनाते हुए बच्चों के भविष्य को सवारा जा सकता है। जैसे प्राथमिक विद्यालयों में दो दिन तीन के बच्चे को तो दो दिन चार के फिर दो दिन पाँच के बच्चों को पढ़ाया जाय। उसी तरह पूर्व माध्यमिक विद्यालय में दो दिन 6 को, दो दिन 7 को तथा दो दिन 8 के बच्चों को पढ़ाए जाने की अनुमति दी जाए तो शिक्षा की दृष्टि से बेहतर हो सकता है। ऐसा हम शिक्षकों का विचार है। क्योंकि सरकार बच्चों के लिए नि:शूल्क किताबों के साथ ड्रेस, बैग, शूज आदि सुविधाएं तो दे ही रही है, लेकिन जब तक बच्चों को शिक्षा नहीं मिलेगा तब तक इन सुविधाओं से कोई लाभ नहीं होना है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा सरकार को इन विषयों पर विचार करनी चाहिए।

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