ग्राम प्रधान की शिकायत करना युवक को पड़ा महंगा

जौनपुर। ग्राम प्रधान के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत पर चल रही जांच के मामले में युवक को अनेक प्रकार की धमकी मिल रही है। भयभीत युवक पुलिस अधीक्षक कार्यालय, आवास और थाने का चक्कर लगाया लेकिन उसे राहत नहीं मिली बल्कि थाने पर उसका आवेदन न लेकर लाक डाउन का उल्लंघन करना दर्शाते हुए दो हजार का चालान काट दिया गया। प्रकरण शाहगंज तहसील और थाना सराय ख्वाजा क्षेत्र के छतौरा गांव है। उक्त गांव के दिलीप कुमार मिश्र ने बीते 8 अप्रैल को कलेक्ट्रेट में स्थित कन्ट्रोल रूम में शिकायती पत्र देकर बताया कि ग्राम प्रधान ने उसके मनरेगा के खाते से 21 सौ रूपया अगूंठा लगवा कर निकलवाने के बाद हड़प लिया। इसी प्रकार तमाम मजदूरों के खाते से धमका कर रूपया निकाला गया है। मनरेगा का अधिकतर काम ठेके पर कराया गया है उसका भुगतान मजदूरों के खाते से कर सरकारी धन का दुरूपयोग किया जा रहा है। मामले की जांच शाहगंज के तहसीलदार द्वारा शुरू किया गया और मौके पर पहुंच कर किया लेकिन अभी तक प्रधान के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। अब हालत यह है कि ग्राम प्रधान और कोटेदार के पुत्रों द्वारा उसे धमकी दी जा रही है कि शिकायत वापस ले लो वरना इसका परिणाम तुम्हारे और तुम्हारे परिजनों के साथ घातक होगा। इससे उक्त युवक भयजदा है कई जगह मोबाइल पर अपनी व्यथा सुनाने के बाद जब उसे कुछ नहीं सूझा तो रविवार को वह अपने जान माल की सुरक्षा के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पुलिस अधीक्षक आवास पर गया लेकिन उसका आवेदन नहीं लिया गया और उसे काई सान्त्वना नहीं दिया गया तो वह थाने पर भागा। जहां उसे पहले लाकअप में बन्द किया गया और कहा गया कि तुमने लाकडाउन का उल्लंघन किया है तुम्हे जेल भेजा जायेगा, लेकिन कुछ देर बाद चालान के नाम पर उससे दो हजार रूपया लेकर छोड़ दिया गया। अब युवक और उसका परिवार दहशत के साये में जी रहा है। उसका कहना है कि व लोग किसी अनहोनी घटना को अजांम दे सकते है।

जौनपुर। ग्राम प्रधान के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत पर चल रही जांच के मामले में युवक को अनेक प्रकार की धमकी मिल रही है। भयभीत युवक पुलिस अधीक्षक कार्यालय, आवास और थाने का चक्कर लगाया लेकिन उसे राहत नहीं मिली बल्कि थाने पर उसका आवेदन न लेकर लाक डाउन का उल्लंघन करना दर्शाते हुए दो हजार का चालान काट दिया गया। प्रकरण शाहगंज तहसील और थाना सराय ख्वाजा क्षेत्र के छतौरा गांव है।

उक्त गांव के दिलीप कुमार मिश्र ने बीते 8 अप्रैल को कलेक्ट्रेट में स्थित कन्ट्रोल रूम में शिकायती पत्र देकर बताया कि ग्राम प्रधान ने उसके मनरेगा के खाते से 21 सौ रूपया अगूंठा लगवा कर निकलवाने के बाद हड़प लिया। इसी प्रकार तमाम मजदूरों के खाते से धमका कर रूपया निकाला गया है। मनरेगा का अधिकतर काम ठेके पर कराया गया है उसका भुगतान मजदूरों के खाते से कर सरकारी धन का दुरूपयोग किया जा रहा है।

मामले की जांच शाहगंज के तहसीलदार द्वारा शुरू किया गया और मौके पर पहुंच कर किया लेकिन अभी तक प्रधान के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। अब हालत यह है कि ग्राम प्रधान और कोटेदार के पुत्रों द्वारा उसे धमकी दी जा रही है कि शिकायत वापस ले लो वरना इसका परिणाम तुम्हारे और तुम्हारे परिजनों के साथ घातक होगा। इससे उक्त युवक भयजदा है कई जगह मोबाइल पर अपनी व्यथा सुनाने के बाद जब उसे कुछ नहीं सूझा तो रविवार को वह अपने जान माल की सुरक्षा के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पुलिस अधीक्षक आवास पर गया लेकिन उसका आवेदन नहीं लिया गया और उसे काई सान्त्वना नहीं दिया गया तो वह थाने पर भागा।

जहां उसे पहले लाकअप में बन्द किया गया और कहा गया कि तुमने लाकडाउन का उल्लंघन किया है तुम्हे जेल भेजा जायेगा, लेकिन कुछ देर बाद चालान के नाम पर उससे दो हजार रूपया लेकर छोड़ दिया गया। अब युवक और उसका परिवार दहशत के साये में जी रहा है। उसका कहना है कि व लोग किसी अनहोनी घटना को अजांम दे सकते है।