प्रवासी मजदूरों की अनदेखी को लेकर बिहार समाज सेवा संघ गंभीर

जौनपुर। जिलाधिकारी दिनेश सिंह एवं आरक्षी अधीक्षक अशोक कुमार ने सल्तनत बहादुर इण्टर कालेज बदलापुर में बने शेल्टर होम का निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शेल्टर होम में रह रहे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाय। साथ ही समस्त उपजिलाधिकारी एवं थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि तहसीलों में बने शेल्टर होम में रह रहे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर रिपोर्ट दें। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही 14 दिन से अधिक क्वारेंटाइन में रह रहे लोगों के छोड़ने पर निर्णय लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि शेल्टर होम में रह रहे लोगों को भोजन-पानी की कोई समस्या न हो तथा एक-दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी पर मास्क लगाकर रहें। उपजिलाधिकारी बदलापुर अंजनी सिंह ने बताया कि सल्तनत बहादुर इण्टर कालेज में 191 व महाविद्यालय में 141 लोगों को क्वारेंटाइन में रखा गया है।

उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड व उड़ीसा सरकार को अवगत करा दिया गया हैः राजू ओझा हैदराबाद। बिहार समाज सेवा संघ हैदराबाद ने बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखण्ड, उड़ीसा सरकार को पत्र लिखकर अवगत कराया कि इस समय की महामारी में तेलंगाना राज्य के मुख्यमंत्री के कहने पर भी प्रवासी मजदूरों की अनदेखी की जा रही है। प्रत्येक राज्य सरकार को पत्र लिखकर अवगत कराया कि तेलंगाना राज्य सरकार से बात करके रास्ता निकाला जाय। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा के जरूरतमन्दों को राशन कार्डधारकों को राशन नहीं दिया जा रहा है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन उनके नीचे स्तर से लेकर बस्ती तक के नेता नहीं कर रहे हैं। इससे मुख्यमंत्री का नाम बदनाम किया जा रहा है जबकि वह प्रत्येक लोगों के लिये अच्छा सोच एवं कर रहे हैं। संघ के चेयरमैन राजू ओझा ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि संघ के माध्यम से जब तक इस मामले पर सुनवाई नहीं होगा, तब तक पत्र लिखना जारी रहेगा। हैदराबाद स्थित संघ 1 हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को पक्का खाना और सूखा राशन पहुंचाने का काम कर रहा है। संघ के पदाधिकारियों ने दूरभाष के माध्यम से बैठक किया जहां वर्तमान परिस्थिति सहित आने वाले चुनौतियों के बारे में विचार किया गया। उन्होंने समस्त पदाधिकारियों को अपने कार्यकर्ताओं के साथ सभी हिन्दी भाषी प्रदेशों के जरूरतमन्दों के सम्पर्क में रहने को कहा। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि सभी मजदूरों को खाने का सामान या खाना चाहे तो सरकारी या प्राइवेट श्रोत से सुनिश्चित किया जाना चाहिये। वहीं समाज के अध्यक्ष पप्पू सिन्हा ने इस बात पर चिंता जतायी कि कुछ जगहों पर राशन वितरण में प्रवासी लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। समाज इस बारे में पहले ही मुख्यमंत्री को ईमेल भेजकर अवगत करा चुका है। वहीं उपाध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि माध्यम वर्ग की समस्याओं जैसे मकान का किराया, आने वाले समय को देखते हुये स्कूल फीस आदि के बारे में ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने समाज के सदस्यों से आग्रह किया की इस मुद्दे को राज्य सरकार तक पहुंचाया जाय। महामंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि हम सबको उन सभी मजदूरों के स्वास्थ्य और सामाजिक दुरी का ख्याल करना पड़ेगा जो लोग एक ही कमरे में कई संख्या में रहते हैं। संघ के सभी पदाधिकारियों ने उन सभी पुलिस अधिकारियों, पालिकाकर्मियों, स्वास्थ्य सेवा में लगे कर्मियों सहित वे दूसरे लोग जो व्यक्तिगत स्तर पर समाज सेवा में लगे हैं, उनको धन्यवाद दिया। साथ ही यह उम्मीद भी जतायी कि देश जल्दी ही इस महामारी से उबर करके प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ेगा और लोगो के चेहरों पर मुस्कान आयेगी। उन्होंने बताया कि उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुये तेलंगाना राज्य सरकार को समाज द्वारा पत्र के माध्यम से अवगत करा दिया गया है, ताकि नगर के प्रत्येक क्षेत्र में जरुरतमन्दों को राशन-पानी भिजवाया जा सके। चेयरमैन राजू ओझा ने कहा कि संघ से जुड़े लोग किसी भी जरूरतमन्द को कुछ देते समय फोटो आदि लेकर उनका मजाक न उड़ायें।

उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड व उड़ीसा सरकार को अवगत करा दिया गया हैः राजू ओझा

हैदराबाद। बिहार समाज सेवा संघ हैदराबाद ने बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखण्ड, उड़ीसा सरकार को पत्र लिखकर अवगत कराया कि इस समय की महामारी में तेलंगाना राज्य के मुख्यमंत्री के कहने पर भी प्रवासी मजदूरों की अनदेखी की जा रही है। प्रत्येक राज्य सरकार को पत्र लिखकर अवगत कराया कि तेलंगाना राज्य सरकार से बात करके रास्ता निकाला जाय। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा के जरूरतमन्दों को राशन कार्डधारकों को राशन नहीं दिया जा रहा है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन उनके नीचे स्तर से लेकर बस्ती तक के नेता नहीं कर रहे हैं। इससे मुख्यमंत्री का नाम बदनाम किया जा रहा है जबकि वह प्रत्येक लोगों के लिये अच्छा सोच एवं कर रहे हैं।

संघ के चेयरमैन राजू ओझा ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि संघ के माध्यम से जब तक इस मामले पर सुनवाई नहीं होगा, तब तक पत्र लिखना जारी रहेगा। हैदराबाद स्थित संघ 1 हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को पक्का खाना और सूखा राशन पहुंचाने का काम कर रहा है। संघ के पदाधिकारियों ने दूरभाष के माध्यम से बैठक किया जहां वर्तमान परिस्थिति सहित आने वाले चुनौतियों के बारे में विचार किया गया। उन्होंने समस्त पदाधिकारियों को अपने कार्यकर्ताओं के साथ सभी हिन्दी भाषी प्रदेशों के जरूरतमन्दों के सम्पर्क में रहने को कहा। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि सभी मजदूरों को खाने का सामान या खाना चाहे तो सरकारी या प्राइवेट श्रोत से सुनिश्चित किया जाना चाहिये।

वहीं समाज के अध्यक्ष पप्पू सिन्हा ने इस बात पर चिंता जतायी कि कुछ जगहों पर राशन वितरण में प्रवासी लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। समाज इस बारे में पहले ही मुख्यमंत्री को ईमेल भेजकर अवगत करा चुका है। वहीं उपाध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि माध्यम वर्ग की समस्याओं जैसे मकान का किराया, आने वाले समय को देखते हुये स्कूल फीस आदि के बारे में ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने समाज के सदस्यों से आग्रह किया की इस मुद्दे को राज्य सरकार तक पहुंचाया जाय।

महामंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि हम सबको उन सभी मजदूरों के स्वास्थ्य और सामाजिक दुरी का ख्याल करना पड़ेगा जो लोग एक ही कमरे में कई संख्या में रहते हैं। संघ के सभी पदाधिकारियों ने उन सभी पुलिस अधिकारियों, पालिकाकर्मियों, स्वास्थ्य सेवा में लगे कर्मियों सहित वे दूसरे लोग जो व्यक्तिगत स्तर पर समाज सेवा में लगे हैं, उनको धन्यवाद दिया। साथ ही यह उम्मीद भी जतायी कि देश जल्दी ही इस महामारी से उबर करके प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ेगा और लोगो के चेहरों पर मुस्कान आयेगी।

उन्होंने बताया कि उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुये तेलंगाना राज्य सरकार को समाज द्वारा पत्र के माध्यम से अवगत करा दिया गया है, ताकि नगर के प्रत्येक क्षेत्र में जरुरतमन्दों को राशन-पानी भिजवाया जा सके। चेयरमैन राजू ओझा ने कहा कि संघ से जुड़े लोग किसी भी जरूरतमन्द को कुछ देते समय फोटो आदि लेकर उनका मजाक न उड़ायें।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *