टीमवर्क से ही बड़ी सफलता और परिवर्तन सम्भव है: राजीव कुमार यादव

सौरभ सिंह जौनपुर। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों द्वारा चलाया जा रहा वेबीनार आज तीसरे दिन मुख्य अतिथि के तौर पर सिकरारा विकास खंड के शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने वेबीनार में उपस्थित सभी शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया और बताया की यह जो लॉक डाउन में शिक्षकों द्वारा अभिनव पहल की गई है। यह कहीं न कहीं शिक्षकों को तकनीकी रूप से और मजबूत करेगा और आने वाले भविष्य में उन्हें अन्य समस्याओं से सामना करने का एक नया विकल्प देगा। शिक्षक यदि परिवर्तन चाहता है तो जरूरी है कि वह परिवर्तन स्वयं में लाएं। अधिकारी और शिक्षक मिलकर किसी भी परिस्थिति की फिज़ा बदल सकते हैं। मुख्य विशेषज्ञ के तौर पर बाराबंकी की शिक्षिका और समाज सेविका शिवानी सिंह ने आंकलन के प्रकार और उनके अन्य आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा शिक्षक अपने आंकलन में कल्पनाशक्ति व रचनात्मकता को भी स्थान दें। केवल किताबी ज्ञान या सैद्धांतिक ज्ञान देने से ही बच्चे का सर्वांगीण विकास नहीं होगा। बच्चे को यह पता होना चाहिए कि जो ज्ञान शिक्षक उसे दे रहें हैं, उसकी व्यवहारिकता क्या है? शिक्षकों ने इस वेबीनार में अपने प्रश्न पूछे जिनके प्रश्नों से वे संतुष्ट हुए और एक नई ऊर्जा के साथ आने वाले समय में वह अपने शिक्षण कार्य में संलग्न होंगे। अंत में मिशन शिक्षण संवाद की जिला समन्वयक उषा सिंह ने सभी अतिथिगण व शिक्षकों का आभारज्ञापित किया।

सौरभ सिंह
जौनपुर। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों द्वारा चलाया जा रहा वेबीनार आज तीसरे दिन मुख्य अतिथि के तौर पर सिकरारा विकास खंड के शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने वेबीनार में उपस्थित सभी शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया और बताया की यह जो लॉक डाउन में शिक्षकों द्वारा अभिनव पहल की गई है। यह कहीं न कहीं शिक्षकों को तकनीकी रूप से और मजबूत करेगा और आने वाले भविष्य में उन्हें अन्य समस्याओं से सामना करने का एक नया विकल्प देगा।

शिक्षक यदि परिवर्तन चाहता है तो जरूरी है कि वह परिवर्तन स्वयं में लाएं। अधिकारी और शिक्षक मिलकर किसी भी परिस्थिति की फिज़ा बदल सकते हैं। मुख्य विशेषज्ञ के तौर पर बाराबंकी की शिक्षिका और समाज सेविका शिवानी सिंह ने आंकलन के प्रकार और उनके अन्य आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा शिक्षक अपने आंकलन में कल्पनाशक्ति व रचनात्मकता को भी स्थान दें।

केवल किताबी ज्ञान या सैद्धांतिक ज्ञान देने से ही बच्चे का सर्वांगीण विकास नहीं होगा। बच्चे को यह पता होना चाहिए कि जो ज्ञान शिक्षक उसे दे रहें हैं, उसकी व्यवहारिकता क्या है? शिक्षकों ने इस वेबीनार में अपने प्रश्न पूछे जिनके प्रश्नों से वे संतुष्ट हुए और एक नई ऊर्जा के साथ आने वाले समय में वह अपने शिक्षण कार्य में संलग्न होंगे। अंत में मिशन शिक्षण संवाद की जिला समन्वयक उषा सिंह ने सभी अतिथिगण व शिक्षकों का आभार ज्ञापित किया।

सौरभ सिंह जौनपुर। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों द्वारा चलाया जा रहा वेबीनार आज तीसरे दिन मुख्य अतिथि के तौर पर सिकरारा विकास खंड के शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने वेबीनार में उपस्थित सभी शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया और बताया की यह जो लॉक डाउन में शिक्षकों द्वारा अभिनव पहल की गई है। यह कहीं न कहीं शिक्षकों को तकनीकी रूप से और मजबूत करेगा और आने वाले भविष्य में उन्हें अन्य समस्याओं से सामना करने का एक नया विकल्प देगा। शिक्षक यदि परिवर्तन चाहता है तो जरूरी है कि वह परिवर्तन स्वयं में लाएं। अधिकारी और शिक्षक मिलकर किसी भी परिस्थिति की फिज़ा बदल सकते हैं। मुख्य विशेषज्ञ के तौर पर बाराबंकी की शिक्षिका और समाज सेविका शिवानी सिंह ने आंकलन के प्रकार और उनके अन्य आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा शिक्षक अपने आंकलन में कल्पनाशक्ति व रचनात्मकता को भी स्थान दें। केवल किताबी ज्ञान या सैद्धांतिक ज्ञान देने से ही बच्चे का सर्वांगीण विकास नहीं होगा। बच्चे को यह पता होना चाहिए कि जो ज्ञान शिक्षक उसे दे रहें हैं, उसकी व्यवहारिकता क्या है? शिक्षकों ने इस वेबीनार में अपने प्रश्न पूछे जिनके प्रश्नों से वे संतुष्ट हुए और एक नई ऊर्जा के साथ आने वाले समय में वह अपने शिक्षण कार्य में संलग्न होंगे। अंत में मिशन शिक्षण संवाद की जिला समन्वयक उषा सिंह ने सभी अतिथिगण व शिक्षकों का आभार ज्ञापित किया।
Deepak Jaiswal 7007529997, 9918557796
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