भीषण गर्मी में सूखे तालाबों ने खोली सरकारी दावों की पोल, प्यासे पशु-पक्षी बेहाल
जल संरक्षण की योजनाएं कागजों तक सीमित, बढ़ा भ्रष्टाचार, ग्रामीणों ने की तालाबों में पानी भरवाने की मांग
तेजस टूडे ब्यूरो
जयशंकर द्विवेदी/धर्मेन्द्र सिंह
बल्दीराय, सुलतानपुर। भीषण गर्मी के इस दौर में बल्दीराय तहसील के बल्दीराय और धनपतगंज ब्लाक क्षेत्रों के अधिकांश तालाब सूख चुके हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि क्षेत्र के लगभग 97 प्रतिशत तालाबों में पानी नहीं बचा है जिससे पशु-पक्षियों के सामने गंभीर जल संकट उत्पन्न हो गया है। जहां सरकार जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और अमृत सरोवर जैसी योजनाओं को प्राथमिकता देने का दावा कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि तालाबों के संरक्षण और जलभराव के नाम पर प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन गर्मी आते ही अधिकांश तालाब सूख जाते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि योजनाओं पर धन खर्च हुआ है तो तालाबों में पानी क्यों नहीं है? लोगों का आरोप है कि सरकारी तंत्र की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण जल संरक्षण की मंशा धरातल परही फ्लॉप हो रही है।
नहरों एवं माइनरों से जोड़े जायं तालाब
स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि तालाबों को मनरेगा द्वारा नहरों और माइनरों से जोड़ा जाए तथा समय-समय पर उनमें पानी भरवाया जाए तो वर्ष भर जल उपलब्ध रह सकता है। इससे न केवल पशु-पक्षियों को राहत मिलेगी, बल्कि भूगर्भ जल स्तर भी स्थिर रहेगा। जल स्रोतों के जीवित रहने से पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा और क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा मिलेगा।
पानी के अभाव में पशु-पक्षियों का गहराया संकट
गर्मी के कारण तालाबों के सूख जाने से आवारा पशु, गोवंश, वन्य जीव और पक्षी पानी की तलाश में भटक रहे हैं। कई स्थानों पर पशु दूर-दराज के क्षेत्रों में पानी खोजने को मजबूर हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि प्राकृतिक जल स्रोतों का समाप्त होना जैव विविधता के लिए भी गंभीर खतरा है।
भ्रष्टाचार पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यदि तालाबों में नहरों/माइनरों द्वारा नियमित जलभराव की व्यवस्था हो जाए तो हर वर्ष सफाई और जल संरक्षण के नाम पर होने वाले अनावश्यक खर्चों पर भी अंकुश लगेगा। इससे सरकारी धन का सदुपयोग सुनिश्चित होगा तथा भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी।
जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सूखे तालाबों में पानी भरवाने, नहरों और माइनरों से उनका संपर्क स्थापित करने तथा जल संरक्षण योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में जल संकट और गंभीर रूप धारण कर सकता है जिसका सीधा असर पशु-पक्षियों, पर्यावरण और आम जनजीवन पर पड़ेगा।
बीडीओ धनपतगंज ने कहा
जानकारी करने पर धनपतगंज खण्ड विकास अधिकारी दिव्या सिंह ने बताया कि तालाबों में पानी भरवाने के लिए सभी प्रधानों को आदेशित किया गया है। जांच करवाकर शासनादेशों का अनुपालन करवाया जायेगा।
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