मेडिकल कालेज विवाद में कार्यकारी प्राचार्य डा. अरविन्द त्रिवेदी पर गिरी गाज
उनको हटाकर भेजा गया नया प्राचार्य
तेजस टूडे ब्यूरो
रविन्द्र चौधरी
उरई, (जालौन)। राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में चिकित्सकों और एक मरीज के साथ आये तीमारदारों के बीच हुए विवाद के मामले में शासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कार्यकारी प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी का चार्ज छीन लिया है। उनकी जगह डॉ. महेंद्र सिंह को नया प्राचार्य नियुक्त कर दिया गया है। शासन का आदेश उत्तर प्रदेश शासन, चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-1 द्वारा जारी आदेश के तहत डॉ. महेंद्र सिंह आचार्य पैथोलॉजी विभाग राजकीय मेडिकल कॉलेज कानपुर को अग्रिम आदेशों तक राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन (उरई) का प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि डॉ. महेंद्र सिंह को कोई पृथक वेतन या भत्ता नहीं दिया जाएगा। उनका वेतन पूर्ववत् कानपुर मेडिकल कॉलेज से ही आहरित होता रहेगा। उन्हें तत्काल नवीन पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि 18 मई को राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में चिकित्सकों एवं एक मरीज के परिजनों के बीच गंभीर विवाद हुआ था जिसके चलते अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना की जांच के लिए जिलाधिकारी राजेश पांडेय ने तुरंत तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी थी जिसमें अपर जिलाधिकारी प्रेमचंद मौर्य को अध्यक्ष बनाया गया। इसके पहले बस दुर्घटना के घायल एवं मृत यात्रियों के इलाज के समय भी डॉ. अरविंद त्रिवेदी की कथित अनुपस्थिति और हृदयहीनता सामने आई थी। जब जिलाधिकारी राजेश पांडेय और पुलिस अधीक्षक स्वयं कॉलेज पहुंचकर घायलों के उच्च स्तरीय इलाज के लिए एम्बुलेंस व्यवस्था कर रहे थे तब भी प्राचार्य डॉ. त्रिवेदी मौके पर नहीं पहुंचे। इस पर जिलाधिकारी ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई थी।
इन लगातार घटनाओं के बाद शासन ने डॉ. अरविंद त्रिवेदी को हटाने का फैसला लिया।
जांच समिति जिलाधिकारी द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति में शामिल हैं: प्रेमचंद मौर्य अपर जिलाधिकारी जालौन (अध्यक्ष), डॉ. पूनम अवस्थी सह आचार्य फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग मेडिकल कॉलेज उरई (सदस्य), ईशान सोनी आईपीएस अपर पुलिस अधीक्षक जालौन (सदस्य)। समिति को घटना के सभी पहलुओं, सुरक्षा व्यवस्था, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाने के निर्देश दिए गए हैं। नए प्राचार्य डॉ. महेंद्र सिंह के कार्यभार संभालने के बाद मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक सुधार की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
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