रामकिंकर कला अर्पण प्रदर्शनी में उभरी रंगों एवं रेखाओं की जीवंत अभिव्यक्ति
तेजस टूडे ब्यूरो
मुकेश तिवारी
झांसी। ललित कला संस्थान बुंदेलखंड विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय सेवायोजना के संयुक्त तत्वावधान में महान चित्रकार एवं मूर्तिकार रामकिंकर बैज की जयंती पर आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी “रामकिंकर कला अर्पण” का शुभारंभ किया गया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की कलाकृतियों ने दर्शकों को भारतीय आधुनिक कला की संवेदनशीलता और सृजनात्मकता से रूबरू कराया। कार्यक्रम में संस्थान की समन्वयक डॉ. श्वेता पाण्डेय ने रामकिंकर बैज की कला यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी कला में ग्रामीण जीवन, मानवीय संवेदनाएं और रंगों-रेखाओं का अद्भुत संतुलन दिखाई देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को कला के क्षेत्र में निरंतर नए प्रयोग करने और अपनी सृजनात्मक पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि रामकिंकर बैज के मूर्तिशिल्प भारतीय कला जगत की अमूल्य धरोहर हैं जिन्होंने देश को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। वहीं कला मर्मज्ञ गोविंद यादव ने उनके शिल्पों को भारतीय कला परंपरा का अद्वितीय उदाहरण बताया। कार्यक्रम में डॉ. रानी शर्मा, डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. संतोष कुमार एवं गजेन्द्र सिंह ने भी विद्यार्थियों को रामकिंकर बैज की कला दृष्टि को आत्मसात करने का संदेश दिया। अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा निर्मित चित्रों एवं कला कृतियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा विश्वविद्यालय को गौरवान्वित कर रही है। प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय आधुनिक कला, चित्रकला एवं मूर्ति कला के विविध आयामों से परिचित कराना रहा। आयोजन ने विद्यार्थियों में कला के प्रति शोधपरक सोच, आत्मविश्वास और सृजनात्मक अभिव्यक्ति को नई दिशा प्रदान किया।
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