कलेक्ट्रेट से शुरू होगी स्वच्छता की नयी कार्य संस्कृति
हर दूसरे एवं चौथे शनिवार चलेगा विशेष अभियान
तेजस टूडे ब्यूरो
आशीष पचौरी
फिरोजाबाद। जनपद में सरकारी कार्यालयों को स्वच्छ, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक नई पहल शुरू की है। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर समेत सभी सरकारी दफ्तरों में नियमित स्वच्छता अभियान संचालित किए जाने की घोषणा करते हुए इसे केवल सफाई तक सीमित न रखकर कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने पर जोर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे शनिवार को विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी स्वेच्छा से दो घंटे का श्रमदान करेंगे। प्रशासन का उद्देश्य कार्यालय परिसरों को साफ-सुथरा रखने के साथ उनमें अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि केवल एक दिन सफाई कर देना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उस स्वच्छता को लंबे समय तक बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत बीते दिनों जिन स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया था, वहां दोबारा गंदगी न फैले इसके लिए फूलों और सजावटी पौधों का रोपण कराया गया है। कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी परिसरों में जहां-जहां अनुपयोगी सामग्री, कबाड़ या गंदगी के ढेर मिले हैं, उन स्थानों को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से साफ कराया जा रहा है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि साफ किए गए स्थान दोबारा कूड़ा डालने की जगह न बनें।
अभियान के दौरान केवल बाहरी सफाई पर ही ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि कार्यालयों की बुनियादी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि कई भवनों में रखरखाव और संचालन से जुड़ी छोटी-छोटी तकनीकी कमियां सामने आई हैं जिन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कार्यालयों का वातावरण बेहतर और व्यवस्थित बन सके। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों और कर्मचारियों से अपील की कि इस पहल को औपचारिक सरकारी कार्यक्रम न समझा जाए, बल्कि जनहित और नागरिक जिम्मेदारी से जुड़े अभियान के रूप में अपनाया जाए। प्रशासन का मानना है कि यदि सरकारी कार्यालय स्वच्छ और अनुशासित होंगे तो इसका सकारात्मक संदेश आम जनता तक भी पहुंचेगा।
स्वच्छता अभियान के बाद जिलाधिकारी ने अमृत सरोवर का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सरोवर की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को इसे और अधिक व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने के निर्देश दिये। साथ ही कहा कि अमृत सरोवर केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि जनसामान्य के लिए स्वच्छ और उपयोगी सार्वजनिक स्थल भी बनने चाहिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक अरविंद द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे मोहन लाल गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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