प्रसार परिषद की छठी बैठक सम्पन्न
प्रसार निदेशालय की गतिविधियों पर विशेषज्ञों ने किया मंथन
तेजस टूडे ब्यूरो
रूपा गोयल
बांदा। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छठी प्रसार परिषद् की बैठक का आयोजन विश्वविद्यालय के सेनेट हॉल में सफलतापूर्वक किया गया। इस दौरान डॉ. एन.के. बाजपेयी निदेशक प्रसार ने अतिथियों का स्वागत किया और प्रसार निदेशालय की विगत वर्ष की गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, किसान हितकारी पहलों तथा नवाचारों की जानकारी साझा की जो क्षेत्रीय कृषि विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एसवीएस राजू ने की। ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता करते हुए प्रो राजू ने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रसार निदेशालय अपने 7 कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से बुन्देलखण्ड के किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकी और परामर्श पहुंचाने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रहा है। आने वाले समय में पर्यावरण परिवर्तन पर केंद्रित विभिन्न प्रसार गतिविधियों प्रारम्भ करने की योजना है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी 7 कृषि विज्ञान केंद्रों के अध्यक्ष एवं प्रभारियों द्वारा अपने केंद्रों की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। प्रस्तुत रिपोर्टों में किसानों के प्रशिक्षण, तकनीकी हस्तांतरण, फील्ड प्रदर्शन तथा स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु किए गए कार्यों का उल्लेख किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में डा. रणजय सिंह सहायक उपमहानिदेशक (कृषि प्रसार) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता करते हुए प्रसार तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि के रूप में डा. राघवेंद्र सिंह निदेशक कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान कानपुर, डा. जितेन्द्र क्वात्रा निदेशक प्रसार गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर तथा डा. ओ.पी. ओझा वरिष्ठ वैज्ञानिक (बीज उत्पादन) पंतनगर विश्वविद्यालय ने भी अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किये।
अतिथियों ने कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका, नवीन तकनीकों के प्रभावी प्रसार, किसान उन्मुख कार्यक्रमों के सुदृढ़ क्रियान्वयन तथा क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय एवं केवीके के मध्य समन्वय बढ़ाने तथा किसानों की आय वृद्धि हेतु नवाचार आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बी. के. गुप्ता, सहायक निदेशक प्रसार ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण से हुआ जिसे डॉ. नरेन्द्र सिंह, सह-निदेशक प्रसार ने प्रस्तुत किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने प्रसार गतिविधियों के महत्व एवं किसानों तक तकनीकी जानकारी पहुंचाने में विश्वविद्यालय की भूमिका पर प्रकाश डाला। अंत में डा. मयंक दुबे सहायक निदेशक प्रसार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया जिसमें उन्होंने सभी उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
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