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मयंक कश्यप

  • योगेंद्र सिंह “योगी” ने कहा कि हमें सदैव असत्य के खिलाफ और सत्य के साथ कार्य करने की जरूरत है 

वाराणसी। मानवाधिकार CWA के चेयरमैन योगेंद्र सिंह “योगी” ने सूबेदार सिंह के जीवन परिचय और उनकी विचारधारा को व्यक्त करते हुए बताया कि सूबेदार सिंह की शिक्षा कक्षा (सात) तक चकिया में, कक्षा 8 से 10 तक रामनगर में हुई। जब ये कक्षा 8 में पढ़ते थे उस समय यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS (Rashtriya Swayamsevak Sangh) की शाखा लगाते थे, 30 जनवरी 1948 महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई।

सूबेदार सिंह ने सत्य की लड़ाई के लिए अपने जीवन को निछावर किया
सूबेदार सिंह ने सत्य की लड़ाई के लिए अपने जीवन को निछावर किया

उस समय ये कक्षा 9 में पढ़ते थे, देश में महात्मा गांधी के प्रति देशवासियों में सहानुभूति की लहर दौड़ गई उस समय की सरकार ने संघ पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन उन्होंने संघ की शाखा लगाने का कार्य बंद नहीं किया, जिसके कारण पुलिस ने गिरफ्तार कर ज्ञानपुर जेल में बंद कर दिया, बाद में छोड़ दिया गया तथा माहौल शांत होने पर संघ पर से प्रतिबंध हटा लिया गया। उस समय काशी नरेश का राज्य था, अभी तक काशी नरेश ने भारत में विलय पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। जेल से रिहा होने के बाद ही सन 1948 में ही राज्य के शिक्षा मंत्री मान वंश नारायण सिंह जो रामनगर में ही रहते थे।

साडाडीह गांव आकर प्राथमिक पाठशाला की स्थापना कराई कुछ समय बाद ही काशी राज्य को भारत में विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए, उस मौके पर यह भी रामनगर में उपस्थित थे कक्षा 10 तक की पढ़ाई पूरी कर इंटरमीडिएट की पढ़ाई उदय प्रताप कॉलेज (क्षत्रिय कॉलेज) से की सन 1952 में स्नातक की पढ़ाई के लिए BHU (Banaras Hindu University) में प्रवेश लिया, साथ साथ संघ का भी कार्य करते रहे। विश्व विद्यालय की पढ़ाई के समय ही पूर्ण रूप से संघ के प्रति समर्पित हो गए तथा अध्ययन के समय भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS (Rashtriya Swayamsevak Sangh) की शाखा लगाने का कार्य अनवरत जारी रहा।

आजमगढ़ में प्रचारक का कार्य किए उसके बाद मिर्जापुर में लंबे समय तक जिला प्रचारक का कार्य किए तथा जब भी जिले में रज्जू भैया को (प्रो0 राजेंद्र सिंह) का दौरा होता था। हमेशा उनके साथ रहते थे तथा रज्जू भैया इनको मानते थे जो बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख सर संघ चालक बने इन्होंने गांव का नया नाम उदयपुर रखा सन 1977 में वर्तमान सरकार ने देश में आपातकाल लगा दिया तथा उस समय यह बनारस में संघ कार्यालय पर रहते थे तथा RSS (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के विभाग प्रचारक थे वर्तमान के 28 जिले संघ पर प्रतिबंध लगा दिया गया, संघ के लोगों की तथा अन्य विरोधियों को सरकार द्वारा गिरफ्तारियां की जाने लगी आपातकाल का विरोध करने के लिए गांव के ही तीन लोगों ने गिरफ्तारियां दी।

जिनको आज पेंशन मिलती है इन्होंने अपनी गिरफ्तारी नहीं दी कथा वेश बदलकर संघ का कार्य करते थे पुलिस इनको नहीं गिरफ्तार कर पाई जिसके कारण पुलिस ने घर आकर कुर्की की कार्रवाई की। बाद में आपातकाल काल हटा तथा संघ से प्रतिबंध भी हटा तथा संघ का कार्य करते रहे।बाद में इनको भाजपा के प्रदेश का कार्य दिया गया जिसमें इनको उत्तर प्रदेश का उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड उस समय एक था का संगठन मंत्री बनाया गया तथा लखनऊ भाजपा कार्यालय पर रहकर कई वर्षों भाजपा का कार्य संभाला। लखनऊ में रहकर माधव प्रसाद त्रिपाठी, कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, राम प्रकाश गुप्ता, कलराज मिश्रा के साथ मिलकर भाजपा संगठन का दायित्व निभाया। इनको सन 1984 में चंदौली लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी बनाया गया तथा चुनाव प्रचार लालकृष्ण आडवाणी ने आकर कई स्थानों पर जनसभा किया।

उसके बाद कुछ समय तक भाजपा का कार्य कीजिए राजनीति से संयास ले लिया विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल के कई बार आग्रह के बाद V.H.P. (Vishva Hindu Parishad) के केंद्रीय संयुक्त मंत्री तथा मंत्री राष्ट्रीय गौरक्षा आंदोलन समिति का दायित्व केंद्रीय कार्यालय दिल्ली में रखकर संभाला तथा माननीय अशोक सिंह के साथ दिल्ली कार्यालय पर रह कर कार्य किये। अभी लगभग 97 वर्ष की आयु में गांव पर ही रहते हैं।और लगभग 100 वर्ष की आयु में पैतृक गांव में कल दिनांक 04/01/2020 को शाम 6 बजे निधन हो गया। आज उनका मारिकर्णिका घाट पर उनके ज्येष्ठ पुत्र राघवेंद्र सिंह ने मुखाग्नि दी। इस दुखद समय पर ओमप्रकाश सिंह ओपी, शिवदास सिंह, डॉ राजेन्द्र सिंह, राहुल सिंह, उदय प्रताप सिंह, राधेश्याम सिंह, देवेंद्र सिंह सदस्य भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली भारत सरकार, अजय सिंह मानवाधिकार CWA के संस्थापक योगेन्द्र प्रताप सिंह के अलावा आदि लोग मौजूद रहे।