वैदिक दर्शन प्रतिष्ठान के सभागृह में हुआ

मुंबई। वैदिक दर्शन प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में नारायण प्रकाशन वाराणसी से प्रकाशित गीत संग्रह ‘तुम जलाना दीप बाती’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुधाकर मिश्र ने की जबकि महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के कार्याध्यक्ष डॉ. शीतला प्रसाद दुबे बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

ख्यातिलब्ध युवा समालोचक डॉ. जीतेन्द्र पाण्डेय ने पुस्तक के गीतों को ही पुस्तक-परिचय के रूप में रेखांकित किया। इस क्रम में उन्होंने ‘पीर’ शीर्षक का एक गीत पढ़ा, “छलक न जाये पीर नयन से, छलकी तो नादानी होगी, रहने दो इसको मन में ही, यह कुछ और सयानी होगी” अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉ. मिश्र ने ‘आजादी के परवाने’ शीर्षक गीत को बड़े मनोयोग से पढ़ा और इतने सुंदर गीत संग्रह के प्रकाशन पर अपनी खुशी जाहिर की। तीन सत्रों में विभाजित इस समारोह में ‘हिंदी के श्रेष्ठ बाल नाटक’ का विमोचन भी हुआ।

दूसरे सत्र में समाज का आदि संविधान मनुस्मृति’ पर एक गंभीर चर्चा-परिचर्चा हुई। तीसरे सत्र में युवा कवि पवन तिवारी, कमलेश पाण्डेय ‘तरुण’, विनय शर्मा ‘दीप’, डॉ. अभय शुक्ला और तेजस सुमा श्याम ने अपनी बेहतरीन रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षाविद प्राचार्य रामनयन दुबे उपस्थित थे। आकाशवाणी मुंबई के वरिष्ठ उद्घोषक आनंद सिंह, नरेंद्र शास्त्री और सुमन मिश्रा ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। इस अवसर पर महानगर के सैकड़ों शिक्षक, साहित्यकार, मीडियाकर्मी एवं व्यवसायी उपस्थित थे।