10 दिवसीय तबला कार्यशाला का हुआ उद्घाटन
तेजस टूडे ब्यूरो
एनके मिश्र
लखीमपुर खीरी। भगवानदीन आर्य कन्या महाविद्यालय एवं उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में प्राधिकृत नियंत्रक नरेंद्र बहादुर सिंह के संरक्षण और प्राचार्य प्रो. गीता शुक्ला की अध्यक्षता एवं संगीत विभागाध्यक्ष शिवांगी सक्सेना असिस्टेंट प्रोफेसर तबला के संयोजन/निर्देशन में भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परम्परा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित 10 दिवसीय तबला कार्यशाला का भव्य उद्घाटन हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों, विद्यार्थियों, कलाकारों एवं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके पश्चात सरस्वती वंदना एवं संगीतमय प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय एवं सुरमय बना दिया। लवीशा, फ़िज़ा, रीता ने स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। सहयोग जसविंदर कौर संगीत गायन शिक्षिका एवं तबले पर संगत शिवांगी सक्सेना द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र में उपस्थित मुख्य अतिथि डॉ विशाल साहू प्रयागराज से उपस्थित रहे। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य ने समस्त छात्रों/छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कार्यशाला के महत्व को बताया। साथ ही कहा कि इस तरह की कार्य शाला आयोजित करने का उद्देश्य अपनी संस्कृति एवं सभ्यता से जोड़ना है जिसके लिये NEP द्वारा सरकार भी बढ़ावा दे रही है।
अतिथि ने भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं तबला वादन की परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगीत आत्मा की अभिव्यक्ति है तथा तबला भारतीय संगीत की लय और ताल का आधार माना जाता है। संगीत एक महंगा शौक है जो हर कोई नहीं खरीद सकता। इस प्रकार की कार्यशालाएँ युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ भारतीय संस्कृति एवं कला के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को नियमित रियाज़, अनुशासन एवं समर्पण के साथ संगीत साधना करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के प्रशिक्षिका/संचालिका शिवांगी सक्सेना ने बताया कि आगामी दस दिनों तक प्रतिभागियों को तबले की मूलभूत संरचना, तालों का अभ्यास, बोल, कायदा, रेला, टुकड़ा, मुखड़ा, संगत एवं एकल वादन की तकनीकों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही मंच प्रस्तुति एवं ताल ज्ञान की विशेष जानकारी भी दी जाएगी। इस अवसर पर महाविद्यालय की शिक्षकाएं प्रो रेखा पाण्डेय, डॉ सुरचना त्रिवेदी, अर्चना सिंह, जसविंदर कौर, वसुधा सहित तमाम छात्राएं उपस्थित रही।
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